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Bhojpuri Speaking Districts of India - 1

छपरा

छपरा शहर सारण कमिश्नरी के मुख्यालय हऽ. पहिले सारण जिला तिरहुत कमिश्नरी में रहुवे बाकिर बाद में सारण जिला के बाँट के तीन गो जिला बना दिहल गइल, छपरा, सीवान, आ गोपालगंज. बाद में एही तीनो जिलन के मिला के सारण कमिश्नरी बना दिहल गइल आ छपरा कमिश्नरी शहर बन गइल.

जिला मुख्यालय से कमिश्नरी मुख्यालय बनला का बादो शहर के हालात पहिलहीं जइसन बा. बेतरतीब ढंग से फइलत पसरत. १८६४ में ब्रिटिश काल में छपरा के नगरपालिका बनावल गइल रहे. ओह घरी नदी मार्ग से व्यापार होत रहे आ दिघवारा, डोरीगंज, छपरा, सिसवन मशहूर घाट रहे जहाँ से पूरा देश से व्यापारिक संबंध बनल रहे. छपरा तब कोशल राज के हिस्सा रहुवे. आजु के फैजाबाद, गोण्डा, बस्ती, गोरखपुर, आ देवरियो कोशल राज्य के अंग रहुवे.

मुगल काल में बिहार राज्य, आजु के ना, ,में छह गो तहसील रहुवे आ सारणो ओही में से एगो रहुवे. १७६५ में जब अंग्रेजन के दीवानी अधिकार मिलल तवना घरी बिहार में सारण आ चम्पारण मिला के आठ गो तहसील बन गइल रहे. अंग्रेज सारण आ चम्पारण के मिला के सारण बना दिहलें आ १९२९ में एकरा के पटना डिवीजन के हिस्सा बना दिहले. १८६६ में एकरा के फेर चम्पारण से अलग करि दिहल गइल आ १९०८ में एके तिरहुत डिवीजन के हिस्सा बना दिहल गइल. तब सारण में तीन गो सबडिवीजन सारण, सीवान, आ गोपालगंज रहुवे.

सारण के नाम कइसे पड़ल एहपर कइ गो राय बा. जनरल कनिंघम का अनुसार सारण शरण से बनल. शरण अशोक के बनावल एगो बौद्ध स्तूप के नाम रहे. कुछ लोग एकरा के सारंग अरण्य से बनल शब्द सारण कहेला. सारंग मतलब हिरण, अरण्य मतलब जंगल. सारण मतलब हिरण वाला जंगल.

सारण के एतिहासिक आ पौराणिक महापुरुषन में वज्र हथियार बनावे खातिर भगवान के आपन हड्डी दे देबे वाला महर्षि दधीचि, गुरु द्रोणाचार्य, महर्षि गौतम के नाम लिहल जा सकेला. ग्राह के ग्रास बनत गज के चीत्कार सुनि के ओकरा के बचावे खातिर खुद भगवान विष्णु आ गइल रहन. ओही स्थान पर आजुकाल्ह हरिहरनाथ मेला, विश्व प्रसिद्ध सोनपुर पशु मेला, लागेला जहाँ कार्तिक पुर्णिमा के दिन लाखों लोग गंगा स्नान करे आवेला. कहल जाला कि भगवान शिवजी ससुर राजा दक्ष छपरा जिला में जहाँ आजु अम्बिका स्थान ओहिजे यज्ञ कुण्ड बनवले रहन जवना में माता पार्वती अपमानित होके आत्मदाह कर लिहले रही. आजु ओहिजा मशहुर आमी मन्दिर बा जहाँ माता पार्वती के माटी के पिण्ड के पूजा होला.

राजा मकरध्वजो छपरे के रहन जे भगवान के वामन अवतार का सामने अपना बेटा के बलिदान दे दिहले रहन. भगवान बुद्ध अपना निर्वाण का रास्ता में छपरा के मकेर में आपन तेरहवाँ विश्राम डलले रहन. भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाये वाला भिखारी ठाकुर, पूरवी के गीतकार महेन्दर मिसिर, भारत के पहिलका राष्ट्रपति डा॰ राजेन्द्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, महान अर्थशास्त्री गोरखनाथ, प्रसिद्ध साहित्यकार राहुल सांस्कृत्यायन वगैरह एही जिला के रहलन. आजु के नेता लोग में लालु प्रसाद छपरा के नाम चमकवले बाड़न.

सारण जिला आ पटना के बीच गंगा नदी, सारण आ वैशाली मुजफ्फरपुर का बीच गण्डक नदी, आ सारण आ बलिया के बीच घाघरा नदी एह कमिश्नरी के प्राकृतिक सीमा बनावेली. तिकोनिया आकार के एह कमिश्नरी के कोन पटना का तरफ बा.

पर्यटन का खयाल से सारण के मशहूर जगहन में सोनपुर के हरिहर क्षेत्र, दिघवारा के लगे आमी मन्दिर, परसागढ़ के ढोंढ़ स्थान, छपरा शहर का लगे रिविलगंज में गौतम स्थान, डोरीगंज का लगे चिरान्द जहाँ पाषाणकालीन अवशेष मिलली स. छपरा संग्रहालय, मेंहदार के शिव मन्दिर वगैरह के नाम लिहल जा सकेला.


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