कइसे बनल भोले शंकर?
आज क आलेख..

तोरी मरजी है क्या, बता दे बिधना रे....

'काहे मोरा पिया ना मिला...' - धुप्प अन्हरिया में ऊपरवाला से शिकायत करत पारवती (निराली नामदेव)
मनोज तिवारी 'भोले शंकर' में कुछ आउरियो उम्दा गीत गवले बाड़े. बाकिर, मनोज तिवारी आ मोनालिसा पर फिल्मावल रोमांटिक गीत 'केहू सपना में अचके जगा के' प्यार में डूबल प्रेमियन खातिर सावन के फुहार ले के आई. आ एह गीत में मनोज तिवारी खातिर आपन आवाज दिहले बाड़े मशहूर गायक उदित नारायण. अगर हमरा से एह फिलिम के हमार फेवरिट गाना का बारे में पूछल जाव त हमरा ऊ विरह गाना पसन्द बा जवन पूनम गवले बाड़ी. सारेगामा फाइनलिस्ट रहल पूनम का निजी जिनिगी का बारे में सुनके हम अपना पत्नी के घर में कई हालि रोवत देखले बानीं. पूनम के प्लेबैक सिंगिग खातिर वादा त कई लोग कईल बाकिर कतना पूरा भईल, एह बारे में ना त जी टीवी कबो कुछ बतलवलसि, ना मीडिया में कतहूँ कवनो चरचा सुनाईल बा. पूनम का आवाज में दर्द बहुत बा, कुछ त जीवन के संघर्ष के आ कुछ ओह आवाज पर ऋचा शर्मा के असर के. 'भोले शंकर' के संगीत पर चर्चा का दौरान हम संगीतकार धनंजय मिश्रा से पूनम के नाम ओह गाना खातिर सुझवनीं जवन कि फिलिम के टर्निंग प्वाएंट बावे. भोले के बचपन के दोस्त पार्वती के पूरा जवानी के कहानी एह गाना का दौरान दूसरा छोर तक ले चहुँप जात बा. पूनम का गायिकी का बारे में बतावे से पहिले एह गीत के लिखला का बारे में बतावत चलीं.

'तोरी मरजी है क्या...बता दे बिधना रे...'- संगीतकार धनंजय मिश्रा सारेगामापा फाइनलिस्ट पूनम के करियर के पहिला प्लैबैक सॉन्ग रिकॉर्ड करावे से पहिले हिम्मत बढ़ावत.
गीतकार बिपिन बहार जतना मेहनत फिलिम के ओपनिंग सांग, शुरुआती गीत, 'रे बौराई चंचल किरिनिया' खातिर कइलन ओह ले कम मेहनत एहू गीत पर ना भईल. हम बिपिन के समुझावत रहीं आ धनंजय हमार मुँह देखत रहुवन. हम बिपिन के बतलवनीं, "पारवती बस अबहिंये भोले के कई साल बाद देखले बिया. भोले बचपन में शहर जात घरी लड़िकई में कहि जात बा, 'ए पारवती, जब हम पढ़ लिख लेम त तोहरे से बिआह करब.' बस पारवती ओहि दिन से भोले का इयाद में डूबल बाड़ी. भोले लवटत बाड़न त पारवती का घर में ओकर कहीं अउर शादी के बाति चल रहल बा. दुनू संस्कारी घर से हउवन, आ जइसन अकसरहाँ गांव में होला, दुनू में से केहू घर वालन के विरोध नइखे करि पावत. पारवती के शादी तय हो जात बा. ऊ रात का अन्हरिया में भगवान से आपन दर्द सुना रहल बाड़ी. गाना के ई पहिलका हिस्सा हऽ. दूसरा हिस्सा आवत-आवत हमनी का पारवती के शादी होत देखाएम जा आ तीसरका हिस्सा में पारवती के बिदाई देखावल जाई. शॉट कुछ अइसन होखी कि कैमरा गाँव से बहरी निकलत पारवती के डोली के कैच करत ओकरा के फॉलो करत आगे बढ़त बा आ जइसहीं डोली कैमरा फ्रेम से आउट होखत बा कैमरा पैन करत दूर एगो टीला पर खाड़ भोला के कैच करत बा. भोले ओहिजा पारवती के दिलासा देबे वाला गाना गा रहल बा."

'तोरी मरजी है क्या...बता दे बिधना रे...'- धनंजय के कोशिश रंग ला रहल बा.
पूरा नरेशन सुनला का बाद बिपिन बहार आध घण्टा ले कुछ ना बोललन. फेर कहलन, 'भईया ई कइसे होई!' हम कहनीं, 'काहे ना होई'. हम पूरा गाना के स्टोरी बोर्ड बिपिन के फेरु से समुझवनीं. अबकी बेर एक एक एक्शन आ ओकरा भाव का साथ. अबले शांत बईठल धनंजय मिश्रा के चेहरा के भाव अबकी बेर बदले लागल. उनुका हाथ में जुंबिश भईल आ मुँह से कुछ राग निकलल, आ साथहीं निकलल गाना के पहिलका बोल 'तोरी मरजी है क्या, बता दे बिधना रे... काहे मोरा पिया ना मिला... ना मिला रे... काहे मोरा पिया ना मिला.' बस एकरा बाद त जइसे बिपिन के राह लउक गईल. भाई तीन दिन में गाना लिख दिहलसि. बाकिर अबहिंयो आखिरी हिस्सा पर ऊ कुछ अटकल रहुवन. बोललन, 'भईया ई बताईं, भोले के पारवती से प्यार रहुवे कि ना?' हम कहनीं. 'जवना उमिर में हमनी का भोले आ पारवती के साथ खेलत देखवले बानीं जा, ओह उमिर में बचवा सब प्यार के मतलब जानेलन स का? गाँव के लड़की हियऽ, बस कवनो सयान पर दिल हार बईठल. बाकिर भोले के एकर पतो तक नइखे. हँ माई जब कुछ इशारा करत बिया त बात ओकरा समुझ में आवत बा. बाकिर तबले त देर हो चुकल बा. त भोले का गईहन?' बिपिन बहार फेर चुप, 'भोले का गईहन?'

'उनसे बिदाई सह पाई कइसे तनवा....'- आ आखिर पूनम कर देखवली.
दू दिन ले मगजपच्ची चलत रहल आ फेर निकलल गाना के बोल - 'किस्मत ना बा अपना हाथ में, खुश रहे तू सजनवां का साथ में.' मनोज तिवारी वइसे त उछल कूद वाला गाने ढेरि गावेलें, बाकिर एह फिलिम में हम उनुका से दू जगहा दर्द भरल नगमा गववले बानीं. पहिलका त ईहे आ दूसरका जब ऊ मुंबई में होखत बाड़े आ जिनिगी का सबले बड़हन इम्तिहान से दू चार होत बाड़े. आ हमार वादा बा कि मनोज तिवारी के आवाज के अतना बेहतरीन इस्तेमाल अब तक ले उनुका कवनो फिलिम में नइखे भईल. जवना गाना के बाति हमनी का ऊपर कर रहल बानी ओकर शुरुआत पूनम के गाना से होत बा. लखनऊ के एह लड़की के अपना फिलिम में मउका दे के एक तरह से हम आ धनंजय उत्तर प्रदेश के कलाकारन के बढ़ावा देबे के राहि पर आगा बढ़ल बानीं जा. पूनम त एह गीत में आपन करेजा परोस दिहले बाड़ी. गाना के बोल बहुते मार्मिक बा आ ओतने मार्मिक बा एह गाना के पिक्चराइजेशन. पूनम तू एही तरे जगमगात रहऽ. वइसे एगो दिलचस्प बात बता देबे चाहत बानीं. जइसन कि गांव देहात के लड़िकियन का साथे अकसरहां होला वइसहीं पूनम अबहीं ले मुंबई के चकाचौंध देखि के घबरा जाली. स्टूडियो में रिकार्डिग के बाति चलते नर्वस हो जाली. अइसनका में संगीतकार के हाथ गोड़ फूले लागे ला. हम दुनू के हिम्मत बन्हवलीं आ तब जा के ई गाना रिकार्ड भईल. मौली आ उज्जयिनी के बात त अबहियों रहि गईल. खेर एह दुनू नगीना के बाति अगिला बेर पक्का रहल.

'किस्मत ना बा अपना हाथ में....'- पारवती (निराली नामदेव) के गांव से विदाई.
कहल सुनल माफ.
पंकज शु्क्ला
निर्देशक भोले शंकर
(पाठक आपन प्रतिक्रिया पंकज शुक्ल के pankajshuklaa@gmail.com पर भेज सकेलें.)
