Month: जनवरी 2017

अपना चौथा क्लास के ड्राइंग बुक – नीतिन नीरा चन्द्रा के निर्देशित वीडियो

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित भोजपुरी फिलिम देसवा के निर्देशक नीतिन चन्द्रा अपना निर्देशन में बनावल एगो वीडियो पिछला 21 जनवरी 2017 के यू ट्यूब प डलले बाड़न. एह वीडियो के…

फाटल कुर्ता आ चरखा के सूत : बाति के बतंगड़ – 23

– ओ. पी. सिंह पिछलका हफ्ता बहुते कुछ देखे सुने के मिलल. ओही में से कुछ बातन के चरचा. खादी विभाग के कलेण्डर प चरखा चलावत मोदी के देख उनुका…

जबरा मारबो करी आ रोवहूं ना दी : बाति के बतंगड़ – 22

– ओ. पी. सिंह आपन देश गजबे ह. एहिजा तरह तरह के अजूबा देखे के मिलि जाला. सबले बरियार नेता के तानाशाह बतावत तरह तरह के विशेषणन से नवाज दीहल…

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 10

माया माहाठगिनि “माया माहाठगिनि” डॉ. गदाधर सिंह के भोजपुरी ललित निबंध संग्रह हटे, जवना के द्वितीय संस्करण के प्रकाशन सन् 2013 में निलय प्रकाशन, वीर कुँअर सिंह विश्वविद्यालय परिसर, आरा,…

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 9

मुट्ठी भर भोर ” मुट्ठी भर भोर ” डॉ. अरुणमोहन भारवि के भोजपुरी कहानी संकलन हटे, जवना के प्रकाशन सन् 2013 में अरुणोदय प्रकाशन, आर्य आवास, भारतीय स्टेट बैंक (मुख्य…

नीक-जबून-5   

डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल के डायरी रसियाव खाईं आ टन-टन काम करत रहीं आजु स्टाफ रूम में अपना गीत के एगो लाइन गुनगुनात रहीं- “ननदी का बोलिया में बने रसियाव…

किताबि आ पत्रिका के परिचय – 8

मातृभाषाई अस्मिता बोध “मातृभाषाई अस्मिता बोध” डॉ. जयकांत सिंह के भोजपुरी मातृभाषा चिंतन पर एगो प्रबंधात्मक पुस्तक बिया, जवना के प्रकाशन सन् 2016 में राजर्षि प्रकाशन, मुजफ्फरपुर – 842001 (बिहार)…

बाप के नाम साग-पात, बेटा के नाम परोरा : बाति के बतंगड़ – 21

– ओ. पी. सिंह पिछला हफ्ता लिखले रहीं कि नाम में का धइल बा आ एह हफ्ता फेरु नामे के चरचा ले के बइठ गइनी. बाकि करीं त का ?…