– ओमप्रकाश अमृतांशु

kavisammelan
स्वतंत्रता दिवस के अवसर प दिल्ली सरकार का ओर से १॰ अगस्त का दिने भोजपुरी-मैथिली कवि सम्मेलन के आयोजन होखे जा रहल बा. कार्यक्रम ‘प्यारे लाल भवन, बहादुर शाह जफर मार्ग, आई. टी. ओ. नई दिल्ली’ में रखल गइल बा. एह मौका प मैथिली-भोजपुरी अकादमी,दिल्ली के उपाध्यक्ष अजीत दूबे के मौजूदगी में प्रख्यात साहित्यकार डॉ॰ केदार नाथ सिंह अध्यक्षता करिहें.

आमंत्रित कवि लोगन में भोजपुरी के कवि डा॰ अशोक द्विवेदी, कुबेर नाथ मिश्र, गुरू चरण सिंह, जौहर शाफियावादी, देवकान्त पाण्डेय, मनोज भावुक, मुन्ना पाठक, विनय कुमार शुक्ला, सुभद्रा वीरेन्द्र आ संतोष पटेेल अउर मैथिली कवि अजीत कुमार आजाद, कुमकुम झा, चन्द्रेश, तारानन्द वियोगी, निक्की प्रियदर्शनी, बुद्विनाथ मिश्र, मंजर सुलेमान, शेफालिका वर्मा, विजय झा, सियाराम झा ‘सरस’ शामिल बाड़े.

भोजपुरी-मैथिली से नेह-छोह राखेवाला भाई-बहिन, चाचा-चाची, दादा-दादी आ बच्चा सभ लोग कवि सम्मेलन के नेवतल गइल बा. कार्यक्रम निःशुल्क बा. एहसे दिल्ली मेें रहेवाला भोजपुरी आ मैथिली भाषी लोगन से निहोरा बा कि बड़हन संख्या में पधार के अपना भाषा के मान-सम्मान बढ़ाईं.

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5 Comments

  1. बिहार आ उत्तर प्रदेश में ना होखेला का भोजपुरी के प्रोग्राम.

    1. कबो-कबो होखेला , कबो- कबो ना.

    2. Author

      बिहार में त कम से कम भोजपुरी आ मैथिली के अलग अलग अकादमी बाड़ी सँ बाकिर यूपी में कवनो भोजपुरी अकादमी नइखे. अकादमी के काम ला सरकार से धन मिल जाला जवना से केहु कार्यक्रम करो भा आपन गाड़ी चलाओ. सब करता-धरता पर निर्भर बा. दिल्ली के अकादमी गाहे बगाहे अइसन कुछ करत रहेले. कुछ बरीस पहिले बिहारो में भोजपुरी अकादमी सक्रिय रहुवे बाकिर अब का करत बिया से पताना चलि पावे.

      एहु ले बड़ समस्या इ होला कि भोजपुरी के संस्था चलावे वाला लोग अपना काम के सही तरीका से प्रचारो ना करि पावे. भोजपुरी के संस्था चलावे वाला लोग ला वेबसाइटन के कवनो अहमियत ना होखे. शायदे केहु खबर पठावेला. जबकि हम हर सामग्री के देर सबेर प्रकाशित करत रहीले बाकिर लागेला कि भोजपुरी वालन के भोजपुरिका के कवनो पते नइखे. इहो हो सकेला कि ओह लोग का लगे भोजपुरी में लिखे टाइप करे वालन के कमी होखो आ भोजपुरिका के हिंदी में सूचना पठावे मे लाज लागत होखो.

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