– वैभव नाथ शर्मा

मंगल दोष कुण्डली के एगो अइसन दोष ह जवन बन जाव त बड़ा अजीबोगरीब हालत हो जाले. खास कर के लड़िकियन का मामिला में अउरी बेसी. ओकनी का जिनिगी मे भा अगल बगल घटे वाला कवनो अशुभ घटना के ओकरा मंगल दोष से जोड़ दिहल जाला. आईं आजु देखल जाव कि मंगल दोष हवे का, आ कइसे बन जाला ?

मंगल दोष कुण्डली में ग्रहन के स्थिति पर बनेला. वैदिक ज्योतिष का अनुसार यदि कवनो जातक का जन्म चक्र के 1, 4, 7, 8 भा 12 वाँ घर में मंगल होखे त ओह जातक के मांगलिक कहल जाला. बिआह खातिर ई दोष बहुते खराब आ अपशकुनी मानलजाले. संबंध खराब हो जाव, कुटुंब परिवार में कवनो अनहोनी भा अप्रिय घटना घट जाव, कवनो काम में बाधा आ जाव, कवनो तरह के परेशानी होखे भा दंपति के असमय मौत हो जाव, त सगरी के दोष ओह मंगल दोष पर थोप दिहल जाला. एहसे ज्योतिष शास्त्र कहेला कि मांगलिक के कवनो मांगलिके से बिआह करे के चाहीं. काहे कि दुनु मांगलिक होखसु त एक दोसरा के दोष काट दीहें. लेकिन वैदिक पूजा-प्रक्रियो से एह दोष के नियंत्रित कइल जा सकेला..

मंगल ग्रह के पूजा से मंगल देव के प्रसन्न कइल जाला आ मंगल जनित विनाशकारी प्रभावन के शांत आ नियन्त्रित कइल जा सकेला.

मंगल दोष शांति खातिर विशेष दान :-

शास्त्रानुसार लाल कपड़ा पहिर के कवनो ब्राह्मण भा क्षत्रिय के गेहूँ, गुड, माचिस, ताम्बा, सोना, गाय, मसूर दाल, रक्त चंदन, लाल फूल, मिठाई, द्रव्य आ भूमि दान कइला से मंगल दोष दूर हो जाला, लाल कपरा में मसूर दाल, रक्त चंदन, लाल फूल, मिठाई आ द्रव्य लपेट के नदी में दहवाइयो दिहला से मंगल जनित अमंगल दूर हो जाला.

मंगल दोष शांति के कुछ अउरी सरल उपाय नीचे बतावल जा रहल बा :-
1 – चांदी के चौकोर डिबिया में शहद भर के हनुमान मंदिर भा कवनो निर्जन जगहा पर धर दिहला से मंगल दोष शांत होला.
2 – मंगल का दिने सुन्दरकाण्ड आ बालकाण्ड के पाठ कइल लाभकारी होला.
3 – बानर आ कुकुरन के मीठा आ आटा से बनल मीठ रोटी खिआईं.
4 – मंगल चन्द्रिका स्तोत्र के पाठ करीं.
5 – माँ मंगला गौरी के आराधना करीं.
6 – कार्तिकेय जी के पूजा कइलो से मंगल दोष दूर होला.
7 – मंगल का दिने बताशा आ गुड़ के रेवड़ी बहत पानी में बहवा दीं.
8 – आटा का लोई में मीठा राखि के गाय के खिया दीं.
9 – मंगली लड़िकी गौरी पूजें आ श्रीमद्भागवत के 18 वाँ अध्याय के नवाँ श्लोक के जाप जरूर करे.
10 – मांगलिक वर भा कन्या के आपन विवाह बाधा को दूर करे खातिर मंगल यंत्र की नियमित पूजा अर्चना करे के चाहीं.
11 – मंगल दोष का चलते अगर लड़िकी के बिआह में देरी हो रहल बा त लड़िकी अपना तकिया का नीचे हल्दी के गाँठ राख के सूतल करे आ नियम से सोरह बियफे के पीपल के पेड़ के जल चढ़ावे.
12 – मंगल का दिने व्रत राख के हनुमान जी के पूजा, हनुमान चालीसा के पाठ, आ हनुमान जी के सेनूर आ चमेली के तेल अर्पित कइलो से मंगल दोष शांत हो जाला.
13 – महामृत्युजय मंत्र के जाप त हर तरह के बाधा के नाश करेला. महामृत्युजय मंत्र के जप करवलो से वैवाहिक जीवन में मंगल के कुप्रभाव दूर होला.
14 – यदि कन्या मांगलिक हियऽ त बिआह से ठीक पहिले ओकर बिआह शास्त्रीय विधि से प्राण प्रतिष्ठित श्री विष्णु प्रतिमा से कर दिहला का बाद ओकर बिआह करावल जाव.
15 – यदि वर मांगलिक होखे त विवाह से ठीक पहिले ओकर बिआह तुलसी का पौधे से भा पानी भरल घइला से करावल जाव.
16 – यदि मंगली दंपत्ति शादी के बाद लाल कपड़ा पहिरले तांबा का बरतन में चाउर भर के लाल फूल आ रुपिया के सिक्का राख के कवनो हनुमान मन्दिर में रख आवसु त मंगल के अधिपति देवता श्री हनुमान जी का कृपा से ओह लोग के वैवाहिक जीवन हमेशा सुखी बनल रही.


वैभव नाथ शर्मा जी प्रतिष्ठित वास्तु शास्त्री, अंक शास्त्री, आ ज्योतिषी हईं. इहाँ के कार्यक्रम अलग अलग टेलीविजन चैनलन पर आवत रहेला. काशी के होखला का चलते भोजपुरी से विशेष अनुराग बा आ अँजोरिया के पाठकन खातिर ज्योतिष आ वास्तु शास्त्र से जुड़ल आपन सलाह समय समय पर देत रहे के तइयार हो गइनी. वैभवनाथ शर्मा जी राजज्योतिषी परिवार से आवेनी. आशा बा कि वैभवनाथ शर्मा जी के आलेख से अँजोरिया के पाठकन के कुछ लाभ मिली.

अपना व्यक्तिगत समस्या खातिर रउरा शर्मा जी से संपर्क कर सकीलें. उहाँ के संपर्क सूत्र नीचे दिहल जा रहल बा

फोन : +91-9990724131

ई मेल : vaibhava_vastuvid@yahoo.co.in

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