Month: अगस्त 2017

राजनीति के रंग आ रंग के राजनीति – बतंगड़ 50

– ओ. पी. सिंह राजनीति के रंग-ढंग रंगो मैं राजनीति ले के चल आइल बा. कहल जाला कि राजनीति के असर जिनिगी के हर पहलू प पड़ेला आ एकरा से…

खलील खाँ बहुते दिन फाख्ता उड़ा लिहलन – बतंगड़ 49

– ओ. पी. सिंह गुजरात से राज्यसभा के तीन गो सीट ला भइल चुनाव में जइसन दाँवपेंच देखे के मिलल तइसन आजु ले देखे ला ना मिलल रहुवे. लोग त…

जिबह आ झटका के राजनीति – बतंगड़ 48

– ओ. पी. सिंह समुझ में नइखे आवत कि अब एह देश के राजनीति कइसे चली. अबहीं ले देश के हिन्दूवन के आ हिन्दुत्व के राजनीति करे वाला जनसंघ-भाजपा में…

सावन -सिसक गइल बा

– डॉ राधेश्याम केसरी ढहल दलानी अब त सउँसे, पुरवइया क झांटा मारे, सनसनात ठंढा झोका से, देहिया काँप गइल बा। मेजुका-रेवां गली- गली में, झेंगुर छोड़े मिठकी तान, रोब…

भोजपुरी रंगकर्म संस्था रंगश्री के नाट्यलेखन प्रतियोगिता

भोजपुरी भाषा आ साहित्य के प्रति भोजपुरिया लोग हमेशा से लागल रहल बा. कई दशकन से ई एगो आंदोलन के रूप ले लेले बा। एह आंदोलन के तहत भोजपुरी नाट्य…

भक्तन के मुसीबत के दिन आइल बा – बतंगड़ 47

– ओ. पी. सिंह सेकूलर मीडिया में भक्तन के नाम से जानल जाए वालन के मुसीबत के दिन आ गइल बा. संकेत त हमेशा से रहुवे बाकिर ऊ दिन अतना…