Month: अप्रैल 2018

बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही – बतंगड़-84

गाँव के एगो रंगदार आपन भईंसिया सड़के पर बान्हत रहुवे. आवे जाए वाला लोग ओकरा से परेशान रहलन. आखिर पंचइती बइठल आ कहल गइल कि बाबू तू आपन भईंस कहीं…

नीक-जबून-12 : भोजपुरी खातिर अनुराग

डायरी   – डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल   आज का पीढ़ी में भोजपुरी खातिर अनुराग देखिके बहुत नीक लागता। बाकिर, सोशल साइट पर गइला पर तब मन बहुत दुखी होला,…

मलेशिया में 21 जुलाई के जुटीहें भोजपुरी सिनेमा के तमाम दिग्गज

भोजपुरी सिनेमा के अकेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टीवल अबकी मलेशिया में 21 जुलाई 2018 के होखे जा रहल बा. एह अवार्ड समारोह के जानकारी देत यशी फिल्म्स के अभय सिन्हा बतवलें…

‘कटिया’ के बहाने, मोती बी.ए. के कविता पर चर्चा

– डॉ अशोक द्विवेदी लोक के संस्कृति, लोक-हृदय के भीतर निरन्तर बहत रहे वाली आत्मीय अन्तर्धारा हऽ। जीवन में तमाम आधुनिक बदलाव का बादो ई अन्तर्धारा, संवेदन-स्तर पर, लोगन का…

टाइम टाइम के बाति ह, अब टाइमिंगो गलत होखे लागल बा : बतंगड़ – 83

– ओ. पी. सिंह पिछला हप्ता आपन बतंगड़ अधवे पर छोड़ले रहीं कि अगिला बेर एकरा के पूरा करब. बाकिर आजु के दुनिया में एक हप्ता बहुते लमहर हो जाला.…

लहकउवा नेता के घिनाह चेहरा : बतंगड़ – 81

– ओ. पी. सिंह लोकतन्त्र, डेमोक्रेसी, में लोक-लाज ना रहि जाव त ओकरा दैत्यतन्त्र, डेमॉनक्रेसी, बने में देर ना लागे. एहघरी देश के विरोधी गोलन के हरकत देखि के त…

एकरा के हटावल बहुते जरुरी हो गइल बा : बतंगड़ – 80

– ओ. पी. सिंह एह घरी देश में एकही बात सुनाई देत बा – एकरा के हटावल बहुते जरुरी हो गइल बा. अगर कहीं ई पाँच बरीस अउर रहि गइल…

बाति निकलब त बाति बहुते आगा ले जाई ! बतंगड़ – 79

– ओ. पी. सिंह सबसे पहिले त रउरा सभे के रामनवमी के हार्दिक बधाई आ शुभकामना. बहुते सौभाग्य से अइसन मौका मिलल बा कि अतवार का दिने अपना बतंगड़ में…

तोहरा से राजी ना ए बलमुआ, तोहरा से राजी ना – बतंगड़ 78

– ओ. पी. सिंह फगुआ बीत गइल बा आ अब चइत चलत बा. परम्परा का हिसाब से चइत में फगुआ ना गआव बाकिर मौका प एह ले बढ़िया कवनो लाइन…