– आलोक पुराणिक ढेरे सनसनी बा. कवनो टीवी चैनल के भासा उधार ले लीं त ई कहल जा सकेला कि पूरा मुल्के में सनसनी बा. मुल्के काहे पूरा दुनिया में सनसनी बा. एगो टीवी चैनल एही मसला पर पूरा एक घंटा के रपट परोस दिहलसि कि – प्रियंका चोपड़ा अपनापूरा पढ़ीं…

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– आलोक पुराणिक राहुल गांधी राष्ट्रपति बेर-बेर विदेश गइल, सक्रिय राजनीति में शामिल ना होखल, इनल गिनल लोगन से मिलल, अइसन सुपर वीआईपी इमेज देख इहे बात दिमाग में बेर बेर आवत बा कि ना कि राहुल गांधी से अधिका एह बातन प के खरा उतरत बा. शिवसेना के विपक्षीपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक एगो कंपनी के चेयरमैन बुढ़ा गइल रहे. जमाना का चाल का हिसाब से ओकर सगरी बेटा-बेटी विदेश में सैटल हो गइल रहले. ओह जमाना में हर समझदार पुरनिआ अपना बाल बच्चन के इहे समुझावल करत रहे कि अगर तोहरा में काबिलियत बा त फेर इंडिया में काहेपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक मंगलग्रह पर मंगलयान चहुँपला पर अरविंद केजरीवाल आश्वस्त आ खुश हो सकेलें कि चलऽ पीएम भा सीएम बने के एगो अउर ठिकाना मिलल. मंगल मिशन पर चलत हो हल्ला पर ऊ चीनी सैनिको सबले बेसी खुश होत बाड़ें, जे बहुते दिन से भारत का सीमा में टैंटपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक उ चमचागिरी कइलसि, ओकर प्रमोशन हो गइल – काम के मामिला अपना के बड़हन ज्ञानी समुझनेवाला एगो दोस्त हमेशा भुनभुनात रहेले. देखीं, उ बास के बीबी केला हौज-खास से जलेबी ले आवेला, ओकरा चार बेर इंक्रीमेंट मिल गइल. देखी, हउ बास के बीबी के बास का गर्लफ्रेंडपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक गुरुदेव दीक्षांत समारोह में घोषित कइलन – हम तीन गो टापर घोषित करत बानी – कर्मठ, चालू, अउर परमचालू. हमरा उमेद बा कि एह महाविद्यालय से बहरि जा के ई लोग हमार नाम रोशन करी. एह मौका पर इहो बतावत बानी कि आजु से पाँच साल बादपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक यूपी में पड़े वाला नैशनल कैपिटल रीजन उर्फ एनसीआर के एगो शहर के दर्जन भर घर में चोरी हो गइल. लोग थाना में रिपोर्ट लिखावे चहुँपल त थानाध्यक्ष ओह लोग के डांटत कहलसि – हमनी का बस बलात्कार का पीछे पड़ल बानी सँ. चोरी चकारी जइसन छोटपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक चुनावी बक-चक से बहरि आ गइल होखीं, त कुछ ठोस, असली मुद्दन के बात क लिहल जाव. अगर रउरा बड़का आदमी ना हईं, त गरमी रउरा के सताई. वइसे जे बड़का आदमी ना होला, ओकरा के गरमीए का सरदिओ सतावेले. नत्थू हवलदारो सतावेला, कल्लू चक्कूबाजो हड़कावेला. सेपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक ई सीन सन् 2508 मतलब कि करीब पांच सौ बरीस बाद के ह. स्पांसरमय सब जग जानी, करहु प्रणाम….. – के वचनोच्चार का बाद संत जालीदास रामकथा कहे के तैयारी शुरु कर दिहले बाड़न. स्पांसर जुटावल जा रहल बा. जालीदास के मार्केटिंग मैनेजर अपना एक्शन के ईपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक बाबाजी लोग के हल्ला बा आजुकाल्ह. दिल्ली के बाबा भीमानन्द के कालगर्ली रैकेट देख के इहे समुझ में नइख आवत कि अब बाबाजी लोग के मुहल्ला कवन बा. सगरी मुहल्ला ओहि लोग के लउकत बा. जेकरा के बाबजी बुझऽ उहे कालगर्ल के भँड़ुआ निकलत बा. जेकरा केपूरा पढ़ीं…

– आलोक पुराणिक हाय हाय का चर्चा निकल पड़ल बा कि दिल्ली से आटो वाला हटावल जइहें. दिल्ली के अगर आटो वालन से अलगा कर के देखीं, त दिल्ली बहुतही चिरकुट टाइप के शहर ह. ई शहर कतना चंट आ बदमाश ह, एकर पता दिल्ली आवते लाग जाला, आटो वालनपूरा पढ़ीं…