Abhay Tripathi
बनारस, उत्तर प्रदेश

- अभय त्रिपाठी
मगन भईऽल मनवा
मगन भईऽल मनवा हरि गुन गाइऽब,
मगन भईऽल मनवा ...........
गंगा नहाईऽब ना तीरथ जाइऽब घरवे में हम अलख जगाईऽब,
दान पुण्य कऽ विधि ना जानी सब कुछ आपन देहि लुटाईऽब.
मगन भईऽल मनवा ...........
छल प्रपन्च से नाता तोड़ब अपना पराया भेद मिटाईऽब,
सब कर बड़ा पार लगाईऽब सबही के अपनाईऽब हो रामा.
मगन भईऽल मनवा ...........
मन्दिर मस्जिद में ना भुलाईऽब राम रहीम सब एकही मानिब,
सच्चाई के गला लगाईऽब सगरे दर्शन पाईऽब हो रामा.
मगन भईऽल मनवा ...........