Month: नवम्बर 2017

दिल्ली के संसद मार्ग पर होई भोजपुरिया जुटान

भोजपुरी खातिर विशाल धरना प्रदर्शन 21 फरवरी 2018 के भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर “भोजपुरी जन जागरण अभियान” के बैनर तले राष्ट्र स्तर पर…

रानी मधुमाखी आ तेजपत्ता के स्वाद – बतंगड़ 61

– ओ. पी. सिंह एगो पुरान कहाउत ह कि बाँझि का जनिहें परसवती के पीड़ा. आ हम सोचत बानी कि ई सवाल बाँझिने से काहें पूछल गइल. परसवतिओ के त…

कहनी-अनकहनी – प्रकाशक का कहनी

भोजपुरी साहित्यकार विनोद द्विवेदी के लिखल छोट छोट कहानियन के संग्रह “कहनी-अनकहनी” प्रकाशित हो गइल बा. एह संग्रह के बारे में प्रकाशक के कहनाम एहिजा दीहल जा रहल बा –…

पाण्डेय कपिल जी के निधन प स्मृति – सभा के आयोजन

भोजपुरी साहित्य के साधक साहित्यकार पाण्डेय कपिल जी के निधन प काल्ह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में स्मृति – सभा के आयोजन कइल गइल जवना के…

हमहुँ देवता के परसाद चढ़इतीं – बतंगड़ 60

– ओ. पी. सिंह पिछला हफ्ता तीन चार गो अइसन बाति सामने आइल जवना प बतंगड़ के पूरा गुंजाइश रहल. देह से अपाहिज बाकिर दिमाग से चौकन्ना आ तेज मशहूर…

चुप रहऽ, अदालत का खिलाफ मत बोलऽ – बतंगड़ 59

– ओ. पी. सिंह याद करावल अब जरुरी हो गइल बा कि अदालत का खिलाफ कुछ बोलल नुकसानदायक हो सकेला. देखले बानी कि बड़हन-बड़हन अपराधी कतना आराम से कहेलें कि…