Category: भोजपुरिया लाल

साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित भाषा सम्मान से सम्मानित भइलें डॉ. अशोक द्विवेदी आ अनिल ओझा ‘नीरद’

भारत के साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित भाषा सम्मान बीच-बीच में भारत के गैर-मान्यता प्राप्त भाषावन के साहित्यकारनें को समय-समय पर दीहल जात रहेला. भोजपुरी भाषा में पहिला बेर ई सम्मान…

अनिरुध जगनाथ के गंगालाभ हो गइल

मारीशस के राष्ट्रपति आ प्रधानोमंत्री रह चुकल अनिरुध जगनाथ के 91 बरीस का उमिर में काल्हु बियफे का दिने गंगा लाभ हो गइल. उनुका सम्मान में भारत सरकार शनीचर का…

भोजपुरी आंदोलन के महानायक आ पहिलका गद्यात्मक व्यंग्यकार डॉ. प्रभुनाथ सिंह

डॉ. जयकान्त सिंह ‘जय’ हमरा समझ से संस्कृत के देवभाषा एह से कहल गइल कि एकरा में रचल प्राय: हर कविता चाहे श्लोक समस्त सृष्टि खातिर जीवन मंत्र के काम…

भोजपुरी के गालिब जगन्नाथ जी के गंगालाभ

भोजपुरी साहित्य के गौरव आ एगो मजबूत पाया जगन्नाथ जी काल्हु शनिचर 14 मार्च 2020 के साँझि खा साढ़े चार बजे पटना के अपना साधनापुरी निवास पर आपन आँखि मूदि…

कबीर : लोकज भाषा के सिद्ध सन्त

डॉ अशोक द्विवेदी ‘कबीर कूता राम का/मुतिया मेरा नाउँ। गले राम की जेंवड़ी/जित खैंचे, तित जाउँ।।’ कबीर उत्तर भारत के अइसन फक्कड़ मौला सन्त रहलन, जे अपना सहज लोकचर्या आ…

पद्मश्री डा0 कृष्ण बिहारी मिश्र

जन्म: 01 जुलाई 1936, बलिया जिला के बलिहार गाँव में। श्रीमती बबुना देवी आ श्री घनश्याम मिश्र क एकलौता पुत्र । शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा गाँव में, माध्यमिक गोरखपुर में आ…

भोजपुरियत के प्रतिनिधि: डॉ0 कृष्ण बिहारी मिश्र

– प्रमोद कुमार तिवारी भोजपुरिया माटी में कुछ त अइसन बा, जवना से एह इलाका के साहित्यकारन में ललित भाव के रस छलके लागेला, कुछ तऽ अइसन बा कि जे…

पाण्डेय कपिल जी के निधन प स्मृति – सभा के आयोजन

भोजपुरी साहित्य के साधक साहित्यकार पाण्डेय कपिल जी के निधन प काल्ह वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग में स्मृति – सभा के आयोजन कइल गइल जवना के…

लोकमन के चितेरा भिखारी ठाकुर

-डा.अशोक द्विवेदी लोकमन आ लोकरंग के चतुर चितेरा भिखारी ठाकुर आजुओ भोजपुरी के सबसे चर्चित व्यक्ति बाड़न. केहू उनके समय-संदर्भ के सर्वाधिक चर्चित नाटककार का रूप में, भोजपुरी के ‘शेक्सपियर’…

दोकाहें चल गइलन सत्तन

– देवेन्द्र आर्य जाए के उमिरो ना रहल आ अइसन कवनो जल्दबाजिओ ना रहुवे. निकहा नीमन चलत गोष्ठी के परवान चढ़ा, ईद के मुबारकबाद देत आखिरी सलाम क लिहलन. ना…

रामायन शैली के असाधारण ब्यास गायत्री ठाकुर अब नइखन

भोजपुरी संगीत के एगो बहुत बड़ पुरोधा चलि गइल, बिसवास नइखे होत बाकिर ई साँच बा. रामायन शैली के अपना समय के सबसे बड़ आ स्थापित गायक ब्यास गायत्री ठाकुर…