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भउजी हो

भउजी हो !

सुनलू हऽ ?

मनमोहन सिंह के बतिया नू?

हँ, सुने में अउवे कि ऊ ओरहना दिहलन कि केहू उनुका संगे खाड़ ना भइल.

अनेरे बुढ़ापा में दुर्गिज्जन करवले बाड़न! बाकी सब त नेता हउवन सऽ गारियो सुनि के मुस्कियात रहिहन सऽ. ई बेचारा सोझबउक आदमी सोनिया भक्ति में आपन फजीहत करवले बाड़न.

अतनो सोझबउक ना हउवन ऐ भउजी. कुरुसिया के मजा लेत बाड़न आ जानत बाड़न कि हटलन तऽ केहू फेर घासो डाले ना आई!

जइसे अतना एक्सपीएम देश में बाड़न वइसने एगो आउरी बढ़ि जाई त का हो जाई?

इहे नू कहल जाला कि, हम छोड़ीं त छोड़ीं कमरिया छोड़े तब नू?

भउजी हो

भउजी हो !

सुनलू हऽ ?

हँ, आजु सेंसेक्स टूट गइल रहुवे.

ना, कुछ दोसर!

मुम्बई में भारत एकदिना मैच जीत लिहलसि.

इहो ना. कुछ आउर!

हम रउरे लेखा हरमेश टीवी से ना नू सटल रहेलीं.

कइसे सटल रहबू? फेर भइया से के सटी!

धत्! मजाक छोड़ीं, बतिया कहीं.

इहो मजाके हऽ आ उहो नवराति का बावजूद नानवेज!

तब रहे दीं.

अच्छा तब बाद में कहेम!

भउजी हो

भउजी हो !

सुनलू हऽ ?

इहे नू कि भारत फेरू हारि गइल !

हँऽ !

त एहमें सुने सुनावे के कवन बाति बा ? बीसबीसा का जीत लिहल लोग कि इनाम दे दे के खेलाड़ियन के दिमाग खराब करि दिहल लोग. अब वसूलो लोग ना डाँड़ !

भउजी तू अतना जनि खिसिया. खेल में त हार जीत लगले रहेला.

तऽ जीतला पर अतना काहे फँउके लागिला सभे ?

जीतवा पचे ना एहिसे.