कइसे बनल भोले शंकर?
आज क आलेख..
कॉलेज में हुड़दंग

लखनऊ में कुर्सी रोड से तनिका आगा जा के उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी गिरीश बिहारी सक्सेना के चलावल एगो बहुते बड़हन इंस्टीच्यूट बा - इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेशल एजूकेशन. एही कैंपस में मीडियो के पढ़ाई होखेला आ छात्रन के कैमरा के आगा आ पाछा के तकनीक सिखावल जाला. शहर से दूर भईला का चलते आ कैंपसे में सभ सुविधो मौजूद रहला का चलते हम एह इंस्टीच्यूट के फिलिम के शूटिंग खातिर चुन लिहनी. जी न्यूज में हमार एगो अभिन्न सहयोगी बाड़े अश्वनी कुमार, आ अश्वनी कुमार के पुरान दोस्त सुधीर रिंटेन आईआईएसई में बड़हन पोस्ट पर बाड़े आ सक्सेना जी उनुका के बहुते माने ले. रिंटेन से हम शूटिंग का ढेरे पहिले भेंट कर आइल रहनी आ उँहा के शूटिंग का समय सभ तरह के सहूलियत देबे के वायदा कऽ दिहनी त हम फिलिम के कैंपस सीन एहिजे शूट करे के मन बना लिहनी.

"नाक के नथिया नाभ पे आई, अब का छेदाई आहे दादा" - भोले (मनोज तिवारी) बन गईल सुपर स्टार
लुधमऊ गाँव से सगरी माल असबाब समेट के हमनी का आईआईएसई चहुँप गईनी आ ओहिजा रिंटेन हमनी के भेंट अपना कुछ सहयोगियन से करवा दिहनी. ओहमें से एगो त रहले मामाजी आ दोसर राजेश गौर. राजेश खुदो एगो भोजपुरी फिलिम में काम कर चुकल बाड़े आ लखनऊ का कलाकारन का सीधा संपर्क में रहेले. राजेश का साथे मिलि के हम लखनऊ के तमाम कलाकारन के आडीशन पहिलहीं ले चुकल रहीं आ भोले के दादा के रोल खातिर डा॰ मुजम्मिल खान, सरपंच का रोल खातिर नरेन्द्र पजवानी, गौरी के माई के रोल खातिर नीतू पाण्डेय, पारवती के माई के रोल खातिर अर्चना शुक्ल, भोले के पिताजी के रोल खातिर राजेश गौर आ पार्वती के पिताजी के रोल खातिर इलाहाबाद के मिश्रा जी के फाइनल कइनी.
खैर, जब हमनी का इंस्टिच्यूट चहुंपनी जा त ओहिजा के छात्रन में हंगामा मचि गईल. ई पहिलका मउका रहुवे जब ओहिजा कवनो फीचर फिलिम के यूनिट चहुँपल रहुवे. आईआईएसई का भीतर दू गो बड़हन हॉलो बा जहाँ हमरा फिलिम के दू गो खास गाना शूट करे के रहुवे. जईसन कि अमूमन हर जगहा होला, हर कॉलेज में दबंग लड़िकन के एगो समूह होला जे हर हालत में कैंपस पर आपन दबदबा कायम राखे चाहेला. अइसनके हमरो साथे भईल. कोई पांच छह गो छात्र शूटिंग में रुचि देखावल शुरु कईलन बाकिर ओह लोग के ज्यादे दिलचस्पी फिलिम का हीरो मनोज तिवारी का अधिका से अधिका करीब रहे में रहे. ओह लोग का वजह से शूटिंग में दिक्कतो होत रहे त हम अपना कॉलेज के दिनन के ईयाद करिके एगो फैसला कईनी. गाँवो में कहल जाला कि चोर का हाथ में चाभी दे दऽ त सामान अधिका सुरक्षित रहेला. त हमहूँ एह छात्रन के हवाले कैंपस में चीजन के देखरेख के जिम्मा दे दिहनी आ सुधीर रिंटनो एह काम में हमार ढेर मदद कईले. छात्रन के एह ग्रूप के फिलिम में मनोज तिवारी के दोस्तन के किरदारो दे दिहल गईल त अब ऊ सभ कबहीं पासिंग शॉट देत लऊकस त कबहीं कवनो गाना में हिस्सा लेत. जवानी के जोश आ उर्जा के सही राह पर लगा दिहल जाव त का कमाल हो सकेला, एकर मिसाल हम फिलिम भोले शंकर के शूटिंग का दौरान अपना सहयोगियन के समुझवनी.

भोले का मस्ती में दोस्तन के साथ
फिलिम भोले शंकर का क्लाइमेक्स में भोले के एगो टकाटक भोजपुरी रैप पर परफारमेंस देबे के रहे. वईसे त भोजपुरी रैप कवनो नया चीज नईखे रह गईल आ चटनी म्यूजिक का तौर पर एकरा आगहूँ के चीज सामने आ चुकल बा. बाकिर कवनो मेन हीरो पर भोजपुरी फिलिम में रैप के प्रयोग पहिलका हालि फिलिम भोले शंकरे में होखे जा रहल बा. एह रैप सांग के शूटिंग हमनी का तीन दिन में पूरा कईनी जा. गाना आजु के फैशन पर कटाक्ष करत बा - नांक के नथिया नाभ में आई, अब का छेदाई आह दादा. आ एह गाना का दौरान भोले के दोस्त संतराम, गौरी, माई आ गुरुओजी के रहल कहानी का लिहाज से जरुरी रहे. बाकिर एह चारो के डेट्स तीनो दिन खातिर हमनी के ना मिल पावत रहे. से हमनी का पहिले माई आ गुरूजी के काम निपटवनी. फिलिम में जब रउरा लोग ई गाना देखब त रउरा लोग के ई पतो ना चल पाई कि जब माई आ गुरुजी अपना खुशी के इजहार करत बाड़न त ओह समय में मनोज तिवारी गाना गावते नइखन. दुनू हिस्सा अलगा अलगा शूट भईल बा आ एडीटिंग का समय में दुनू के एह तरह से मिलावल बा कि परदा पर देखत घरी पते नईखे चलत कि एह सीन्स के शूटिंग अलगा अलगा दिन में भईल बा. ईहे सिनेमा हऽ आ ईहे हऽ सिनेमा के मायाजाल. बाकी अगिला अंक में. पढ़त रहीं कइसे बनल भोले शंकर ?
कहल सुनल माफ.
पंकज शु्क्ला
निर्देशक भोले शंकर
(पाठक आपन प्रतिक्रिया पंकज शुक्ल के pankajshuklaa@gmail.com पर भेज सकेलें.)
