– पाण्डेय हरिराम

गृहमंत्री पी चिदम्बरम पिछला बुध का दिने नयी दिल्ली में सगरी राज्यन के पुलिस महानिदेशकन अउरी महानिरीक्षकन के चार दिन के सम्मेलन के उद्घाटन करत भगवा आतंकवाद के उल्लेख कइलन. हालांकि ऊ ई ना बतवलन कि भगवा शब्द से उनकर मतलब का बा ? बाकिर सहज बुद्धि से अनुमान लगावल जा सके ला कि ऊ हिन्दू आतंकवाद का हवाला देत रहले.

अब माननीय गृहमंत्री महोदय के अतना त मालूमे होखी एह धरती पर कुल आबादी जतना बा ओहमें हर छठवा आदमी हिन्दू बा. साथ ही हिंदुअन में आतंकवाद के भावना ना के बराबर होला ना त ई कौम अपना समस्त वीरता आ दौलत का बावजूद सैकड़न बरीस ले गुलाम ना रहल रहित. एह बाति के तमाम ऐतिहासिक, शास्त्रीय प्रमाण मौजूद बा कि भारत के असली खूबी दरअसल एकरा सनातनी विचार धारा में बा. दुनिया के कवनो आदमी, चाहे ऊ कवनो धर्म भा ईमान के होखो, देश के करोड़न हिंदुअन में से केकरो से भेंटाला त ऊ हिन्दू अपना तमाम आध्यात्मिकता का बावजूद मिले वाले के विविधता सकार लेला आ ओकर इज्जत करे ला. एही से एगो कवि कहले बाड़न

यूनान मिस्र ओ रोमां सब मिट गये जहां से
अब तक मगर है बाकी नामोनिशां हमारा
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा.

ई हिंदुत्वे बा जे भारतीय ईसाईयन भा मुसलमानन के ब्रिटिश ईसाई आ अरबी मुसलमानन से अलगा करे ला आ ओकरा के ओतने इज्जत देला जतना ऊ अपना कवनो साथी के देला. दुनिया में हिन्दूए एगो अइसन कौम ह जे ना खाली अवतारन पर भरोसा करेला बलुक ऊ इहो मानेला कि समय- समय पर भगवान अलग अलग रुप में अवतरित हो सके ले… तदात्मानं सृजाम्यहम्. इहे कारण ह कि देश निकाला भा राष्ट्रीय पलायन का बाद एहिजा आइल लोगन के हमेशा शरण मिलल बा चाहे ऊ चीनी होखसु भा पारसी भा ईसाई भा यहूदी भा अमरीकन भा तिब्बती. शरणागत के सकारे के अइसन उदाहरण दोसर कवनो देश में ना मिले.

हजारन बरीस का इतिहास में एकहू उदाहरण ना मिले जब हिंदू कवनो दोसरा देश पर हमला कइले होखसु भा अपना धर्म के जबरदस्ती मनवावे के कोशिश कइले होखसु भा धर्मान्तरण बदे ताकत इस्तेमाल लगवले होखसु. तकलीफ तब होला जब सरकार एही हिंदुवन के तुलना आतंकियन का संगठन से करे लागेले. सबुजा दहशतगर्दी का तरह भगवा आतंकवाद जइसन शब्द गढ़ लेबेले.

जहां तक बाबरी मस्जिद ढहावे के बात बा त ओह घटना में कवनो मुस्लिम ना मराइल रहे बाकिर ओकरा बाद जवन हिंसा भइल तवना में सैकड़न लोग मरा गइल जवना में बेसी लोग हिन्दू रहुवे. एकरा बावजूड सरकार आ कुछ पत्रकार भाई बाबरी मस्जिद ढहावे के घटना ज्यादा भयानक बतावेले.

हो सकेला कि हमार बाति सियासी रूप में बहुत सही ना होखे बाकिर हिंदुवन के कत्ल-ए-आम के त इतिहास गवाह बा. चौदहवीं सदी का आखिरी साल में तैमूर लंग एके दिन में एक लाख हिंदुअन के कटवा दिहले रहे. इहे ना गोवा में पुर्तगाली अनगिनत ब्राह्मणन के सूली चढ़ा दिहले रहले स. आजुवो अइसनका कत्ल – ए- आम जारी बा. 1990 में कश्मीर घाटी में लगभग 10 लाख हिन्दू रहले आ आजु ओहिजा कुछुवे हिंदू बाचल बाड़े. बाकी या त मार डालल गइले भा खदेड़ दिहल गइले. एह देश में हिंदू बहुमत में बाड़े तबो ओहनी के मजाक उड़ावल जाला, ओह लोग के कई तरह के सुविधा से अलगा राखल जाला.

हिंदू अपना पवित्रतम तीर्थ अमरनाथ का यात्रा पर निकले त ओकरा से तरह तरह के भुगतान लिहल जाले बाकिर हज करे खातिर सरकार से रुपिया दिआला. हिंदुअन का सामनही ओकरा भाई बहिनन के तरह तरह के लालच देखा के ईसाई बनावल जाला आ ऊ बेचारा चुपचाप देखते रह जाला. सैकड़न बरीस से भेड़ बकरी का तरह कटात रहला का बादो यदि कबो ओकरा मामूलीओ गुस्सा आ जाव त ओकरा के भगवा आतंकवादी कहल जा रहल बा. का ई जायज बा ?


पाण्डेय हरिराम जी कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला लोकप्रिय हिन्दी अखबार के संपादक हईं आ ई लेख उहाँ का अपना ब्लॉग पर हिन्दी में लिखले बानी. अँजोरिया के नीति हमेशा से रहल बा कि दोसरा भाषा में लिखल सामग्री के भोजपुरी अनुवाद समय समय पर पाठकन के परोसल जाव आ ओहि नीति का तहत इहो लेख दिहल जा रहल बा.अनुवाद के अशुद्धि खातिर अँजोरिये जिम्मेवार होखी.

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