पानी – जीवन के स्रोत

जिन्दा रहे खातिर पानी बहुत जरुरी होले. पानी का बिना हमनी का कुछेक दिन से बेसी ना जी सकी. शरीर के सगरी आवश्यक क्रिया पानिये का सहारे भा ओकरा मौजूदगी, समिलात में अउर ओकरे से होला. पर्याप्त मात्रा में पानी ना पियला से शरीर में पानी के कमी हो जाले आ एके दिन में शरीर के कुछ अंग पर ओकर खराब असर पड़ सकेला. गरमी का मौसम में खूब पानी पिये के जरुरत के रेघरियावत हम शरीर में पानी के कुछ इस्तेमाल लिखे जा रहल बानी…

१, शरीर के हर कोशा हर रेशा तक पानी पोषक तत्व चहुँपावेले.
२. शरीर से मल उत्सर्जन में सहायता करे ले आ गुर्दा के सही तरीका से काम करे खातिर जरुरी होले.
३. पानिये का सहायता से शरीर के पाचन रस भोजन के मुलायम बनावेले, घुला के आ तरल बना के पचावे के काम आसान करेले.
४. देह में चयापचय के सगरी काम में पानी सहायता करेले.
५. पाचन क्रिया का बाद उर्जा के कारगर उत्पादन में पानी काम आवेला.
६. पाचनतंत्र नलिका में भोजन पानी का सहारे आगा बढ़ेला.
७. हड्डी के जोड़, देह के भीतरी अंग, आँख, नाक, श्वास नलिका, फेफड़ा वगैरह के सहज रुप से नम बनवले राखेले.
८. गर्भावस्था में भ्रूण आ गर्भस्थ शिशु के तैरे के माध्यम बनेला आ ओही का माध्यम से शिशु के पोषक तत्व मिलेला आ मल के निकासी होला.
९. पानी में घुलल सोडियम पोटाशियम क्लोरिन वगैरह एलेक्ट्रोलाइट से शरीर के संवेदी तंत्र काम करेले.
१०. शरीर का भीतर के क्षार आ अम्लीय संतुलन बनवले राखे में सहायता देले.
११. पानी में घुलनशील विटामिन के शरीर के कामे ले आवेले.
१२. शरीर के तापमान सामान्य राखे में सहारा देले.

वगैरह, वगैरह.

शरीर के जरुरत पूरा करे खातिर करीब दू लीटर पानी रोजाना चाहीं. अब ई पानी पानी का रुप में, फल, सब्जी, रस, चाय, दूध, सूप, दाल वगैरह से मिल सकेला. मोटापो कम करे में पर्याप्त पानी के जरुरत पड़ेला काहे कि पानी का सहारे देह फालतू कैलोरी जरावेला. देह में पर्याप्त पानी से चेहरा के चमक, त्वचा के मुलायमियत वगैरह बरकरार रहेला आ ई सबले बढ़िया डिटाक्सीफाईंग साधन ह.

एह जानकारी का बाद आशा बा कि अबकी का गरमी में हमनी का अपना शरीर के पूरा मात्रा में पानी उपलब्ध कराएम जा. गरमी का मौसम में पूरा पानी पियला के पहचान इहे होला कि पेशाब में कवनो रंग ना आ पावे आ ऊ पानी का तरह होखे.


ममता सिंह के अबले तीन गो किताब अंगरेजी में प्रकाशित हो चुकल बा. Migraines For The Informed Woman (Rupa & Co. Publishers), Mentor Your Mind (Sterling Publishers. EDR: April 2011) आ Rev Up Your Life! (Hay House India. EDR: June 2011). अकरा अलावे ममता सिंह हॉलिस्टिक हेल्थ थेरापिस्ट के प्रमाणित डिप्लोमा होल्डर, अमेरिका में आईएफए प्रमाणित एरोबिक इन्स्ट्रक्टर आ स्पोर्ट्स न्यूट्रनिस्टो हई. ममता सिंह दुनिया भर में अनेकन वेबसाइटन पर स्वास्थ्य आ फिटनेस पर नियमित रुप से लिखत रहेली. अपना व्यस्त समय में से कुछ कुछ ऊ अँजोरियो खातिर लिखत रहे के आश्वासन दिहले बाड़ी. जल्दिये ममता सिंह के लिखल पोस्ट अँजोरिया पर प्रकाशित होखल करी.

ममता सिंह से संपर्क खातिर

Website – www.fullbloomfreelance.com
Follow Me on Twitter – @MamtaSingh_

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2 Comments

  1. सादर आभार ए बहूमूल्य जानकारी खातिर।
    एकदम सही कहल गइल बा….जल ही जीवन है….ए में कवनो दुराइ नइखे।
    हमके कुछ दिन पहले एगो मेल मिलल रहे..जवने में पानी के महत्ता बतावल गइल रहे…अउर गाँव-घर में भी हम बड़-बुजुर्ग के सबेरे-सबेरे विछौना पर उठते बसिया पानी पियत देखले बानी…जवने की वजह से उ लोग पेट की बेमारी से दूर रहेला अउर अगर पेट की बिमारी से दूर रहल जाव त बाकी कवनो बेमरिए ना होई…
    आईं हम ओ मेल के इहाँ दे रहल बानी जवने में इ बतावल गइल बा कि सबेरे-सबेरे खाली पेटे पानी पियले के का का फायदा बा….

    आजकल जापान में लोग सबेरे-सबेर उठि के खूब पानी पियता…अउर पानी के महत्ता वैज्ञानिक स्तर पर भी सिद्ध हो चुकल बा…आज छोट चाहें बड़ हर परकार की रोग में जल-चिकित्सा बहुते कारगर बा…अरे भाई-बहिनी इ फ्री में ही उपलब्ध भी बा…पानी से शत-प्रतिशत नीचे दिहल रोग ठीक हो जाला..इ हम नइखीं कहत..इ त जापान के चिकित्सा सोसाइटी कहतिया..सरदर्द, बदन दर्द, दिल संबंधी रोग..जइसे धड़कन आदि के बढ़ल, मोटापा, अस्थमा, टीबी, कीडनी अउर पेसाब संबंधी रोग, मधुमेह, पथरी, आँखि, कान, नाक, गला के रोग, अरे भाई-बहिनी यहाँ तक की कैंसर भी। इ सब रोग जल चिकित्सा से दूर हो जाला…
    अब आईं उपचार के तरीका देखि लीं-
    1. एकदम सबेरे बिछौना पर से उठते ही बिना मुँह-उँह धोवले कम से कम चारि गिलास पानी पीं…अगर तांबा की लोटा में रातिए खान से तोपि के धइल होखे त अति उत्तम.
    2. एकरी बाद ब्रस-ओरस करीं, मतलब दैनिक क्रिया पर 45 मिनट ले कुछ खाईं मत…(पर इहाँ हम इ कहल चाहबि की खर न होखे ए से तनिसुख मिट्ठा खा के तनिसुख पानी पी लीं..इ हम कहतानी…इ ओ मेल में नइखे लिखल)
    3. 45 मिनट की बाद जवन-जबन मन करें खाईं..
    4. नास्ता, खाना की बाद लगभग लगभग 1-2 घंटा ले कुछ खाईं मत..कहले के मतलब इ बा की बराबर मुँह मत चलाईं।
    5. 5 गिलास ना पी सकेनीं त 2 चाहें 1 क्के गिलास पानी पीं.

    अब आईं इ जान लीं की पानी पियले से कवन बेमारी केतना दिन पानी पियले से ठीक चाहें कंटरोल में हो जाई…

    1.उच्च रक्त चाप..हाई ब्लड प्रेसर..आपन भासा कम अंग्रेजिए रउआँ सब के जेयादे समझ में आई..इ त दुरभाग्य बा…हा हा हा ..एकरा खातिर 45 दिन ले रोजों पानी पीं।
    2. गैस्टिक खातिर 10 दिन।
    3. कैंसर खातिर 180 दिन।
    4. टीबी खातिर 90 दिन..अरे महराज हम त इ कहबि की जीबन भर पानी पियले में कवन नुकसान बा।
    चलीं…एकर कवनो साइडो इफेक्ट नइखे।
    त खूब पानी..खाली सबेरवें ना..हरदम पीयत रहीं…देखीं एसे केतना फायदा बा…त जब पानी एतना काम के बा त एके बरबादो होखले से बचाईं।।
    सादर।।

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