पिछला दस साल से भोजपुरी के वेबसाइट चलावत अपना अनुभव से इहे सिखले बानी कि भोजपुरी में वेबसाइट चलावल बहुते मुश्किल काम होला. सबसे पहिले भोजपुरी में वेबसाइट शुरू भइल रहे अँजोरिया. एकरा बाद बहुते वेबसाइट अइलीं स. कुछेक त बहुते मजगर तरीका से निकलली सँ बाकिर गँवे गँवे सभकरपूरा पढ़ीं…

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उदयपुर के महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर के सालाना पुरस्कार वितरण समारोह में स्कूल के विद्यार्थियन के संबोधित करत भारत के थल सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह लड़िकन के सेना में शामिल होखे के प्रेरणा दिहले. स्कूल प्रबंधन के बधाई देत सेना प्रमुख कहलन कि ‘मैनेजमेंट अपना स्कूल के विद्यार्थियन केपूरा पढ़ीं…

अँजोरिया परिवार के वेबसाइट “टटका खबर” खातिर छपरा, सिवान, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, आरा, सासाराम, बक्सर, भभुआ, गोरखपुर, देवरिया, मैरवा, मऊ, गाजीपुर, बनारस, जौनपुर, बलिया वगैरह भोजपुरी इलाका में मोबाइल संवाददाता के जरूरत बा जे अपना मोबाइल से एस एम एस करिके, अपना इलाका के खबर भेज सकसु. हर प्रकाशित खबरपूरा पढ़ीं…

बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में मौजूदा शैक्षणिक सत्र से भोजपुरी में डिप्लोमा आ सर्टिफिकेट कोर्स के शुरूआत होखे जा रहल बा. एक साल के पीजी डिप्लोमा पूर्णकालिक होखी. दू साल वाला कोर्स पार्ट टाइम में कइल जा सकेला. चार महीना के एगो कम अवधि के भोजपुरी डिप्लोमो वाला कोर्स बा. जेपूरा पढ़ीं…

एक बेर के बाति हऽ. अमेरिका के एगो शहर में एगो व्यवसायी करजा में डूबल रहे आ ओकरा कवनो राह ना लउकत रहे. महाजन लेहना खातिर जियल जंजाल बनवले रहलें स. ऊ एगो पार्क का बेंच पर मूड़ी लटकवले सोचत बइठल रहुवे कि का कइल जाव ? तलही एगो बूढ़पूरा पढ़ीं…

देश के चुनिन्दा प्रबन्धन कॉलेजन में पढ़ाई करे के इच्छुक विद्यार्थियन के जानकारी दिहल जा रहल बा कि कैट परीक्षा के फार्म ३० अगस्त २०१० से मिले के शुरु हो जाई आ ३० सितम्बर २०१० तक जमा करावल जा सकी. एह परीक्षा से अहमदाबाद, बैंगलोर, कोलकाता, इन्दौर, कोझीकोड, लखनऊ, राँची,पूरा पढ़ीं…

पहिला नजर में दुनु में कवनो बाति एक जइसन ना लागी बाकिर आजु जब सुर-संग्राम देखत रहीं त बार-बार एके बतिया धेयान में आवत रहुवे – टटका खबर. दुनिया भर से रोज हजारन खबर अलगा-अलगा अखबारन में छपेला. एकही खबर अलगा-अलगा अखबार में अलगा-अलगा ढंग से, अलगा-अलगा प्रमुखता से दिहलपूरा पढ़ीं…

– आशुतोष कुमार सिंह भोजपुरी बोले वालन के एह देश आ दुनिया में कमी नइखे, बाकिर भोजपुरी लिखे वालन के बहुते कमी बा. जब ले कवनो भासा के बोले के संगे-संगे लिखल ना जाई ओकर विस्तार ना होखेला. अउर शायद इहे कारण बा कि आज भोजपुरी के जवन सम्मान मिलेपूरा पढ़ीं…

भोजपुरी के बढ़त लोकप्रियता देख के गैर भोजपूरी भाषी लोगो भोजपुरी के डिग्री लेबे लागल बा. बाकिर अबही ले भोजपुरी इलाका के लोग एह सुविधा के लाभ उठावे में पाछा छूटल जात बा. शायद एकर कारण बा कि हमनी का एह बारे में पूरा जानकारी नइखे. इग्नू भोजपुरी के फाउण्डेशनपूरा पढ़ीं…

भोजपुरिये में सबकुछ परोसे के अपना प्रयास के सफल करे खातिर तय कइल जा रहल बा कि अँजोरिया पर कोर्स आ कैरियर से जुड़ल सवाल आमन्त्रित कइल जाव. एहसे नवहियन के भोजपुरी से जुड़े के एगो मकसद मिल जाई. प्रश्न एह पोस्ट पर कमेण्ट का रुप में पुछल जा सकेला.पूरा पढ़ीं…