साल 1971 में बनल राजेश खन्ना के फ़िलिम हाथी मेरे साथी आ 1976 में बचवन ला बनल फिलिम सफेद हाथी का बाद अनेके भासन में बनल सैकड़न फिलिमन में हाथी के परदा प देखावल त गइल बाकि ऊ फिलिम के मुख्यपात्र ना बनावल गइल. कवनो फिलिम के कहानी ओकर परिक्रमापूरा पढ़ीं…

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– ओ. पी. सिंह एह घरी फैशन हो चलल बा डॉक्टरन के कवनो ना कवनो बहाने ठोकाई कइला के. गरीब के जोरू भर गाँव देवर. जेकरे मन करी आके चुहल क जाई. सड़क प हादसा हो गइल. लाद फाद के अस्पताल ले आवल गइल. अपराधी गोली मार के आराम सेपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह जब सोशल मीडिया ना रहल त जवन रहल ऊ टीवी चैनल. जब टीवी चैनल ना रहल त जवन रहल ऊ अखबार. पता ना जब अखबार ना रहल त एह कोना के खबर ओह कोना ले कइसे चहुँपत रहल. हम त जब से होश सम्हरली तब सेपूरा पढ़ीं…

काल्हु अतवार का दिने गोरखपुर भोजपुरी संगम’ क 87वीं बइठकी खरैया पोखरा, बसारतपुर, गोरखपुर में स्व.सत्तन जी के आवास पर सम्पन्न भइल. एहकर अध्यक्षता सूर्य देव पाठक ‘पराग’ जी आ संचालन धर्मेंद्र त्रिपाठी जी कइलीं. बइठकी में नरसिंह बहादुर चंद जी, सुधीर श्रीवास्तव जी, चंदेश्वर परवाना जी, अकिंचन जी, प्रेमपूरा पढ़ीं…

बलिया के बापू भवन सभागार में काल्हु अतवार का दिने विश्व भोजपुरी सम्मेलन के बलिया इकाई आ भोजपुरी दिशाबोध के पत्रिका पाती के आयोजन में भोजपुरी के तीन गो मूर्धन्य साहित्यकारन – बरमेश्वर सिंह, श्रीकृष्ण कुमार आ विजय मिश्र – के पाती अक्षर सम्मान से सम्मानित कइल गइल. दिन भरपूरा पढ़ीं…

– नीरज सिंह पुरनका शिवाला के पुजारी पं. गोबिन मिसिर के पराती के राग पहिले उठे कि मियाँ टोली के मुरुगवन के बांग पहिले सुनाय- इ केहू ना कहि सकत रहे। ई दुनो बात होखे आ ओकरा संगे-संगे सउँसे जगदीशपुर में जगरम हो जाय। बाग-बगइचन में चिरई चहचहाय लागँ सन।पूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह समाज के अनुभव इहे बा कि नीमन काम करे वाला के आए दिन मुसीबत झेले के पड़ेला. ओकरा से सभकर उमीद अतना बढ़ि जाला कि ओकर छोटहनो कमी बहुते बड़ लागे लागेला. तीस बरीस बाद अपना दल के संसद में अकेले बहुमत दिआवे वाली भाजपा सेपूरा पढ़ीं…

– लव कान्त सिंह “लव” कुछो अब सोहाते नइखे, का लिखीं बुझाते नइखे। नेता कोई गद्दार लिखीं, डाकू के सरदार लिखीं, चोर के पहरेदार लिखीं, कि गरीब के अलचार लिखीं, ई उलझन सुझाते नइखे का लिखीं बुझाते नइखे। घोटाला के बाजार लिखीं, बढ़त भ्रष्टाचार लिखीं, अफसर के बेवहार लिखीं, किपूरा पढ़ीं…