NaMo-at-36garhआजु छतीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमण सिंह के विकास यात्रा के पूर्णाहुति के आयोजन में जब नरेन्द्र मोदी के आवे के बात सुने के मिलल त बहुते लोग के असरझ भइल होखी, खास कर के ओह लोग के जे रात दिन नरेन्द्र मोदी के बरबादी के सपना देखे में लागल बा. पिछला पाँच सितंम्बर के एगो सम्मेलन में एगो लड़िका के पूछल सवाल का जवाब में नरेन्द्र मोदी के कहल कि ऊ साल सतरह ले गुजरात के सेवा में रहीहें उनुका धुर विरोधियन के दिन भर बकतूत करे के मौका दे दिहलसि. केहु ई ना सोचल कि नरेन्द्र मोदी गलत का कहलन. अपना हर बात के हाथ गोड़ तूड़ ओकरा के अपना हिसाब से लगा के धूहा बना देवे वाला भँड़ूआ मीडिया के त महारत हासिल बा कि बात से बेबात निकाल लेव. गाड़ी का नीचे पिल्ला दबाए के बात होखे भा सेकूलरिज्म के बुर्का में लुकाए के, भा हिन्दू राष्ट्रवादी होखला के बयान, हर बात के ओकरा सही संदर्भ से काट गलत रुप से बतावे देखावे सुनावे के हरदम कोशिश होत रहेला.

कवनो अबर दुबर नेता रहीत त कहिए हरदी गुरदी बोल दिहले रहीत बाकिर एहिजा त सामना बा नरेन्द्र मोदी से. जे दुश्मन के हर चाल नाकाम करत खुद दुश्मन के मजबूर कर देले अपना मर्जी का मैदान में खेले के. सेकूलर जमातियन के पूरा कोशिश बा कि कवनो तरह से नरेन्द्र मोदी के हर बयान में अल्पसंख्यकन के डेरवावे लायक मसाला खोज निकालल जाव. नरेन्द्र मोदी भलही कवनो जमात के पिल्ला मत कहले होखसु, ओह जमात के हमदर्द बने वाला साबित कर देखवले कि ऊ सब ओह जमात के पिल्ला से अधिका के अहमियत ना देसु.

आजुओ नरेन्द्र मोदी के भाषण सुनत सेकूलर जमात पूरा कोशिश में रहल होखी कि कवनो जगहा एकहू लाइन पर बिछलासु नरेन्द्र मोदी जवना से उनका के मुस्लिम विरोधी देखावल बतावल जा सके. बाकिर नरेन्द्र मोदी निराश कर दिहलन. विरोधियन के चाहत रहुवे कि उ छतीसगढ़ में गुजरात के विकास के बात करसु त उनका के रमण सिंह से लड़वा दिहल जाव. बाकिर मरदे गजब के चालाक निकलल. पूरा समय छतीसगढ़ के विकास, रमण सिंह के नेतृत्व आ सोच के बड़ाई करे में निकाल दिहलसि. छतीसगढ़ का बहाने कांग्रेसो के धो दिहलसि आ बिना नाम लिहले नीतीशो के. नरेन्द्र मोदी छतीसगढ़ बनवला के तुलना तेलंगाना बनावे से करत देखा दिहलन कि कांग्रेस कवना तरह निमनको काम के खराब कर देले. कहलन कि दोसरा राज्यन के मुख्यमंत्रियन के डा॰ रमण सिहं से सीखे के चाहीं जे कवनो बात ला कटोरा ले के केन्द्र के गोड़धरिया करे में समय ना बितवलन आ राज्य के जनता के अपना साथे लेके ऊ कर देखवलन जवन बहुते लोग नइखे कर पवले.

आज जब देश के माली हालात खराब बा, अड़ोसी पड़ोसी आँख देखावे आ गरदन काटे में लागल बाड़ें, सरकार घोटाला के रिकार्ड बनावे में लागल बिया, सरकारी फाइल गायब हो जात बा आ प्रधानमंत्री कहत बाड़ें कि ऊ रखवार ना हउवें. देश के जनता गरीबी से बिलबिलात बिया आ बबुआ जी कहत बाड़न कि गरीबी त मानसिक सोच ह. बस सोच बदलला के जरूरत बा गरीबी गायब हो जाई. राहुल गाँधी के एह बयान के आलोचना करत नरेन्द्र मोदी पूरा संप्रग सरकार के बखिया उधेड़ के राख दिहलन.

झूठही ना दिन भर बड़बड़ाले स विरोधी आ रतियो में उनुके सपना देख थरथरात रहेले सं. देश के जनता के साफ बुझाए लागल बा कि आ गइल बा एगो अइसन आदमी जे नेता बन के ना बलुक संघतिया बनके ओकरा समस्या के सुलझावे में लागे वाला बा. नेहरू गाँधी परिवार के टुकड़खोर परेशान बाड़ें कि दिल्ली में मोदी आ जाई त ओहनी के दउरी दोकान के का होखी. भँड़ुआ मीडिया पहिलहीं सोशल मीडिया से परेशान चलत बा. ऊ जमाना गइल जब ई मीडिया के मंडी के दुकानदार जवने सड़ल गलल माल चाहत रहले बेच देत रहलें. अब त हर गलती पर बखिया उधेड़े वाला सोशल मीडिया मौजूद बा.

बाकिर जनता त इहे कहत बिया कि ” द राह समय के रथ के घरघर नाद सुनऽ” सिंहासन पर बइठे बइठावे लायक आदमी मिल गइल बा ओकरा. आ इहो संजोगे कहाई जे आजुए मनमोहनो सिंह साफ कर दिहलन कि अगिला बेर ऊ प्रधानमंत्री ना बनिहन आ राहुले बढ़िया रहीहें. सर्त इहे बा कि शंख बाजो त पहिले. एहिजा त इहे लागत बा कि ना नौ मन तेल होखी ना राधा जी नचीहें. कांग्रेस के ओतना सीट मिले वाला नइखे जवना से राहुल गाँधी पीएम बने के सपना देख पावसु.

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