Abhay Tripathi
बनारस, उत्तर प्रदेश

- अभय त्रिपाठी
मिलावट
मिलावट के मारे सबही के नाक में दम आइल बा,
केकरा केकरा के कहिं एमा सबहीं अझुराइल बा.
बात मे मिलावट विचार मे मिलावट
चाल में मिलावट खाल में मिलावट,
पोशाक में मिलावट के झण्डा फहराइल बा
केकरा केकरा के कहिं........
काम में मिलावट ध्यान में मिलावट
पति में मिलावट पत्नी में मिलावट,
मिलावट के भाई बहिन से सिनेमा होटल फुलाइल बा
केकरा केकरा के कहिं........
तौल में मिलावट कौल में मिलावट
चावल में मिलावट दाल में मिलावट,
आटा में मिलावट से दाँत किरकिराइल बा
केकरा केकरा के कहिं........
शक्क्कर में मिलावट शहद में मिलावट
मख्खन में मिलावट डालडा में मिलावट,
तेल में मिलावट से बाल अझुराइल बा
केकरा केकरा के कहिं........
कथनी में मिलावट करनी में मिलावट
घी में मिलावट और साग में मिलावट,
दवाई में मिलावट से मनुष्यता लजाइल बा
केकरा केकरा के कहिं........
कान में तेल डालके अधिकारी लोग बहिराईल बा,
थोड़ा बहुत खाके अपना कर्तव्य से भुलाइल बा.
कऊनो अइसन चीज नइखे जवन शुद्ध कहलाइल बा,
अगर कुछ शुद्ध बा त विदेश से मँगाइल बा.
रोवतारी भारत माता शुद्धता लुकाइल बा,
सरग जइसन देश आपन नरक में ढ़केलाइल बा.
पढ़के नाराज मत होखब सभै दुख से लिखाइल बा,
एक आदमी के कहात नइखे सबकर उगलाइल बा.
केकरा केकरा के कहिं........