चैत्र (शुक्लपक्ष) २०६५

Fortnightly Astrological predictions.( ७ अप्रैल २००८ सोमवार से २०अप्रैल २००८ तक)

नया संवत २०६५ के शुरुआत चैत्र(शुक्लपक्ष) अउरी बासन्तीय नवरात्र से होला . चैत्र(शुक्लपक्ष) ७ अप्रैल २००८ सोमवार से शुरु होके २० अप्रैल २००८ रविवार तक रहत बा . ई पक्ष में सूर्य महाराज मेष राशि पर १३ अप्रैल के चल जइहैं . ई कारण से पक्ष के शुरुआत में कारक ग्रह गुरु, चन्द्रमा अउरी मंगल तथा १३ तारीख के बाद से कारक ग्रह मंगल, सूर्य अउरी गुरु हो जइहें . पक्ष के शुरुआत मीन लग्न अउरी मेष राशि तथा समापन मेष लग्न अउरी तुला राशि पर होत बा . ई पक्ष में भी कालसर्प योग के प्रभाव बनल रही लेकिन पहिले मीन राशि अउरी मीन लग्न वाला लोग के तथा १३ तारीख के बाद धनु राशि वाला पर एकरा दोष के कम प्रभाव रही . लोगन में आम बात के लेके उथल पुथल के स्थिति बरकरार रही. शनि महाराज के स्थिति वक्री बनल रही . द्वितीया तिथी के क्षय बा अउरी रामनवमी १४ अप्रैल दिन सोमवार के पड़त बा .

सिनेमा जगत में कुछ खास गतिविधि ना होखी.

शेयर बाजार में स्थिति सामान्य बनल रही अउरी पहिले से सुधार के लक्षण भी दिखाई पड़त बा . सोना के दाम में अउरी गिरावट के संभव बा.

महँगाई के सामान्य करे खातिर जनता के खुद सामने आवे के पड़ी कउनो सरकार ऐमा कुछुओ ना कर सकेला जबतक जनता ना जागी और व्यापारी लोग के मुहँतोड़ जवाब ना दी.

क्रिकेट में भारत के स्थिति अउरो मजबूत होखी .

मेष

(चू,चे,चो,ला,लू,ले,लो,ला,अ)

धन के चिन्ता बनल रही. नाहक जोश से बचे के कोशिश करीं. संतान पक्ष से पुरा सहयोग मिली अउरी सॅतान खातिर कउनो आवश्यक काम खातिर धन के कमी ना रही. हनुमान चालीसा के पाठ करीं.

वृष

(ई,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो)

भाई बन्धु से सहयोग बनी. पत्नी सुख में गिरावट के संकेत स्पष्ट बा बाकी विलासिता के तरफ ज्यादा ध्यान जाई अउरी ओकरा में खर्चा भी होखी. माता रानी के ध्यान धरीं अउरी धीरज धरीं.

मिथुन

(का,की,कू,घ,ड,छ,के,को,हा)

काफी कुछ पहिला जईसन. नाहक क्रोध से बचीं, पक्ष के पहिला भाग में खर्च बढ़े के संकेत, आखिरी में सामान्य हो जाई. पत्नी से मधुर सम्बन्ध में बाधा बा. व्यापारी लोग खातिर ठीक बा.

कर्क

(हा,हू,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो)

परिवार में खुशी, संतान पक्ष से सहयोग मिलत रही, पूरा पक्ष में काला कुकुर के खीर खियाई लाभ होखी, अउर मन भटकाव से बचीं. पक्ष के आखिरी में पत्नी से कडुवाहट दूर होखी

सिंह

(मा,मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू,टे)

राजनेता, अउर सरकारी काम वाला लोग खातिर परेशानी के समय. बाकी दुश्मन पर विजय के समय बा. अनावश्यक खर्चा के आवे के भी संकेत बा, सूर्य नारायन के जल दीं लाभ होखी.

कन्या

(टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो)

परिवार में यकीन रखे वाला खातिर बढ़िया समय. अनावश्क क्रोध अउर लोभ दुनों से बची, नया काम के शुरु होखे के संकेत स्पष्ट बा. पत्नी सुख में कमी के संभावना बा. नाहक जोश नुकसान करि.

तुला

(रा,री,रू,रे,रो,ता,ती,तू,ते)

खर्च बढ़ी स्वास्थ पर ध्यान दीं, पक्ष के आखिरी में परिवार में शान्ति बने के संकेत बा. जिनकर स्वास्थ खराब बा या दुर्घटना ग्रसित वाला लोग महा मृत्युन्जय के जाप करावें लाभ होखी.

वृश्चिक

(तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू)

पहिले जईसन ही भाग्य प्रबल बा, नाहक क्रोध से बचीं,पर पक्ष के आखिर खराब बा पारिवारिक अशान्ति के संकेत बा, वाहन वाला लोग सावधान रहे, बजरंग बली के आराधना करीं लाभ होखी.

धनु

(ये,यो,भा,भी,भू,ध,फ,ढ़,भे)

शिक्षक अउरी सरकार से जुड़ल लोग लोग खातिर बहुत बढ़िया समय बा, लेकिन व्यर्थ के चक्कर से बचे के पड़ी. पक्ष के आखिर विशेष शुभ बा. शोध कराके पुखराज धारण करीं लाभ होखी.

मकर

(भो,जा,जी,खी,खू,खे,खो,गा,गी)

वक्री शनि के कारण पक्ष में खर्च बढ़े के संभावना बा, प्रयास से स्थिति परिवर्तन संभव बा,संतान से कष्ट होखे के संकेत बा. शनि के दान करीं लाभ होखी. पक्ष के आखिर में संघर्ष बढ़ी.

कुम्भ

(गू,गे,गो,सा,सी,सू,से,सो,दा)

पहिले जईसन ही वक्री शनि के कारण पक्ष में खर्च बढ़े के संभावना बा पर पक्ष के अंत नीक रही. मौज मस्ती वाला लोग के मजा रही पर ध्यान रहे केहु के तकलीफ मत दीं. शनि के दान से लाभ बा.

मीन

(दी,दू,थ,झ,ञ,दे,दो,चा,ची)

बहुत ही उत्तम समय, व्यापारी लोग के चाँदी रही,आवश्यक कार्य खातिर धन के चिन्ता ना रही, पक्ष के अन्त मे खर्च बढ़ी, आलसपन छोड़े के पड़ी. कालसर्प दोष वाला के खास परेशानी बा.


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