‘कटिया’ के बहाने, मोती बी.ए. के कविता पर चर्चा

April 23, 2018 Editor 0

– डॉ अशोक द्विवेदी लोक के संस्कृति, लोक-हृदय के भीतर निरन्तर बहत रहे वाली आत्मीय अन्तर्धारा हऽ। जीवन में तमाम आधुनिक बदलाव का बादो ई […]

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हर रंग में रंगाइल : ‘फगुआ के पहरा’

– केशव मोहन पाण्डेय एगो किताब के भूमिका में रवीन्द्रनाथ श्रीवास्तव ऊर्फ जुगानी भाई लिखले बाड़े कि ‘भाषा आ भोजन के सवाल एक-दोसरा से हमेशा जुड़ल रहेला. […]

रमबोला आज जवान भइल

July 11, 2016 Editor 1

भोजपुरी साहित्य से हमार पहिलका परिचय जवना रचना से भइल तवन रहल हरीन्द्र हिमकर जी के लिखल खण्डकाव्य रमबोला के एगो अंश से. रचना अस […]

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"फगुआ के पहरा" पर एक नजर

February 13, 2013 Editor 2

– मनोकामना सिंह ‘अजय’ आदरणीय डॉ. रामरक्षा मिश्र विमल जी, सादर प्रणाम. अपने के भेजल “फगुआ के पहरा” सावन में भाई गंगा प्रसाद अरुण के […]

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विविधा : भोजपुरी साहित्य के एगो संदर्भ ग्रंथ

February 10, 2013 Editor 4

‘विविधा’ सुप्रसिद्ध आचार्य पांडेय कपिल द्वारा संपादित भोजपुरी पत्रिकन के संपादकीय आलेखन के संग्रह हऽ. ई सभ आलेख उहाँ के द्वारा संपादित लोग, उरेह, भोजपुरी […]