कइसे बनल भोले शंकर?
आज क आलेख..
भोले शंकर, मनोज तिवारी आ डा॰सुनील...

भोजपुरी के सुपर स्टार मनोज तिवारी आपन सारा काम खुदे करे ले. डेट्स के मैनेजमेंट होखे. स्क्रिप्ट के सेलेक्शन होखे भा छोट बड़ कवनो बाति ले के प्रोड्यूसर से ले के पीआरओ तक के मीटिंग. एह बात में उनुकर बड़प्पनो छुपल बा आ लड़िकपनो! मनोज तिवारी भोजपुरी सिनेमा के नया चमक जरुरे दिहले बाकिर ऊ चहतन त इंडस्ट्री के एगो नया सिस्टम दे दिहले रहतन. जइसे कि हिन्दी सिनेमा के बड़ बैनर्स पर आरोप लागेला कि ऊ लोग सगरी बड़ बड़ सितारन के अपना शिकंजा में कर लिहले बा लोग जबकि ऊ लोग चाहे त नया चेहरा के अपना बैनर का बूता पर लांच कर सकेला. वइसहीं भोजपुरी सिनेमा के बड़ सितारन पर ई आरोप लाग सकेला कि ई लोग एह इंडस्ट्री के सुधारे बदे अब ले कुछुओ ना कईल. एहिजा सब कुछ राम भरोसे चलेला. एकर वजहा बा कलाकारन के एक्टिंग का अलावा दोसरा कामन में जरुरत से अधिका दिलचस्पी. ना त जवन टैलेंट एह इंडस्ट्री का लगे बा ओकरा बल पर ई लोग तमाम दोसरा रीजनल फिलिम इंडस्ट्री के छुट्टी कर सकेला. वइसे एह इंडस्ट्री के छुट्टी करावे में कुछ लोग आउरी दिल से लागल बा, ओकर बात तनी रुक के...
मिथुन चक्रवर्ती के साथ पंकज शुक्ल
पिछलका लेख में हम बात करत रहनी कि कइसे ओह दिन सबेरे दस बजे से शुरू भइल शूटिंग रात के दस बजे ले चलत रह गइल आ ओहि दिन जोश में आइल मनोज तिवारी एगो सीन में आपन पूरा दमखम देखा दिहलन. हमार मानल बा कि फिलिम भोले शंकर में मनोज के एक्टिंग एह सीन में सबले उम्दा बाटे. ई सीन तब आवत बा जब मनोज तिवारी, यानि कि भोले, इंटरव्यू का दौरान गौरी के पहिचान के हाथे आइल नौकरी ओकरा के सँउप देत बा. देखे में बात छोटहन बा, बाकिर समुझे चलीं त बहुते गहीर. एह सीन के बाद भोले अपना के सहज करे खातिर यार दोस्तन का साथ गानो गावऽता, बाकिर गौरी के घर के बात ओकरा भुलाइलो नइखे भुलात. अगिला सीन में भोला अपना दोस्त, यानि कि गोपाल सिंह, के क्लास लेत बा. गाना बजाना का बाद संतराम आ के अपना बिछवना पर सूति जात बा, बाकि भोले बेचैन बा. ऊ संतराम के झिंझोड़त बा. ऊ कहत बा कि अगर कवनो मरद के बेइमानी करिके अन्न खाए के पड़े त ओकरा ले बड़हन पापी दोसर ना होई. ई चोट ओहन लोग पर बा जेकरा मुंहे हराम के कमाई के खून लाग गईल बा. ई पूरा सीन महज तीन शाट्स में आ दू घंटा में पूरा भईल बा. आ एह सीन में मनोज तिवारी का चेहरा पर झुंझलाहट, खीसि, आ लाचारगी तीनो के जवन मिलल जुलल भाव एके साथे आइल बा, ऊ काबिले तारीफ बा.
छठ के डाला उठऽवले शंकर (मिथुन)
मनोज तिवारी बहुते बढ़िया गायक हउवन. अभिनेतो ऊ नीमन हउवनन बाकिर बेसी बढ़िया अभिनय ऊ तब करे ले जब कैमरा चालू ना रहे.कैमरा का सोझा ऊ कई हालि ऊ कतहीं आउरी खो जालन.हमार मानल बा कि मनोज तिवारी थोड़िका अपना सेहत पर आ थोड़िका अपना किरदार पर धेयान देबे लागसु त हिन्दीओ फिलिम में उनुका खातिर गुंजाइश कम नइखे. हमार अकसरहां एह विषय पर मनोज तिवारी से बात होखेला. मनोज के दिली ख्वाहिश बा सासाराम के नायक शेरशाह सूरी पर फिलिम बनावे के. हिन्दुस्तान में मुगलिया सल्तनत के पहिलका बेर चोट चहुँपावे वाला एह मुसलमान के कहानी में देशभक्ति आ दिलदारी के कई गो पेंच बा. ओकरा कहानी में ड्रामो बा, इमोशनो बा, एक्शनो बा, आ पैशनो बा. बाकिर शेरशाह सूरी के परदा पर उतारल आसान काम नइखे. एह किरदार पर हमहूँ बहुते काम कइले बानी आ अबहींओ बहुते काम बाकिये बा. मनोज तिवारी आ मिथुन चक्रवर्ती के अगिलको दिने परवनी हाउसे में शूटिंग रहुवे, बाकिर मनोज तिवारी ओह दिन शूटिंग ना कइलन. ऊ चल गइलन गुजरात के राजपीपला, एगो अइसन फिलिम के शूटिंग खातिर जवना के यूनिट ओहिजा एक हफ्ता से पड़ल रहुवे. बाद में मालूम भईल कि मनोज तिवारी ऊ फिलिम ना कइलन आ एने हमनी के पूरा एक दिन आ मिथुन चक्रवर्ती के पूरा एगो डेट बेकार हो गइल.
खैर, एक दिन नागा का बाद हम फेरु परवनी हाउस चहुँपनी. तय भइल कि पहिले छठ गीत के शूटिंग कर लिहल जाव, मिथुन चक्रवर्ती आ मनोज तिवारी दुनू जने एह गीत में दू भाईयन के आपसी सनेह देखलवलन त शबनम देखलवली महतारी के ममता. बिहार के वितरक रमाकांत प्रसाद जब इ गाना देखलन त कहलन कि ई रउरा फिलिम के प्लस प्वायंट बा. रमाकांत प्रसाद के दिली ईच्छा रहुवे कि भोले शंकर के उहे बिहार में वितरित करसु, बाकिर जइसन हम पहिलहूं कह चुकल बानी, निर्देशक के कारोबारी मामिला से अलगहीं रहे के चाहीं. मशहूर फिलिम निर्माता आ बिहार के बड़ वितरक अभय सिन्हा निर्माता के मुँहमाँगल शर्त पूरा करत भोले शंकर के बिहार में वितरण के अधिकार हासिल कइले बाड़न. बाकिर पेंच अब ई बा कि अभय सिन्हा आ बिहार के दबंग राजनीतिज्ञ डा॰सुनील के आपन आपन जवाबी खेमा बा आ डा॰ सुनील के भोजपुरी फिलिम में काम करे से मिथुन दा इन्कार कर चुकल बाड़न. डा॰ सुनील के फरमान बा कि पहिले भोले शंकर के निर्माता पांच लाख रुपिया, पहिले ऊ दस लाख रुपिया मंगले रहलें, उनुका संस्था का लगे जमा करस तबहियें ऊ भोले शंकर के बिहार में रिलीज होखे दीहें.
एगो समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का साथ डा॰सुनील
हम आजुवे, २० अगस्त के, पटना जा रहल बानी. मालूम त ईहे बाकि ओहिजा बीजेपी आ जेडीयू के लोकतांत्रिक सरकार बा. डा॰सुनीलो जेडीयू के नेता हउवन आ जेडीयू के अध्यक्ष शरद यादव से हमरा तमाम मित्रन के करीबी रिश्ता बा. बीजेपी आ जेडीयू सरकार के मुखिया नीतीश कुमार के छवि एगो साफ सुथरा नेता के रहल बा आ उनुका शासन में रंगदारी का मामिलन में कमी आइल बा अइसन लोगो बतावत बा. वइसहूं जब महाराष्ट्रो तक में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना भोजपुरी सिनेमा के विरोध बन्द कर दिहले बा त डा॰सुनील जइसन अनुभवी लोगन के भोजपुरी सिनेमा के प्रचार प्रसार में तन मन धन से सहयोग करे के चाहीं. ना कि अपना अहम भा निहित स्वार्थ का चलते एकरा तरक्की का राह में रुकावट बने के चाहीं.
हमहूँ कहाँ से कहाँ चहुँप गइनी. कहाँ त लिखत रहनी भोले शंकर के मेकिंग आ कहवां अझुरा गइनी एकर रिलीज होखे के ले के हो रहल परेशानियन में. दरअसल रचनाशील इंसान के दिल आ दिमाग में जवन होला, लिखत समय उहे कागज पर आ जाला. हरफ के कारीगरी में अझुराइल रहे वाला हमरा लेखा इंसान के अब सियासी गोटियन के गिनती करे के पड़ रहल बा,बचा लीहऽ ए भोले शंकर ! बाकी अगिलका अंक में...
कहल सुनल माफ.
पंकज शु्क्ला
निर्देशक भोले शंकर
(पाठक आपन प्रतिक्रिया पंकज शुक्ल के pankajshuklaa@gmail.com पर भेज सकेलें.)
