24 फरवरी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स मुलर मार्ग, नई दिल्ली में विश्व भोजपुरी सम्मेलन के राष्ट्रीय कार्यकारणी के बइठक आ अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विचार गोष्ठी भइल. हिन्दी में भेजल एह बइठक के रपट के भोजपुरी अनुवाद नीचे दीहल जा रहल बा. भोजपुरी के संस्थन के अतना फुरसत नापूरा पढ़ीं…

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File photo of previous dharna

भोजपुरी जन जागरण अभियान के बैनर तरे अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के दिना 21 फरवरी 2018 के दिल्ली के संसद मार्ग पर भोजपुरी भाषा के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करावे खातिर विशाल शांति पूर्ण धरना के आयोजन कइल गइल. भलहीं भोजपुरियन के ई शांतिपूर्ण धरना रहे बाकिर ई धरनापूरा पढ़ीं…

– शिलीमुख जेकरा पर बा तोहके नाज ओकरे से बा बिगरत काज ! अँइचा के ऊजर ना लउके आन्हर के सूघर ना लउके सब बाउर, नीमन कुछ नाहीं ओकरा के बस गद्दी चाहीं जाति-बरग में भेद बढ़ा के सुबिधा-शक्ति-अफीम चटा के जतना चाही लूटी खाई खुरचुन के परसाद खियाई। पुहुतपूरा पढ़ीं…

Indian Presidents

अब जब भारत के राष्ट्रपति के चुनाव के तारीख के एलान हो गइल बा त आईं जावल जाव कि भारत के राष्ट्रपति के चुनाव में का शासियत होला. ई चुनाव हमेशा पाँच साल खातिर होला. कबो कबो बीचे में असामयिक निधन का चलते भा कवनो दोसरा कारण से चुनाव करावेपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी आज दुनिया के सोलह गो देश में आ देश के कई राज्य – बिहार, यू.पी., दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड, छतीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात वगैरह में करोड़ो लोग द्वारा बोलल जाता बाकि अबही ले एकरा के संविधान में दर्जा ना मिलल. जबकि एकरा से कम बोलेवाला भाषवन के संविधान के आठवींपूरा पढ़ीं…

– ‍हरिराम पाण्डेय उत्तर प्रदेश एह घरी भारत के सियासत के ड्राइंगबोर्ड बन के बइठल बा. एकरा अलग अलग हिस्सा पर अलग अलग गोल तरह तरह के चित्र बनावे में लागल बाड़ें. कांग्रेस प्रगतिशील उदार ब्राह्मणवाद के हवा देत बिया, त भाजपा कट्टरहिंदूवाद के चित्र बनावत बिया. मौजूदा मुख्यमंत्री अखिलेशपूरा पढ़ीं…

– शिलिमुख आम आदमी का नाँव प’ सत्ता पावे वाली पारटी के मुखिया, आम आदिमी क भला करसु भा ना करसु बाकि आम आदमी का टेक्स से कमाइल पइसा से आम मनई का संवेदना-सद्भाव क राजनीतिकरन त कइये देले बाड़न. शेखी बघारे आ आत्म प्रचार में त ऊ पहिलहीं सेपूरा पढ़ीं…

– डॅा० जयकान्त सिंह ‘जय’ बिहार में विधानसभा के चुनावी बिगुल फूँका गइल बा. भीड़भाड़ का चलते मतदान केंद्र पर अपना मताधिकार के प्रयोग से भरसक बाँचे के प्रयास करे वाला तथाकथित बुद्धिभोगी जमात आज-काल्ह चुनाव के लेके खूब गपिया रहल बाड़ें. अपना के हर राजनीतिक दल नेता से निरपेक्षपूरा पढ़ीं…

– शिलीमुख बात के बतंगड़ बनावल एघरी अइसन प्रचलन में आ गइल बा कि पूछीं मत. देश के राजनीतिक दल एकरा के आपन प्रमुख अस्त्र बना लेले बाड़ें सऽ. हर बात में हुज्जत करत ”धोती-कुर्त्ता फार के/ सड़क प निकल जा झार के.“ मीडिया चैनलन के खुरपेंची दिमाग अइसने कुलपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी के मान्यता के राह देखत एगो अउर बरीस बीत गइल बाकिर कतहूं कवनो संकेत नइखे लउकत. साफ लउकत बा कि सरकार एहसे उदासीन बिया. बाकिर उमीद के दीया अबहीं जरऽता आ आवे वाला दिन में ई सुने के ना मिली कि भोजपुरिया लोग कवनो दोसरा समाज से कवनो मायनेपूरा पढ़ीं…

स्पेनिश लेखक जेवियर मोरो के लिखल किताब ‘दि रेड साड़ी’ के पिछला सरकार का जमाना में कांग्रस भारत में प्रकाशित ना होखे दिहलसि. सोनिया गाँधी के जीवन के कहानी के नाटक का तरह लिखल एह बयान का बारे में लेखक के दावा बा कि किताब में लिखल सगरी बात सचाईपूरा पढ़ीं…