– पाण्डेय हरिराम

कारण चाहे जवन होखे, भ्रष्टाचार आ घोटाला के दू गो बड़ आरोपियन के बाहर के रास्ता देखा के बुझात बा कि कांग्रेस दांडिक नीति लागू करे का दिशाईं डेग धर दिहले बिया. पार्टी विवादन में घेराइल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण के इस्तीफा दिवइला का साथेसाथ राष्ट्रमंडल खेलन में भ्रष्टाचार अउर घटिया निर्माण के पर्याय बन चुकल सुरेश कलमाड़ीओ के संसदीय दल के सचिव पद से हटा दिहले बिया. अलगा बाति बा कि आदर्श को-ऑपरेटिव घोटाले में ना त चह्वाण अकेला पापी हउवें, ना राष्ट्रमंडल खेलन के घोटाला में कलमाड़ी.

उम्मीद करे के चाहीं कि विवादन में आइल बाकियो नामन का बारे में जल्दीये फैसला आई. अदालती फैसला आवे में त समय लागी आ ओहमें कैद आ दंड वसूली जइसनो कदम उठावल जाले, बाकिर राजनीतिक आ सार्वजनिक फैसला त पार्टी आ सत्ता के माथ पर बइठल लोगन का चलते होला. देश के प्रधानमंत्री बहुते सज्जन व्यक्ति भलहीं होखसु, बाकिर अपना गठजोड़ सरकार के कलंकित सदस्यन का प्रति उनकर चुप्पी के उनुकर दार्शनिक गहराई के प्रमाण मानके संतुष्ट होखे वाला ढेर लोग ना भेंटइहें. हमनी के तरक्की के फोर्ब्स सूची से ले के जिनेवा तक अमीरन का दुनिया में भलही कतनो चरचा काहे ना होत रहे, नेतृत्व में भ्रष्टाचारनिरोध के इच्छा भा क्षमता का मामिला में पूरा देश आजु निराशा में डूबल बा. आम मनई के लागत बा कि अबहीं हालात बदले के सब रास्ता ओकरा खातिर बन्द बा. मजबूत विकल्प का गैर मौजूदगी में कांग्रेस के हटा के देश मध्यावधि चुनाव से नयका पार्टी नइखे चुन सकत आ कांग्रेस बीच धार में अपना गठजोड़ के घोड़ा बदले के जोखिम लिहल तनिको नइखे चाहत, अश्वमेध के त बाते मत करीं.

लोकतांत्रिक राजनीति का दायरा के बाहर हर समय लुआठी लिहले खाड़ अरुंधती राय भा गिलानी जइसन लोगन के घर फूंकलो कवनो समझदार लोकतंत्र सकार ना सके. काहे कि सगरी राह बन्द बा आ अगिला आम चुनाव बहुते दूर बा. घूमा-फिरा के देश के जनता एही उम्मीद पर कायम बिया कि मनमोहन सिंह सरकारे कुछ कड़ेर फैसला लीहि. अशोक चह्वाण आ कलमाडी के बहरिया के सरकार आ पार्टी एही दिशाईं आगा बढ़ल बिया.

गेम्स घोटाला आ आदर्श सोसायटी प्रकरण मौजूदा शासन के दू गो बड़ खामियन के निशानी हऽ. जनता का बीच गेम्स घोटाले के जांच के अविश्सनीयता साबित करऽतिया कि जांच बइठावे वाला नेतृत्व के निजी तौर से ईमानदार होखले काफी ना होला. ओकरा अपना जांच तंत्रो में पारदर्शी नैतिकता कायम राखे खातिर पकिया तौर पर दृढ़ लउके के चाहीं. आज लगभग पूरा तंत्र भ्रष्टाचारी नेतवन, बाबुअन, आ ठेकेदारन का गिरोह का कब्जे में बा आ भ्रष्टाचार हटावे खातिर कवनो दूरगामी सुसंगत योजना बनावल आ ओकरा के ईमानदारी से लागू कइल नामुमकिन हो गइल बा. आ ई दुनु दोष अलगो ना कइल जा सके.


पाण्डेय हरिराम जी कोलकाता से प्रकाशित होखे वाला लोकप्रिय हिन्दी अखबार “सन्मार्ग” के संपादक हईं आ ई लेख उहाँ का अपना ब्लॉग पर हिन्दी में लिखले बानी. अँजोरिया के नीति हमेशा से रहल बा कि दोसरा भाषा में लिखल सामग्री के भोजपुरी अनुवाद समय समय पर पाठकन के परोसल जाव आ ओहि नीति का तहत इहो लेख दिहल जा रहल बा.अनुवाद के अशुद्धि खातिर अँजोरिये जिम्मेवार होखी.

Advertisements