भाषा अपना समाज के दरसावेला, ओकरा माहौल के देखावेला. एही चलते अलग अलग जगहा के लोग अलग अलग भाषा बोलेला. कई बेर भा अधिकतर एक जगहा के भाषा दोसरा जगहा के आदमी ना बुझ पावे. एक भाषा में जवन शब्द खराब भा फूहड़ मानल जाला हो सकेला कि दोसरा भाषापूरा पढ़ीं…

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भउजी हो ! का बबुआ ? तोहार नाँव का हऽ ? ना बताएब. तोहार उमिर कतना भइल ? ना बताएब. तोहार धरम का ह ? ना बताएब. बिआहे अइलू ओकरा बाद कतना के गहना बनववलू ? ना बताएब. कवना बेमारी के ईलाज करावे नइहर गइल रहलू ? कई हालि कहपूरा पढ़ीं…

सिनेमा भोजपुरी के नम्बर वन अदाकारा रिंकू घोष हालही में एगो फिलिम साईन कइले बाड़ी जवना के नाम ह ‘कोठा’. लीक से हटल भूमिका चुने में रिंकू घोष के कवनो जवाब नइखे आ एहू फिलिम के लेके ऊ बहुते उत्साहित बाड़ी. उनुकर हालिया फिलिम ‘बिदाई’, ‘बलिदान’, ‘सईंया ड्राईवर बीबी खलासी’पूरा पढ़ीं…

जल्दिये रिलीज होखे जात भोजपुरी फिलिम “मेहरारू चाही मिल्की व्हाईट” के आपन आपन डबिंग उगत सितारा प्रियेश सिन्हा आ स्टार अदकारा रानी चटर्जी पूरा कर लिहल लोग. महुआ टीवी के शो “भौजी नं० १” के देवर के रूप में चर्चित प्रवेश एह फिलिम से सिनेमा के रुपहला परदा पर नजरपूरा पढ़ीं…

सिनेमा भोजपुरी के मेगा स्टार आ लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी ‘मृदुल’ के आजुवो होली से एक दिन पहिले उबटन लगवावल नीमन लागेला. कहेलन कि उनुका इयाद बा कि माई हमनी सगरी भाई बहिन के पिसल सरसो के उबटन लगावत रहुव. पहिले त हमनी का उबटन का नामे से भाग पराईंपूरा पढ़ीं…

‘ हिन्दी में सम्पादकीय की परम्परा खत्म हो रही है. साहित्य और पत्रकारिता एक दूसरे से विछिन्न हो रहे हैं, वहीं अखबार दैनिक साहित्य है जो जितना कालातीत होता है उतना ही तात्कालिक भी होता है. अखबार तात्कालिकता का आईना है.’ ई कहना रहे सन्मार्ग से प्रकाशित सम्पादकीय संकलन “कहीपूरा पढ़ीं…

घुंघरू का बजते हमनी के अगल बगल के माहौल संगीत मय बनि जाला बाकिर दीपक सावंत आ अभिषेक चड्ढ़ा के फिल्म “गंगादेवी” में जब एगो अपंग, तोतला आ चुगलखोर शख्स बाकी किरदारन के आपसी संबंधन में सेंध लगावे खातिर घुंघरू के झंकार छेड़ी त भोजपुरी फिलिमन में खलनायकी के सगरीपूरा पढ़ीं…

“गंगा”, “गंगोत्री” आ “गंगादेवी” का बाद निर्देशक अभिषेक चड्ढ़ा अब अपना अगिलका फिलिम “गंगाराम जी” के तइयारी में लाग गइल बाड़न. अबही एह फिल्म के कथा-पटकथा पर काम करत अभिषेक चड्ढ़ा के कहना बा कि उनुका नज़र में गंगा से पवित्र दोसर कुछ नइखे. इहे वजह ह कि उनुका हरपूरा पढ़ीं…

सोलह सिंगारन से लैस, माथ पर मटकी उठवले एह चतुर नार के देखि चिहुँक त ना गइनी ? नारि बनल ई नर हउवन भोजपुरी इंडस्ट्री के असली सुपरस्टार दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’ जे दीपक सावंत आ अभिषेक चड्ढ़ा के फिल्म ‘गंगादेवी’ में अपना हुस्न के जलवा देखावत नज़र अइहें. मरद होपूरा पढ़ीं…

सिनेमा भोजपुरी के मन मिजाज बाकी फिलिमन से अलगा होला. एहिजा लीक से अलगा हटते दर्शकन के हाजमा बिगड़े लागेला. अइसना में केहु लीक तूड़े का जिद पर कामयाबी से अड़ल रहे, त ओकर कोशिश बड़ाई के काबिल होखी. अभिषेक चड्ढ़ा अइसने निर्देशक हउवे जे अपना हर फिलिम में प्रयोगपूरा पढ़ीं…

सिनेमा भोजपुरिया में नया नायक का रूप में आइल रवि केसरी अपना पारी के शुरूआत अनामिका फिल्मस प्रस्तुति आ अरूण कुमार मंडल के बनावल फिल्म ‘बड़का-छोटका’ से करीहे. एह फिल्म में रवि छोटका बनल बाड़े. रवि केसरी एह बारे में बतवलन कि सबही जानेला कि छोटका दुलरूआ होखला चलते बहुतेपूरा पढ़ीं…