भोजपुरिया समाज : कब बदली तेवर

September 28, 2017 Editor 0

– भगवती प्रसाद द्विवेदी भोजपुरिया समाज शुरूए से कबो ना थाकेवाली मेहनत, जीवटता, संघर्षशीलता, अपना दम-खम आउर बल-बेंवत का बदउलत मनमाफिक मुकाम हासिल करे खातिर […]

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विजया, के जया ? – बतंगड़ 55

September 28, 2017 Editor 0

– ओ. पी. सिंह संस्कृत भा संस्कृत से उपजल भाषावन में कवनो दोसरा शब्द का पहिले लाग के ओह बाद वाला शब्द के माने बदलत […]

रोहिंग्या रोहेंगा – बतंगड़ 54

September 27, 2017 Editor 0

– ओ. पी. सिंह कुछ बात बा हिन्दुस्तान में कि नमकहराम एकरा खिलाफो रहेलें आ एहिजे ठाँवो खोजेलें. हिन्दुस्तान के बड़हन जमात रहला का बावजूद […]

साँच उघारल जरूरी बा !

September 26, 2017 Editor 1

– डॉ अशोक द्विवेदी हम भोजपुरी धरती क सन्तान, ओकरे धूरि-माटी, हवा-बतास में अँखफोर भइनी। हमार बचपन आ किशोर वय ओकरे सानी-पानी आ सरेहि में […]