प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज मीडिया संपादकन से बतियावत जवन कुछ कहले ओकर लब्बे लुआब इहे बा कि ऊ मजबूर बाड़े, गठबन्हन सरकार में कुछ ना कह सकस, कुछ ना कर सकसु. सरकार चलावे के उनुका योग्यता का बारे में उनुकरे कहना से अनुमान निकालल जा सकेला कि उनुका मालूमे ना रहे कि राजा का कारगुजारी करत बाड़े. बाकिर लोग पूछल चाहत बा कि एस बैंड में कवन गठबन्हन रोकत रहे, आदर्श घोटाला कवना गठबन्हन का चलते भइल, कामनवेल्थ गेम्स घोटाला मे कवना पार्टी के हाथ रहे ? थामस के सतर्कता आयुक्त बनावे के कवन गठबन्हन कहले रहुवे ? गठबन्हन का नाम पर आपन नालायकियत छूपावे के कोशिश बेकार होखे जा रहल बा.

नीतीश कुमार कहले बाड़न कि अगर गठबन्हन का चलते भ्रष्टाचार सहल मजबूरी बन जाव त बढ़िया रही कि आदमी सरकारे ना बनावे. ई कइसन मजबूरी बा कि प्रधानमंत्री बनल रहे खातिर हम देश के लूटे वालन के पूरा छूट दे देब, अपने मंत्रालय में का हो रहल बा ओकर खोज खबर ना राखब.

पता ना आगा चल के का होखे वाला बा ? जबले होस्नी मुबारक मिस्र का गद्दी पर रहले तब ले केतना लोग के मालूम रहे कि उनुका लगे सत्तर अरब डालर के संपत्ति बा. देश के करिया धन विदेश में राखे वालन का खिलाफ कार्रवाई नइखे होत त काहे, ओह लोग के नाम बतावे में सरकार के हिचकिचाहट हो रहल बा त काहे ? का एह डर से कि बाद में कहीं ई पता मत चल जावे कि आजु जेकरा ईमानदारी के कसम पूरा देश खा रहल बा ओकरा बाल बच्चा बीबी का नाम पर विदेश में करिया कमाई के भण्डार भरल बा. बाकिर खैर खून खाँसी खुशी, बैर प्रीत मधुपान. रहिमन दाबे ना दबे जाने सकल जहान.

आजु ना त काल्हु पता चलिये जाई कि हमनी के काबिल प्रधानमंत्री के असल काबिलियत का रहे बाकिर तब ले देश त मजबूरे बनल रही. मजबूर प्रधानमंत्री वाला देश कबो मजगर ना हो सके. गैर राजनीतिक प्रधानमंत्री होखला के इहे सजाय बा देश के कि माल हजम करे वाला आराम से हजम करत रहसु आ बदनाम होखे खातिर मनमोहन सिंह के सामने राखल जाव. अइसनका प्रधानमंत्री से जतना जल्दी देश के मुक्ति मिल जावे ओतने बढ़िया. सोनिया गाँधी के चाहीं कि या त अपने खुलमखुल्ला गद्दी सम्हार लेसु भा अपना बेटा के गद्दी पर बइठा देसु. ई दुनु जाना हमेशा कवनो कठपुतली प्रधानमंत्री से बढ़िया साबित होखीहें काहे कि ई लोग कवनो मजबूरी के आड़ ना ले पाई, सही गलत के राजनीतिक लाभ हानि भोगे पड़ी एह लोग के. अबहीं त हाल ई बा कि जवन बढ़िया होखी तवना के जिम्मा सोनिया राहुल का नामे, आ जवन गलत हो जाव तबना खातिर मनमोहन जिम्मेदार.

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