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Author: Editor

भोजपुरी रंगकर्म संस्था रंगश्री के नाट्यलेखन प्रतियोगिता

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करमगति

(लोककथा) शिव जी का सङे पार्वती जी आकासी राहे कहीं चलल जात रही कि उनकर नजर नीचे एगो गरीब परिवार पर पड़ल। ऊ शिव जी से कहली – ‘हऊ देखतानी। केतना गरीब बाड़े स। एकनी के कवनो बरदान देके उधार करीं।’ शिव जी कहले – ‘तहनी जनी-जात में ई बड़का बेमारी बा। बिना कुछ जनले-बुझले बकड़-बकड़ करत रहेलू। ई तीनो मरद, महरारु आ बेटा अपना-अपना करम गति के भोग रहल बाड़े। हमरा चहले भा कुछ देले एकनी के कुछ भला नइखे होखेवाला।’ पार्वती जी बोलली – ‘ई कइसे हो सकेला जे रउरा चाहीं आ एकनी के उधार ना होखी।...

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भक्तन के मुसीबत के दिन आइल बा – बतंगड़ 47

– ओ. पी. सिंह सेकूलर मीडिया में भक्तन के नाम से जानल जाए वालन के मुसीबत के दिन आ गइल बा. संकेत त हमेशा से रहुवे बाकिर ऊ दिन अतना जल्दी आ जाई ई ना लागत रहुवे. अब सवाल बा कि ई लोग अब केकर बाजा बजावे ? ममता दीदिया के ? कांग्रेस मुक्त भारत के सपना देखे वालन के जाने के चाही कि पश्चिम बंगाल से कांग्रेस के उखाड़ फेंके वाला काम ममते दीदिया कइली. आ हिन्दुत्व के सबले बड़का दुश्मन बँवारा गिरोहन के बंगाल से खदेड़े के नेक कामो ममते दीदिया के ह. अबहीं ले कुछ गलतफहमी...

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पाँच कौर भीतर तब देवता पितर – बतंगड़ 46

– ओ. पी. सिंह कहे के त नेता लोग देश समाज के सेवा में लागल रहेला बाकिर असलियत में ऊ लोग एह सेवा का नाम पर मेवा खाए में डूबल रहेला. देश के सीमा प चीन आपन नजर गड़वले बा बाकिर कांग्रेस के लोग ओकरा साथे साँठ गाँठत लउकत बा. राहुल अपना कुछ चमचन का साथे चीन के राजदूत से भेंट करे गइलन आ ओकरा बाद अमरनाथ यात्रियन प हमला हो गइल. सुने में त इहे आइल कि चीन पाकिस्तान के सह देत बा आ एकरे बारे में प्लानिंग समुझावे खातिर ई मुलाकात भइल रहल. के केकरा के आ...

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रामनाथ कोविन्द देश के 14वाँ राष्ट्रपति

20 जुलाई 2017 का दिने संघ के प्रचारक स्वंयसेवक, भाजपा के नेता, आ हाल फिलहाल में बिहार के राज्यपाल रहल रामनाथ कोविन्द जी के देश के 14वाँ राष्ट्रपति का रुप में चुनइला के आधिकारिक एलान हो गइल. सोनिया गाँधी के अगुअई में बहुते विराधी गोल मिल के बाबू जगजीवन राम के बेटी आ लोकसभा स्पीकर रह चुकल मीरा कुमार के लड़ववले रहलें. अपील कइले रहुवे लोग कि सांसद आ विधायक अपना अंतरात्मा के आवाज का अनुसार मतदान करे. मकसद त रहल कि भाजपा के अगुअई वाली एनडीए के लोग क्रॉस वोटिंग करे बाकिर करीब करीब हर राज्य के कांग्रेसी...

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देश के पीएम कायर बाड़ें – बतंगड़ 45

– ओ. पी. सिंह नानी किहाँ से आवते नतिया एगो ज्ञान के बात बघार दिहलसि कि अपना देश के पीएम कायर बाड़ें. अब ऊ एह बात के जवना संदर्भ में कहले होखे सोशल मीडिया जरुर मान लिहलसि कि नतिया क्वालिटी के स्मैक पीएला. पता ना स्मैक भा कोकेन वाली बात साँच ह कि झूठ. काहे कि सोशल मीडिया प बहुते कुछ असहीं उपरात रहेला. ओही में से एगो इहो हवे कि एक बेर बबुअवा ढेरे कोकैन, करिया धन आ एगो कलमुँही माल साथे विदेशी हवाई अड्डा प धरा गइल रहुवे बाकि अटल बिहारी बाजपेयी के सदाशय दखल का बाद...

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नानी कही बतिया रे, आइल हमार नतिया रे – बतंगड़ 44

– ओ. पी. सिंह लइकाईं के गावल सुनल दू गो लाइन याद आवत बा – नानी किहाँ जाएब, पुअवा पकाएब। नानी कही बतिया रे, आइल हमार नतिया रे. ममहर जाए के तब अलगे आनन्द रहल रहुए. बाकिर लइकाईं छूटल त गँवे गँवे ममहरो छूट गइल. लेकिन कांग्रेस के युवराज किस्मत वाला हउवन जे अधबूढ़ होखल जात उमिरो में युवराज कहात बाड़ें आ जब जब देश में गरमाहट बुझाला चलि देलें नानी किहाँ. अब पता ना नानी किहाँ कवन पुआ पकावत बाड़न कि एक महीना बादो उनुकर छुट्टी पूरा होखे के नाम नइखे लेत. वइसे कहे वाला इहो कहत रहेलें...

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कहिया ले दिल्ली के दुलारी भोजपुरिया

– हरेंद्र हिमकर कहिया ले अाशा के तमाशा चली भाई लोगिन ? कहिया ले दिल्ली के दुलारी भोजपुरिया? कहिया ले मान मिली माई भोजपुरिया के? कहिया ले बात से ठगाई भोजपुरिया? माई के जो मान ना त काथी के गुमान भाई? कईसे चलता सीना तान भोजपुरिया? आठवीं सूची मे नाम डाले में बा दांव-पेच इहे समझे में बा नादान भोजपुरिया. ताल ठोक लीं सभे आ मोछवा पर हाथ फेरीं हुमकी के हाथ मे उठाई लीं लउरिया एक बेर चलीं सभे दिल्‍ली के हिलाई दिहीं छोड़ दीं सबुर बिसरा दीं मजबुरिया। काहे के डेराएल बानी, कातना सेराएल बानी! हुलसीं त...

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एह जुग में केकर बा कवनो भरोसा !

– गुरविन्दर सिंह राह घाट लउके ना, छपलस अन्हरिया झिमिर झिमिर बरसेले करिया बदरिया! खेतवा में मकई के गाड़ल मचानी सूतल बा जाके बलमु अभिमानी निनिया उड़ावेले चिन्ता फिकिरिया! डर लागे रतिया में सियरा हुँड़रवा ओहू ले ऊपर मुदइयन के डरवा मेघवा के गड़गड़ में चिहुँके बिजुरिया ! कहे बदे हीत मीत टोला परोसा एह जुग में केकर बा कवनो भरोसा बेरा प फेरेला लोगवा नजरिया ! झिमिर झिमिर बरसेले करिया बदरिया...

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गोरखपुर भोजपुरी संगम के बइठकी

‘भोजपुरी संगम’ क 89 वीं बइठकी स्व.सत्तन जी के आवास पर दू सत्र में वरिष्ठ रचनाकार सूर्य देव पाठक ‘पराग’ जी के अध्यक्षता आ धर्मेन्द्र त्रिपाठी के संचालन में सम्पन्न भइल। पहिला सत्र में कुशीनगर के उगम चौधरी ‘मगन’ आपन पांच गो कविता पढ़लें आ दू समीक्षक डा.कुमार नवनीत अउर वीरेंद्र मिश्र ‘दीपक’ जी के समीक्षा भईल। दुसरका सत्र मे कवितई भइल। बइठकी में केशव पाठक सृजन, ओम प्रकाश पाण्डेय आचार्य, जगदीश खेतान, राम समुझ सांवरा, राम सुधार सिंह सैंथवार, छेदी प्रसाद गुप्त विवश, नरसिंह बहादुर चंद, कुमार अभिनीत, विनीत आदि लोग भागीदारी कइलें। अंत में रवीन्द्र मोहन त्रिपाठी...

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