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ऊसिनाइल परानवा

June 15, 2014 अमृतांशु 3

– ओमप्रकाश अमृतांशु अखड़ेड़े लिहबू का जनवा हो ? ऊसिनाइल परानवा. लूकवा लूकारी लेई धावे अंगार के, झउंसाइल मुहंवा कुदरती सिंगार के, पपड़िया गइल तालवा-पोखरवा […]

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बरम बाबा (संस्मरण)

– केशव मोहन पाण्डेय हमरा गाँव के बरम बाबा खाली पीपर के पेड़े ना रहले, आस्था के ठाँव रहले, श्रद्धा के भाव रहले. सामाजिक, पारिवारिक […]

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बिहार के ठेंगा देखवलस भाजपा के घोषणा-पत्र

April 9, 2014 अमृतांशु 0

प्रधानमंत्री के कुर्सी के ललायित नरेन्द्र मोदी बिहार के जनता से आपन कइल वादा भुला गइलन .  चुनावी रैली आ चाय के चर्चा के दौरान कहत फिरत […]

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मनोज तिवारी के समर्थन में भोजपुरी संगठन आ भोजपुरी सिनेमा के लोग आगे आइल

April 8, 2014 अमृतांशु 0

भाजपा उतर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा संसदीय सीट के प्रत्याशी मनोज तिवारी पहिले अटल बिहारी बाजपेयी के सरकार में मैथिली के मान्यता मिलल रहे. मोदी सरकार में […]

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मोदी सरकार में भोजपुरी के मान्यता मिली…..

April 5, 2014 अमृतांशु 0

सोलहवी लोकसभा खातिर उत्तर-पूर्वी  दिल्ली से भाजपा के  उम्मीदवार मनोज तिवारी अपना चुनाव प्रचार में भरोसा दिलावत बाड़न कि- मोदी सरकार बनी त भोजपुरी भाषा के संविधान के आठवीं […]

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मईया करेली सिंगार

April 1, 2014 अमृतांशु 3

– ओमप्रकाश अमृतांशु लह-लह लहसेला नीमिया के गछिया, शीतल बहेला बेयार, ताहि तर मईया करेली सिंगार. सोनरा के बिटिया झूमका ले आइल, ले अइली गरवा […]

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अखिल भारतीय भोजपुरी लेखक संघ के विचार गोष्ठी आ निंदा प्रस्ताव

March 26, 2014 अमृतांशु 3

– ओमप्रकाश अमृतांशु साहित्य समाज के आइना होखेला. साहित्य में समाज के दरद, प्रेम, वियोग के भाव समाहित रहेला. भोजपुरी कहानी कवनो भाषा से कम […]