हारब त हारब बाकिर तोहरा के जीते ना देब : बतंगड़ – 104

November 2, 2018 Editor 0

हिन्दुवन के कमजोरी ह कि ऊ जीव हत्या पसन्द ना करसु. इहां ले कि जे मांसभक्षी होला उहो अपना सोझा काटल पसन्द ना करे. जे […]

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अमला के माई : बतंगड़ – 101

November 2, 2018 Editor 0

बबुअवो कमाल के आदमी हवे. जबे लागेला कि अब ई सयान होखे लागल बा तबहिऐं कुछ ना कुछ अइसन बोल देला कि लोग माथा ठोक […]

सोफा पर पसरल मुख्यमंत्री – बतंगड़ – 91

June 24, 2018 nffsrn 0

ई देश तरह-तरह के मुख्यमंत्री देख चुकल बा. बाकिर दिल्ली के मुख्यमंत्री के जोड़ खोजल मुश्किल बा. बिहार के लबार मुख्यमंत्री रहल चाराचोर रुपिया जतना […]

ओकरा सउँसे चाहीं – बतंगड़-86

May 26, 2018 Editor 0

नामी ज्ञानी आ विचारक लोग बड़हन-बड़हन ग्रन्थ लिख के ओतना ना समुझा पावे जतना एकाध लाइन में ट्रक-बस का पाछे लिखे वाला बरनन कर जाले. […]