कइसे बनल भोले शंकर?
आज क आलेख..
कृपा बांके बिहारी के
पिछला साल के बात हऽ. ढेर दिन से मन करत रहुवे बांके बिहारी के दर्शन करे के. साल में कम स कम एक हालि वृंदावन के माटी माथ पर चढ़ावे के कोशिश रहेला, से एक दिन बाल गोपालन का साथे बोल दिहनी छुट्टी ले के जय कन्हैया लाल की.
दिल्ली से वृंदावन ढेर दूर नइखे आ भाई हरेन्द्र चौधरी जी का सहयोग से बांके बिहारी के दर्शनो सुन्दर से हो गइल. भगवान का सोझा जाके पता ना काहे हमरा कुछ माँगे में संकोच हो जाला. आपन अनुभव कहेला कि जबो आदमी अपना अंतरात्मा से भगवान से कुछ मांगेला त मिलेला जरूर. एहसे मांगे के तब चाहीं जब राउर आत्मा एहमे राउर साथ देव. हँ भगवान कवनो वरदान देबे से पहिले एकरो परीक्षा लेबेलें कि सामने वाला ओकर पात्र बा कि ना. अधिकतर लोग एही परीक्षा का घड़ी में भगवान पर से आपन भरोसा छोड़ दे लें.
त बांके बिहारी के दर्शन करिके लवटला का बाद अगिला दिने दफ्तर में सब कुछ बरोबरे चलत रहे. (ओह समय हम जी न्यूज के स्पेशल डेस्क के प्रभारी रहीं आ चार गो दैनिक आ तीन गो हफ्तावार प्रोग्राम बनावे के जिम्मेदारी सम्हरले रहीं,) तलहीं एचआर से बोलावा आ गइल. कुछ फैसला जवन ले लिहल गइल रहुवे तवना का बारे में बतावल गइल. कबो मउका मिली त ओकरो खुलासा करेम. आजु बस अतने मान लीं कि बांके बिहारी के कृपा रहल होई जे ओहि दिने नौकरी से अलगा होखे के भूमिका बनि गइल.
जी न्युज में काम करे का दौरान सिनेमा के तीन गो शौकीनन के एगो तिकड़ी रहुवे, हम, गौरव द्विवेदी आ अश्वनी कुमार. एक दिन पता ना ईश्वर का प्रेरणा से भा कवनो दोसरा कारण से हम तय कर लिहनी कि २००७ में मुम्बई शिफ्ट होखे के बा आ एही साल फिलिमो बनावे के बा. जेहि के जेहि पर सत्य सनेहू, सो तेहि मिले ना कुछ सन्देहू.
एक दिन एगो नया चैनल एमएच वन न्यूज के लांचिंग से निबटले रहीं कि हमार बेहद करीबी हरीश शर्मा के फोन आ गइल. होटल ली मेरिडियन में ऊ दिल्ली के बीजेपी सभासद गुलशन भाटिया से भेंट करवलन. भाटिया जी के बेटअ गौरव के फिल्म मेकिंग के पैशन रहल बा, आ ओह दिन पहिलके मुलाकात में भाटिया जी फिलिम भोलेशंकर खातिर हरी झण्डी देखा दिहलन. बाकिर ऊहाँ के सन्देह रहुवे कि एहग फिलिमखातिर जवन कम्बिनेशन हम बता रहल बानीं ऊ हमरा वशो में बा कि ना. भोले का रोल खातिर हम मनोज तिवारी के आ शंकर का रोल खातिर मिथुन चक्रवर्ती के नाम धइले रहीं.
मनोज तिवारी त खैर छोट भाई का तरह हउवन, कबो हमार कवनो आग्रह टारस ना. एके बोलावा पर दिल्ली अइलन, भाटिया जी से मिललन आ साइनिंग के चेक ले के अगिला बोलावा पर फेर आवे के कहि के चल गइलन. भाटिया जी एने बेकरार रहसु मिथुन दा से मिले के. जवना साँझ उनुका से मिले के तय भइल रहे भाटिया जी ओहि साँझ हमरा के लेके दिल्ली से चललन. फ्लाइट लेट हो गइल त मिथुन दा ओह दिन देर हो गइला का चलते भेंट करे से माफी माँग लिहलन. अगिला भोरे उनुका कोलकाता जाए के रहुवे से तय भइल कि हवाई अड्डा पर भेंट होखी.
भाटिया जी के भरोसा डोल गइल रहे. बाकिर जतना हम दादा के जानीलें ऊ ई कि ऊ बाति के पक्का हउवनॆ भोले शंकर के भूमिका ने से पहिलहीं दादा हमरा एगो भौजपुरी फिलिम में काम करे के वादा दे चुकल रहन, आ हमरा पूरा भरोसा रहुवे कि दुनिया भले एहर से ओहर हो जाव, मिथुन चक्रवर्ती अपना बात से ना डिगिहन. हवाईए अड्डा पर हम गुलशन भाटिया के मिथुन चक्रवर्ती से भेंट करववनी. मिथुन दा एके लाइन में पूरा बात खतम कर दिहलन कि शुक्लाजी के हम कह दिहले बानी कि फिलिम करूगां त करूंगा. से बात खतम हो गइल.बाकि बात रउरा विजय से कर लीहिं. (विजय उपाध्याय दादा के बरिसन पुरान अभिन्न हउवन, आ फिलिमन से जुड़ल मसला उहे देखेलन.)
बस दू मिनिट में हाथ मिला के मिथुन चक्रवर्ती हवाई अड्डा का भीतर दाखिल हो गइलन. गुलशन भाटिया जी के शायदे विश्वासे ना रहुवे कि ऊ मिथुन चक्रवर्ती के ले के बने वाली पहिल भोजपुरी फिलिम के प्रोड्युसर बने जारहल बाड़न. बस अँकवारी लगवलन आ आभार जतवलन कि ई सब हमरे चलते हो रहल बा. उनुका का पता रहुवे कि कृपा त बांके बिहारी के रहुवे.
कहल सुनल माफ.
पंकज शु्क्ला
निर्देशक भोले शंकर
(पाठक आपन प्रतिक्रिया पंकज शुक्ल के pankajshuklaa@gmail.com पर भेज सकेलें.)
