Category: बतकुच्चन

परिवार के लड़ाई परिवार से – बतंगड़ – 94

अगिला लोकसभा चुनाव में अब सालो भर नइखे रहि गइल. अबकि के चुनाव देश के जीवन मरण के सवाल होखे जा रहल बा एहसे सभकर जिम्मेदारी बा कि आपन निजी…

सम्हरिए बुढ़िया रे – बतंगड़ – 93

जबरा मारबो करे आ रोवहूं ना देव. एह देश में हिन्दू के हालत अइसन हो गइल बा कि ओकरा पर होखत अत्याचार भा ओकरा साथे होखत अन्याय का खिलाफ कतहीं…

आतंक मे जियत जेहादी – बतंगड़ – 92

हमनी के हिन्दुस्तानो गजब के देश ह. कहे के त लोकतंत्र बा बाकिर सगरी, एकाध गो के छोड़ के, राजनीतिक गोल राजवंशी परम्परा पर चलेली सँ. कांग्रेस के मलिकान नेहरु…

सोफा पर पसरल मुख्यमंत्री – बतंगड़ – 91

ई देश तरह-तरह के मुख्यमंत्री देख चुकल बा. बाकिर दिल्ली के मुख्यमंत्री के जोड़ खोजल मुश्किल बा. बिहार के लबार मुख्यमंत्री रहल चाराचोर रुपिया जतना कमइले होखसु बाकिर ओकरो इज्जत…

केहू बुझलें पियाज, केहुआइन बुझली अदरख – बतंगड़ – 90

समय अइसन खराब हो गइल बा कि बाबा दादा का जमाना से चचल आवत कहाउतो कहे लिखे में डर लागत बा. चैनल का पैनल पर एकाध बेर कुछ गलतो कहि…

खुदकुशी करे वालन पर ममता जन करीं – बतंगड़ – 89

ममता बनर्जी देश के पीएम बने ला पूरा जोर शोर से लागल बाड़ी. अगर सीधे हाथ ना हो पाई त हाथ टेढ़ो करे उनुका आवेला. आ हाथ वालन के एकर…

अरबा सहिओ रहला पर कुनबा डूबे के डर बा – बतंगड़ – 88

लोकतंत्र में लोक के चलेला बाकिर लोक के घोड़ा चलावेला तरह तरह के घुड़सवार मौजूद बाड़ें अपना देश में. केहू का लगे खानदान के नाम बा त केहू जाति आ…

जम्हूरिजत के जमूरा – बतंगड़-87

जमूरा, जो पूछेगा बताएगा ? हाँ मालिक. जो बताएगा सो करेगा ? हाँ मालिक. अब पिछला हफ्ता देश में अइसन जमूरन के जगहे-जगह देखल गइल. हर जगहा जमूरा अपना मालिक…

ओकरा सउँसे चाहीं – बतंगड़-86

नामी ज्ञानी आ विचारक लोग बड़हन-बड़हन ग्रन्थ लिख के ओतना ना समुझा पावे जतना एकाध लाइन में ट्रक-बस का पाछे लिखे वाला बरनन कर जाले. आ एही में जोड़ल जा…

बतिया पंचे के रही बाकिर खूंटवा रहिए पर रही – बतंगड़-84

गाँव के एगो रंगदार आपन भईंसिया सड़के पर बान्हत रहुवे. आवे जाए वाला लोग ओकरा से परेशान रहलन. आखिर पंचइती बइठल आ कहल गइल कि बाबू तू आपन भईंस कहीं…