अभय त्रिपाठी

बनारस, उत्तर प्रदेश

बचवन देश गँवइऽऽह मत

बचवन देश गँवईऽऽह मत दुश्मन से घबड़ईऽऽह मत.

सब देशन से भारत अच्छा जेकर करे हिमालय रक्षा,
सागर करेला एकर रखवारी ललचाएला दुनिया सारी.
एके तू बिसरईऽऽह मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

इहँवे भइलन कृष्ण कन्हैया आज भी बाटे गोकुल गइया,
इहँवे पर राम अवतरले जे रावण के मान घटवले.
इनके कलंक लगइऽऽह मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

अनेक योद्धा अनेक त्यागी अनेक योगी अऊर बैरागी,
परोपकारी अनेक दानी जेकर इहँवे बाऽऽ निशानी.
इनसे मुहँ चोरईऽऽह मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

जिम्मेदारी अब तोहार बा भारत माता के पुकार बा,
दुश्मन चारो ओर अड़ल बा भारत भेदियन से भरल बा.
इनसे तनिक डेरईऽऽह मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

कपट से कपटी पाकी अइलस खाके मात लजाई गईलस,
भुट्टो के तऽ यादे होई ढाका में जे गुजरल होई.
आपन शान घटईऽऽह मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

आज नीति डाँवाडोल बा स्वार्थ रूपी विष घोलल बा,
तबाही के पीड़ा भईया भोगे तोहार बाबा मइऽऽया.
तूऽऽ एके अपनईऽऽ मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

बड़कन के कुछ गलती होई बबुअन माख न रखिऽह कोई,
जैसे खाके आम के गुदा गुठली कर दिहल जाव जुदा.
सच्चाई झूठलईऽऽह मत बचवन देश गँवईऽऽह मत.

बचवन देश गँवईऽऽह मत दुश्मन से घबड़ईऽऽह मत.