कइसे बनल भोले शंकर?
आज क आलेख..
कोसी के कहर
रहिमन विपदा वो भली जो....
स्कूल में रहनी त पढ़ले रहीं कि करमनाशा नदिये के कोसी कहल जाला आ बिहार में एकर जइसनका कहर एह साल दिखाई दिहलसि वइसनका शायद पहिले कबहूँ ना देखल गइल.दुख एह बाति के बा कि एकइसवीं सदी में चहुँपला का बादो हमनी का प्राकृतिक विपदा से निपटे खातिर तनिकि तइयार नइखीं जा. केन्द्र सरकार जइसनका कि अमूमन बम विस्फोटन का बाद करे ले, अबकियो बेर कोसी नदी के कहल का बाद ऊ वइसने कुछ कइले बिया. ओकर कहनाम इहे रहेला कि हम त राज्य सरकार के पहिलहीं चेता दिहले रहीं.
अब भाई रउरा लगे जब सूचना रहबे करुवे, आ रउरा मालूम रहुवे कि सूचना दिहला का बादो राज्य सरकार कुछ ना कइलसि त रउरे का कर लिहनी? फिलिम भोले शंकर के पूरा टीम के बिहार के बाशिंदन साथे हार्दिक सहानुभूति बा. आजुवे साँझ हम भोले शंकर के हीरो मनोज तिवारी का आफिस में रहनी. साथ में फिलिम भोले शंकर के बिहार के वितरक अभयो सिन्हा रहुवन. सभका मन में इहे ख्याल घुमत रहुवे कि कोसी के कहर झेलत लोगन के मदद कइसे कइल जा सकेला. हमनी का पांच सितम्बर के पटना जाये वाला रहीं काहे कि ओही दिने भोले शंकर रिलीज होखे वाला रहे बाकिर बिहार में बाढ़ का दौरान अइसनका कवनो कार्यक्रम कइल ठीक ना रहित. अभये जी सुझाव दिहलन कि हमनी के एक हफ्ता आउरी इंतजार कर लेबे के चाहीँ. त फैसला इहे भईल बा कि भोले शंकर फिलहाल पांच सितम्बर के रिलीज ना कइल जाई. आधा से बेसी बिहार जब बाढ़ में डूबल होखे तो जश्न मनावलो जाय त कइसे?
बिहार के बाढ़ से मनोज तिवारिओ ढेर दुखी लउकलन. ऊ चाहत बाड़न कि भोजपुरी फिलिम इण्डस्ट्रीज का तरफ से एह बाढ़ पीड़ितन के मदद खातिर कुछ कइल जाव. हो सकेला कि आवे वाल दिन में ऊ बाढ़ पीड़ितन के मदद खातिर कुछ शोज वगैरह भी करस. आम तौर से त अँजोरिया खातिर एहिजा हम फिलिम भोले शंकर का मेकिंगे का बारे में कुछ लिखे आवेनी. बाकिर पिछला कुछ दिन से कोसी के कहर देख देख के मन बहुते दुखी बा.एह खातिर ना कि भोले शंकर के रिलीज एक हालि फेरु टर गइल, बलुक एह खातिर कि बिहार में आइल राष्ट्रीय आपदा का दौरान बिहार के मदद करे खअतिर जन भावना के उभार के कमी लउक रहल बा. हमार अपील बा कि भोजपुरी समाज के एह मौका पर पूरा दुनिया में बिहार के लोगन के मदद खातिर अभियान शुरू करे के चाहीँ. शायद एही दिन खातिर कहल गइल बा कि,
रहिमन विपदा वो भली,जो थोड़े दिन होय.
हित अनहित या जगत में जान पड़त सब कोय.
बाकी अगली बार..
पंकज शु्क्ला
निर्देशक भोले शंकर
(पाठक आपन प्रतिक्रिया पंकज शुक्ल के pankajshuklaa@gmail.com पर भेज सकेलें.)
