बेलाग!

बात कहीलें खर्रा, गोली लागे चाहे छर्रा!

वेबसाइट बनावे के सिखाए चहनीं त केहू सीखे के कोशिश ना कइल. कइलहूं होखी त हमरा के बतलवलसि ना. हो सकेला कि रउरा में से अधिका लोग सोचत होखे कि वेबसाइट बनावल चलावल महँग सउदा हऽ. के ए पचरा में पड़ो! बाकिर जब रउरा ई पन्ना पढ़ रहल बानीं त हम इ माने के तइयार नइखीं कि रउरा मन का कवनो कोना में कवनो साहित्य भा विचार ना पनपल होखी.

संकोच छोड़ीं आ मन के बाति मन के बहरि निकाल के दुनिया के सोझा राख दीं. हो सकेला कि रउरा जइसन सोचे वाला कुछ आउरियो लोग रउरा भेंटा जाव.

इन्टरनेट, जवना के वेब भी कहल जाला, बड़ छोट, ऊंच नीच, बुड़बक चाल्हाक, अमीर गरीब, लइका सयान, के भेद मेटा देला. एहिजा सब केहू एके धरातल पर बा.

इन्टरनेट पर कई तरह से रउरा अपना मन के विचार प्रकट कर सकीलें. पोर्टल से लेके ब्लाग तकले, भा सोशल नेटवर्किंग साइट तक ले कई तरह के माध्यम बा. जवन पसंद आवे तवन इस्तेमाल कर लीं. पोर्टल भा वेबसाइट बनावे चलावे में कुछ खरचा आ समय बेसी लागी. बाकिर ब्लाग भा सोशल नेटवर्किंग खातिर कवनो खरचा करे के जरूरत ना पड़ी.

ब्लाग हऽ त अंगरेजी के शब्द जवना के मतलब व्यक्तिगत डायरी मानल जा सकेला. ब्लाग के समुझावे खातिर भोजपुरी में एगो शब्द बड़ा सटीक बा बेलाग! मतलब बात कहीलें खर्रा, गोली लागे चाहे छर्रा! बेलाग लपेट के अपना मन के बाति पूरा दुनिया का सोझा राखला के ब्लाग कहल जाला.

ब्लाग चालू करे खातिर ढेर जगहा बा. दू गो के हम नाँव लेब. ब्लागस्पाटवर्डप्रेस सब केहू के ब्लागिंग के सुविधा देबे में मशहूर हउवन जा.

भोजपुरी में भा देवनागरी लिपि में ब्लाग शुरू करे के पहिले कुछ जरुरी सुविधा जुटा लिहल नीमन रही. जइसे कि आपन कम्पयूटर भा लैपटाप. अगर इ ना हो सके त कम से कम एगो पेनड्राइव त जरुरे खरीद लीं. आजुकाल्ह एक एमबी के पेन ड्राइव तीन चार सौ रुपिया में भेंटा जाई.

अब कम्पयूटर भा लैपटाप भा पेनड्राइव पर देवनागरी मे काम करे खातिर तख्ती लोड कर के इन्स्टाल कर लीं. तख्ती के सलाह हम एह से देत बानी कि कई साल से हम तख्ती इस्तेमाल कर रहल बानीं आ हमरा कबो कवनो दिक्कत भा कमी नइखे महसूस भइल. एह पर संयुक्ताक्षर बनावे में कवनो परेशानी ना होला, बस जवन दू गो अक्षर जोड़े के बा ओकरा बीच में एक्स टाइप कर दीं! एकाध घण्टा के मेहनत में रउरा तख्ती के मास्टर हो जाएम. बस की बोर्ड के हर की दबावत चल जाईं आ देखीं कि का लिखात बा?

एह दू गो जरुरत के बाद तीसरा जरुरत बा एगो इमेल आईडी के जवन रउरा लगे होखबे करी, ना होखे त बना लीं. गूगल मेल पर बनवला से एगो फायदा होखी कि ब्लागस्पाट पर ऊहे इस्तेमाल कर के काम चल जाई.

अब अगर ई तीन गो चीज जुटा लिहनीं त शुरु हो जाई. हम आजु ब्लागस्पाट के ध्यान में राख के बतावत बानीं. वर्डप्रेस पर भी अइसने कुछ होला. थोड़ बहुत के अन्तर अलग बाति बा.

हँ त ब्लागस्पाट पर जाई.

तीन कदम में वामन भगवान के तरह पूरा दुनिया नाप लेम रउरा!

पहिला कदम आपन खाता खोलीं, बैंक के ना, ब्लागर पर! बैंक खाता के जरुरत बाद में पड़ी.

दोसरा कदम में अपना ब्लाग के नाम चुनीं. एहिजा कुछ दिमाग लगावे के पड़ी. हो सकेला कि मनमाफिक नाम खोजे में दिक्कत होखे.

तीसरा कदम में अपना ब्लाग के रंगरूप चुन लीं.

बस ओकरा बाद शुरु हो जाई. बेलाग करे खातिर!

अंगरेजी में ब्लागिंग करे खातिर त बस नया संदेश पर क्लिक करीं आ टाइप करे के शरु कर दीं. देवानागरी लिपी में काम करे खातिर रउरा तख्ती के इस्तेमाल करे के पड़ी. ओह पर पूरा टाइप कर लीं. फेर शीर्षक उठा के ब्लाग के टाइटल का जगहा पेस्ट कर दीं. अब ई मत कहीं कि रउरा कट पेस्ट नइखीं जानत!

आ बाकी मैटर बाडी का जगहा पेस्ट कर दीं.

ओकरा बाद प्रीव्यू कर के देख लीं. कही गलती होखे त सुधार लीं. ना होके त बस सेभ कर के पब्लिस वाला बटन क्लिक कर दीं.

अगर दोसरा के ब्लाग पर कवनो कमेण्ट भा टिप्पणी लिखे के मनहोखे त ओहिजो रउरा साइन इन करे के पड़ी तब कमेण्ट लिखे के मौका मिली.

हमरा समझ से अतना से काम चल जाई. अगर कतहीं कवनो दिक्कत बूझाव त हमरा से पूछे में संकोच मत करीं. जाईं फीडबैक पर आ लिख भेजीं.