Category: देश आ समाज

भोजपुरी भासा के मान्यता ला दिल्ली में धरना

नई दिल्ली : आजु 15 नवम्बर 2016 के भोजपुरी भाषा मान्यता आंदोलन (भोजपुरी जन जागरण अभियान) के बैनर से भोजपुरी भाषा के भारतीय संविधान में शामिल करावे के मांग लेके…

पाँचवा धरना प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर पर 15 नवम्बर

सरकार के उदासीन रवैया के कारण…पाँचवा धरना प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर पर 15 नवम्बर, 2016 दिन मंगलवार के। भोजपुरी के संवैधानिक मान्यता आ भोजपुरी के आठवीं अनुसूची में शामिल…

सियासत में भाई भतीजावाद

– ‍हरिराम पाण्डेय उत्तर प्रदेश एह घरी भारत के सियासत के ड्राइंगबोर्ड बन के बइठल बा. एकरा अलग अलग हिस्सा पर अलग अलग गोल तरह तरह के चित्र बनावे में…

‘हम’ पूजक भोजपुरियन के सेवा भाव

– प्रमोद कुमार तिवारी हमनी के ई बतावत कबो ना थाकेलीं कि भोजपुरी एगो अइसन भाषा हऽ जवना में ‘मैं’ हइए ना हऽ, एहमें खाली ‘हम’ होला. मैं आ हम…

अपना मूल के जनला समझला के माने

– डा. अशोक द्विवेदी गँवई लोक में पलल-बढ़ल मनई, अगर तनिको संवेदनशील होई आ हृदय-संबाद के मरम बूझे वाला होई, त अपना लोक के स्वर का नेह-नाता आ हिरऊ -भाव…

देवलास : अदभुत धार्मिक स्‍थल

– देवकान्त पाण्डेय उत्‍तर प्रदेश के मऊ जिला के मुहम्‍मदाबाद गोहना तहसील में मऊ शहर से करीब 28 कि.मी. दूर आजमगढ़-मुहम्‍मदाबाद गोहना-घोसी रोड पर स्थित देवलास मऊ जिला के प्रमुख…

दू नाव पर पैर रखला पर जिनगी ना चली.

– अभय कृष्ण त्रिपाठी “विष्णु” एक व्यक्ति दू नाव पर सवारी, कइसे ? समस्या विकट बा आ ओहु से विकट बा ओकर समाधान. सबसे बड़ बात ई कि समाधान के…

केकरा पर करीं हम गुमान रामप्यारे !

– शिलीमुख उनइस बरिस पहिले हम प्रसिद्ध कवि चन्द्रदेव सिंह क एगो रचना पढ़ले रहलीं. साइत 1997 में “पाती” अंक -२३ में छपल रहे. बरबस आज ओकर इयाद आ गइल…

भारत के बढ़न्ती ला भारते के भाषा जरूरी काहे ?

भारतीय जीवन के बहुते खास क्षेत्रन में अंग्रेज़ी भाषा के दखल से भारत के बड़हन नुकसान होखत बा. एह दखल का पाछे सबले बड़हन कारण बा कुछ गलतफहमी जवन हमनी…

माईभासा दिवस पर एक से एक नमूना

काल्हु दुनिया भर में माईभासा दिवस मनावल जाई आ लोग अपना अपना माईभासा के पुरहर, समहर, मजगर बनावे के जोड़ जुगत में लागत आपन आपन आयोजन करी. भोजपुरी के मठाधीशो…

‘लोक’ के आधुनिकता बनाम यांत्रिक आधुनिकीकरण

– डा. प्रमोद कुमार तिवारी लोक के नाँव लेहला पऽ मन में ओकर दू गो छवि बनेला. एगो छवि में कलकल नदी बहेले, फल से गदराइल पेड़ लउकेला, गीत आ…