– ओ. पी. सिंह कहे के त नेता लोग देश समाज के सेवा में लागल रहेला बाकिर असलियत में ऊ लोग एह सेवा का नाम पर मेवा खाए में डूबल रहेला. देश के सीमा प चीन आपन नजर गड़वले बा बाकिर कांग्रेस के लोग ओकरा साथे साँठ गाँठत लउकत बा.पूरा पढ़ीं…

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20 जुलाई 2017 का दिने संघ के प्रचारक स्वंयसेवक, भाजपा के नेता, आ हाल फिलहाल में बिहार के राज्यपाल रहल रामनाथ कोविन्द जी के देश के 14वाँ राष्ट्रपति का रुप में चुनइला के आधिकारिक एलान हो गइल. सोनिया गाँधी के अगुअई में बहुते विराधी गोल मिल के बाबू जगजीवन रामपूरा पढ़ीं…

– केशव मोहन पाण्डेय एगो किताब के भूमिका में रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव ऊर्फ जुगानी भाई लिखले बाड़े कि ‘भाषा आ भोजन के सवाल एक-दोसरा से हमेशा जुड़ल रहेला. जवने जगही क भाषा गरीब हो जाले, अपनहीं लोग के आँखि में हीन हो जाले, ओह क लोग हीन आ गरीब हो जालंऽ.’ ओही के झरोखा से देखतपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह नानी किहाँ से आवते नतिया एगो ज्ञान के बात बघार दिहलसि कि अपना देश के पीएम कायर बाड़ें. अब ऊ एह बात के जवना संदर्भ में कहले होखे सोशल मीडिया जरुर मान लिहलसि कि नतिया क्वालिटी के स्मैक पीएला. पता ना स्मैक भा कोकेन वाली बातपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह लइकाईं के गावल सुनल दू गो लाइन याद आवत बा – नानी किहाँ जाएब, पुअवा पकाएब। नानी कही बतिया रे, आइल हमार नतिया रे. ममहर जाए के तब अलगे आनन्द रहल रहुए. बाकिर लइकाईं छूटल त गँवे गँवे ममहरो छूट गइल. लेकिन कांग्रेस के युवराज किस्मतपूरा पढ़ीं…

– हरेंद्र हिमकर कहिया ले अाशा के तमाशा चली भाई लोगिन ? कहिया ले दिल्ली के दुलारी भोजपुरिया? कहिया ले मान मिली माई भोजपुरिया के? कहिया ले बात से ठगाई भोजपुरिया? माई के जो मान ना त काथी के गुमान भाई? कईसे चलता सीना तान भोजपुरिया? आठवीं सूची मे नामपूरा पढ़ीं…

– गुरविन्दर सिंह राह घाट लउके ना, छपलस अन्हरिया झिमिर झिमिर बरसेले करिया बदरिया! खेतवा में मकई के गाड़ल मचानी सूतल बा जाके बलमु अभिमानी निनिया उड़ावेले चिन्ता फिकिरिया! डर लागे रतिया में सियरा हुँड़रवा ओहू ले ऊपर मुदइयन के डरवा मेघवा के गड़गड़ में चिहुँके बिजुरिया ! कहे बदेपूरा पढ़ीं…

‘भोजपुरी संगम’ क 89 वीं बइठकी स्व.सत्तन जी के आवास पर दू सत्र में वरिष्ठ रचनाकार सूर्य देव पाठक ‘पराग’ जी के अध्यक्षता आ धर्मेन्द्र त्रिपाठी के संचालन में सम्पन्न भइल। पहिला सत्र में कुशीनगर के उगम चौधरी ‘मगन’ आपन पांच गो कविता पढ़लें आ दू समीक्षक डा.कुमार नवनीत अउरपूरा पढ़ीं…

– ओ. पी. सिंह मोदी जी के सरकार बनला का बादे से हरमेश कुछ ना कुछ अइसन होत गइल जवन मुश्किल से बरदाश्त करत गइल आदमी. बाकिर अबकी जवन भइल तवन त सीधे बरदाश्त का बाहर हो गइल बा. मीडिया का त पेटे प लात मरले जात बाड़न. एगो ऊपूरा पढ़ीं…

चलीं दिल्ली…….. भोजपुरी खातिर विशाल धरना प्रदर्शन 9 अगस्त 2017 का दिने दिल्ली के जंतर मंतर पर होई भोजपुरिया जुटान भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ आठवीं अनुसूची में शामिल करावे के माँग का साथे “भोजपुरी जन जागरण अभियान” के बैनर तले राष्ट्र स्तर पर चलावल जा रहल भोजपुरी भाषा मान्यतापूरा पढ़ीं…

– जलज कुमार अनुपम फरिश्ता बचावे ला लड़बे करी. मान काठी जवानी के ढलबे करी. भितरी दिल बाटे, दिल तs मचलबे करी. दमकी साधि के आखिर ई कब ले सही, जवन दबल बा तवन निकलबे करी. कब ले केहु उड़ी आखिर आकास में, पेट कुहकी, लात जमीन पर धरबे करी.पूरा पढ़ीं…