रचनात्मक आन्दोलन के लौ भोजपुरी भासा के हर दौर में बरल बा

October 29, 2017 Editor 0

– सौरभ पाण्डेय भोजपुरी के भासाई तागत भर ना, बलुक एकर आजु ले बनल रहला के तागत प केहू निकहे से सोचे लागो आ अंदाजे […]

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गोधन

– रामरक्षा मिश्र विमल हमनी के ‘गोधन’ (भैया दूज) मनावे के तरीका अलग होला। आजु भोरहीं मए बहिनि अपना भाई के भर मन सरापेली सन […]

मईया लछिमी तू मड़ई में अइतू

October 19, 2017 Editor 0

– हरीन्द्र हिमकर मईया लछिमी तू मड़ई में अइतू दुअरिआ पर दिअरी सजइतीं मड़ई में अइतू त चटइ बिछइतीं गाइ का गोबरा से अंगना लिपइतीं […]

बिहंसs दुल्हिन दिया जरावs

October 19, 2017 Editor 0

– हरीन्द्र ‘हिमकर’ बिहंसs दुल्हिन दिया जरावs कुच -कुच रात अन्हरिया हे। नेहिया के बाती उसकावs बिहंसो गांव नगरिया हे। तन के दिअरी,धन के दिअरी, […]

दुमुंहा

October 16, 2017 Editor 0

– जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ललछौंहा कवनों फोड़ा टीसत रहे कुलबुलात रहलें चोरी चुपके परजीवी कृमि चीरा लगते अंउजाइल बहरियाए लगलें । तीखर घामे दँवकल भीत […]

स्व. परमेश्वर दूबे ‘शाहाबादी’ के शोध ग्रंथ के लोकार्पण समारोह

जमशेदपुर के प्रतिनिधि साहित्यिक संस्था ‘रचनाकार’ का बैनर तले एकर संस्थापक सचिव डॉ परमेश्वर दूबे ‘शाहाबादी’ के शोध ग्रंथ “पूर्वी उत्तरप्रदेश की भोजपुरी लोककथाओं का […]