– अशोक भाटिया

महाराष्ट्र का राजनीति में एगो समय उहो आइल रहे जब लमहर दिन से शासन करत आ रहल कांग्रेस आ ओकर संहतिया मिलियो के शिवसेना भाजपा गठबन्हन का आगा बौना लागे लागल रहे. एक बेर त ऊ सत्तो से बेदखल हो गइल. अबकी एह चुनाव से पहिले आइल बदलाव के मानव रचित कहल जाव भा बिलाई का भाग से सिंकहर टूटल, कांग्रेस के मनसे का रुप में आशा के किरन लउके लागल. ठीक चुनाव का पहिले कवनो नया दल के जनम कई तरह के चरचो शुरु करावेला आ उहो जब राष्ट्र, महाराष्ट्र, आ मुंबई महानगरपालिका के चुनाव होखे वाला होखे. खैर एकरा पर त बहुते बहस हो चुकल बा एहसे आजु हम बस आजु का हालात पर बात करीं त ठीक रही.

जवना पार्टी के कांग्रेस अपना हित में बस वोट कटुआ मान के चलल रहे ऊ पार्टी वोट त कटबे कइलस अतना ताकतो में आ गइल कि ओकर ११ गो विधायक चुना गइले. कवनो सत्तारुढ़ पार्टी खातिर ई सदस्य कपरबथी बन सकत रहले बाकिर विधानसभा के पहिलके दिने ओहमें से चार गो सदस्य के चार साल खातिर निलम्बित कर दिहल गइल. जहाँ एह बात के आरोप लागत रहे कि मनसे कांग्रेस आ ओकरा साथियन का चलते जनमल बिया ओहिजा मनसे विधायकन के निलम्बन फेर कई नया सवालन के जनम दे दिहलस आ पुरनका विवाद पर विराम लगा दिहलस.

जबले चुनाव ना रहे तबले त सब कुछ शान्त चलत रहल बाकिर विधानपरिषद आ राज्यसभा के चुनाव आवते राजनीति का गलियारा में हलचल हो गइल. महाराष्ट्र विधानसभा में अपना औकात मुताबिक तीन गो उम्मीदवार से एगो बेसी कांग्रेसो उतरलस आ राकांपो कुछ कम वोट होखला का बावजूद तीन गो उम्मीदवार दिहलस. अचरज त तब भइल जब कांग्रेस के चारो आ राकांपा के तीनो उम्मीदवार जीत गइले. मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ओह घरी कहलन कि उनका पार्टी के मनसे से कवनो समझौता ना रहे. दोसरा तरफ आपसी तालमेल से लड़त शिवसेना भाजपा के एगो उम्मीदवार हार गइल. परिणाम आवते कांग्रेस आ राकांपा मनसे के समर्थन के बात खारिज कर दिहले. बाकिर वोट के गिनती देखल जाव त कांग्रेस के चारो उम्मीदवार के जीते खातिर १०८ वोट के जरुरत रहे आ ओकरा लगे १०० वोट रहे. ८ गो वोट बाहर से जुगाड़े के रहे. राकांपा का लगे आपन ६२ आ निर्दलियन के ११ गो मिला के ७३ गो वोट रहे आ ओकरा १७ गो वोट के जुगाड़ करे के रहे. सवाल रहे कि ई वोट आई कहवाँ से? जवाब के एक इशारा त तब मिल गइल जब मनसे के चारो निर्दलीय विधायकन के वोट डाले के अनुमति दे दिहल गइल.

चुनावी गणित त इहे कहत बा कि मनसे का ११ विधायकन का समर्थन से कांग्रेस राकांपा गठबन्हन के सातो उम्मीदवार जीत गइले बाकिर का अपना विधायकन के निलम्बन खतम करावे खातिर मनसे एह लोग के समर्थन दिहलस? कांग्रेस त एह बात से साफ इन्कार कर दिहलस बाकिर छगन भुजबल समर्थन दिहला खातिर मनसे के धन्यवाद दे दिहले. बात अझुराइले रह जाइत अगर कहानी में ट्विस्ट ना आ जाइत. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे आरोप लगा दिहलन कि मनसे पईसा ले के कांग्रेस के समर्थन दिहलस. एहसे भनभना के राज ठाकरे सब बतिये उजागर कर दिहले. कहले कि हँ हमार एगारहो विधायक कांग्रेस के वोट दिहले बाकिर पइसा खातिर ना अपना विधायकन के निलम्बन रद्द करावे खातिर.

अब एह पूरा खेल में जवन भइल तवन भइल आ सभे अपना स्वार्थ खातिर कुछ ना कुछ कइल आ कामयाबो रहल बाकिर ओह जनता के का होखी जेकरा के मार मार के मनसे पार्टी सुर्खियन में आइल आ जेकरा के बचावे का नाम पर कांग्रेस राकांपा गठबन्हन सत्ता में आइल? यदि कांग्रेस का लगे आपन सत्ता
पावे के सहारा बस मनसे बा त ओह निरीह जनता के का होखी जे मार खाइयो के कांग्रेस राकांपा के आपन सहारा मनले रहुवे. कांग्रेस के एह बात के जवाब देबही के पड़ी कि अगर बाद में कांग्रेस आ मनसे एक हो जाई त उत्तर भारतियन के का होखी? बिहार के होखे वाला चुनाव में बिहारी वोटरो कांग्रेस से एह बात के जवाब मँगीहे.


अशोक भाटिया स्वतंत्र पत्रकार हईं. उहाँ से मुंबई का फोन 09221232130 पर संपर्क कइल जा सकेला.

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