ChetanBhagatपिछला दिने २१ मार्च १४ के प्रकाशित टाइम्स आफ इण्डिया प अपना ब्लॉग द अंडरएज आप्टिमिस्ट में मशहूर उपन्यसकार आ स्वतंत्र विचारक चेतन भगत नरेन्द्र मोदी के असर के विश्लेषण करत लिखले बाड़न कि नरेन्द्र मोदी जइसन प्रखर आ आकर्षक नेता पिछला बारह बरीस से जतना विवाद, विरोध, आलोचना, निंदा, आ समाज से छँटुआ जइसन बेवहार झेललें ओतना शायदे कवनो नेता के कबो झेले के पड़ल होखे आ एकरा बावजूद उ बचिए ना निकलले अउरी प्रभावकारी बनत गइले.

आज लोग के अचरज होखी अगर २०१४ के लोकसभा चुनाव में मोदी के जीत ना होखे त. छटकत सहयोगी सनेसा पेठावे में लागल बाड़े. अचरज त एह बात के बा कि गोधरा कांड का बाद का दंगा ला उनकर आलोचना भलही कुछ दबल होखे उनकर आलोचना के आवाज मधिम नइखे भइल. गुजरात के विकास गान में छेद भा लोचा खोजे वाला एगो नया उद्योग जस जनम गइल बा जे जेनिए तेनिए मोरी, पिछवाड़ा देखत सूंघत चलत बा.

ओह लोग के बस कवनो तरह से एगो फोटो चाहीं कवनो स्कूल के जवन मास्टरन के कमी झेलत होखे, एगो अस्पताल के जवना में साजो सामान के कमी होखे, जेहसे कि उ लोग चिचिया सके कि “देखीं, गुजरात कतना खराब हाल में बा!” ई लोग एह बात के नजरअन्दाज क देला कि आजुओ हिन्दुस्तान बहुत हद ले केन्द्रे सरकार के नियन्त्रण में चलत बा जवना का हाथ में देश के नीति आ कोष दुनू बा. पिछड़ल गुजरात, भा विकसित गुजरात, अकेला राज्ये सरकार के बनावल ना हो सके.

चेतन भगत आगे लिखले बाड़न कि गुजरात विकसित होखो भा ना, एक बात त साफ बा कि मोदी के राजनीतिक कद लगातार बढ़त गइल बा. अपना के हमेशा सही माने वाला, भले उ सही होखो भा ना, आ गडकरी, वाड्रा, अंबानी, शीला दीक्षित वगैरह प दाग मढ़ देबे में सफल रहल अरविंद केजरीवाल तक ले मोदी के चरित्र पर दाग लगावे में सफल नइखन हो पवले.

चेतन भगत के सवाल बा कि आखिर अइसन काहे? का ई महज मोदी के विकास मुद्दा के चलते बा ? आ कि विकल्प ना होखला का चलते ? आ कि मोदी के व्यक्तित्व का चलते उनका भाषण निपुणता का चलते ? आ कि बिना कहले बाकिर हमेशा मौजूद रहल हिन्दुत्ववादी छवि का चलते ?अउरीओ भाजपाई नेता आपन आपन राज्य सरकार बढ़िया से चलवले आ चलावत बाड़ें त काहे फेर मोदिए के नाम पर अइसन विशाल जनसमर्थन लउकत बा ?

चेतन भगत के मानना बा कि एह सवालन के जवाब खोजल जरूरी बा. पहिल त भाजपा ला जेकरा मोदी लहर से फायदा उठावे क बा, एह लहर के अउरी बढ़ावे के बा काहे कि मजगर टिकाऊ सरकार देबे ला अबहियों कम से कम बीस गो अउरी सीट जीते के जरूरत बुझात बा.

दोसरे एह ला कि विरोधियो लोग ला मोदी के लोकप्रियता के कारण समुझल जरूरी बा. अबहीं त इहे लागत बा कि विरोधी मोदी के अउरी बरियात करत जात बाड़ें, आलोचना से मोदी के व्यक्तित्व अउरी चमकल जात बा. आ एहू ला कि मोदी के समुझला से समूझल आसान हो जाई कि हम हिन्दुस्तानी का हईं जा.

चेतन भगत का राय में एह बात के अनदेखी होखत बा कि भारतीय समाज में हिन्दू अधिकार के एगो दबल बाकिर अंतर्प्रवाही मजबूत धारा मौजूद बा. मानत बाड़ें कि देश के संविधान आ कानून पंथ निरपेक्ष हवे. सही इहो ह कि सार्वजनिक बहस में सांप्रदायिक बहस के जगह ना मिल पावेला बाकिर एकर मतलब ई ना होला कि हिन्दू अधिकार के बात हवा हो गइल बा.

देश के अस्सी फीसदी आबादी हिन्दूवन के ह जेहमे दुनिया भर के हिन्दुवन के बड़हन हिस्सा शामिल बा आ लोकतंत्र में बहुमत के अधिकार के खतम कइल असंभव जस होला. एह पर कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक बनावे वाला रणनीति आ मुसलमानन के समस्या पर बढ़िया से धेयान देबे के नीति हिन्दू असंतोष के अउरी बढ़ा दिहले बिया.

एह हालात में, हिन्दू गौरव के प्रतिनिधित्व करे वाला नेता के समर्थन मिलहीं के रहल. आ इहे कारण बा कि बहुते लोग मोदी का बारे में राय बनावत घरी एह बात के अनदेखी क देला कि गोधरा कांड के बाद के दंगा कइसे निपटल गइल. एक त एहसे कि ओहमें मोदी के भूमिका आजु ले जाहिर ना हो पावल आ कानूनी रुप से साबितो नइखे भइल आ दोसरे कि बहुते लोग महसूस करेला कि बदला में उ त होखहीं के रहे.

चेतन भागत मानत बाड़ें कि गोधरा में ट्रेन जरावे वाला मुसलमान से ओह लोग के कवनो संबंध ना रहल जिनकर जान माल के नुकसान बाद के दंगा में भइल बाकिर लिखत बाड़ें कि भावना अक्सर तर्क प हावी हो जाले आ नाराज हिंदूवन के एगो बड़हन जमात मोदी के एह बात ला माफ क दिहले बा. चेतन भगत फेरू साफ कइले बाड़न कि उ एह बात के न्याय करे नइखन बइठल कि जवन भइल तवन सही रहल कि गलत. बाकिर जवन भइल तवन त भइबे कइल.

मोदी के अतना सफल होखला का पाछा चेतन भगत तिसरका कारण गिनावत लिखले बाड़न कि मोदी उम्मीदन के बढ़िया से सरिहवलें. ऊ गुजरात में तबले काम करत रहलें जब ले कुछ बढ़िया बात लउके ना लागल. लिखले बाड़न कि हो सकेला कि गुजरात एगो आदर्श राज्य ना होखे बाकिर कई मामिला में ई बाकी राज्यन से बेहतर त जरूर बन गइल बा. सबले बड़का बात ई कि मोदी कुछ करे से पहिले बँगले बा. कहे से पहिले ऊ कर देखवलें. कड़ेर मेहनत कइलन तब जा के आपन मार्केटिंग करवलन.

चेतन भगत का नजर में मोदी के चउथा खासियत प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह का बनिस्बत उनकर सोझ आ बेलाग बात कइल ह. लोग अइसन नेता के पसंद कइल. उनका वइसन प्रधानमंत्री चाहीं जे कवनो साफ राय राखत होखे भले उ बहुते चिकन राय ना होखो. मोदी के मजाकिया लहजो उनका के फयदे पहुँचवलसि. हँसावे के गुण नेता से जनता के संवाद आ सहमति बढ़ावेला.

आ चेतन भगत का राय में मोदी के पँचवा गुण बा उनकर व्यावहारिक होखल. अधिकतर हिंदुस्तानी जानेलें कि भठियरपन, भाई भतीजावाद, वंशवाद, औरतन पर दबाव मेटावल वगैरह हजारों बात जरूरी बा बाकिर आसान नइखे. समय का साथे इहो सब कुछ गँवे गँवे बदलिए जाई. ऊ लोग अइसन नेता नइखन खोजत जे एकदम आदर्श होखो उनुका त बस ऊ नेता चाहीं जे मौजूदा हालात का बावजूद बहुत हद ले बढ़िया काम कर देखावे.

आ चेतन भगत का राय में आखिरी बात त ई बा कि मोदी भाग्यवान बाड़ें कि उनका राहुल गाँधी जइसन कमजोर विरोधी मिलल बा लड़े ला. इहाँ ले कि टीवी चैनलो वाला लोग खोजे में लागल बा कि मोदी के बरियार विरोधी के बन सकेला, आ एह तलाश में कुछ हद ले अरविंद केजरीवाल ओह लोग के मददगार बन गइल बाड़े. यूपीए के घोटाला वाला राज के दस बरीस अधिकतर हिंदुस्तानियन के झकझोर के राख दिहले बा आ तवना प कांग्रेसी नेतवन के अनेरियोपन बात बिगड़ले जात बावे. मोदी तब आइल बाड़ें जब देश के लोग बदलाव खोजे ला पाक गइल बा.

अंत में चेतन भगत लिखले बाड़न कि नइखन जानत कि चुनाव के फैसला का होखी. सितारा मोदी का पक्ष में लउकत बा. ई उनकर आ उनुका पार्टी का मेहनतो का चलते हो सकेला भा सीधा सीधा भाग्य का फेर से. भा एकरा के हिदू मान्यता वाला नियति कहल जा सकेला.


नोट चेतन भगत के ब्लॉग के खास खास भोजपुरी में पेश करे में हो सकेला कि कहीं कुछ गलती रह गइल होखे एह से रउरा सभ से निहोरा बा कि चेतन भगत के मूल ब्लॉग जरूर पढ़ लीं.
– संपादक

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