कहि देहब ए राजा राति वाली बतिया : बाति के बतंगड़ – 19

December 26, 2016 Editor 0

– ओ. पी. सिंह महफिल अपना शबाब पर रहुवे. नाच मण्डली के मलकिनी साज वालन का पीछे बइठल नचनियन के जोश बढ़ावत रहली. मसनद के […]

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रोज-रोज काका टहल ओरियइहें !

December 23, 2016 Editor 0

(भोजपुरी गीत) – डा. अशोक द्विवेदी भीरि पड़ी केतनो, न कबों सिहरइहें.. रोज-रोज काका टहल ओरियइहें! भोरहीं से संझा ले, हाड़ गली बहरी जरसी छेदहिया […]

गलत बेख़ौफ़ घूमे घर नगर में

December 22, 2016 Editor 0

(भोजपुरी ग़जल) – सुधीर श्रीवास्तव “नीरज” जहां मे लौटि आइल जा रहल बा बचल करजा चुकावल जा रहल बा। हवस दौलत के कइसन ई समाइल […]

आखिर के ठगाता

December 20, 2016 Editor 5

– डा० अमरेन्द्र मिश्र शेखर के गांजा के इ पहिलका दम रहे। अवरू सब साथी गांजा के दम पचावे आ जोम से मुँह आ नाक […]