पासवर्ड से छुटकारा नइखे

– डॉ॰ उमेशजी ओझा

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हमनी के अइसन जुग से गुजरत बानी जा जवना में खाली कम्प्यूटर आ इलेक्ट्रोनिके बा आ एकनी के चलावे खातिर तरह-तरह के पासवर्ड काम में ले आवल जाला. आखिर काहे ना कइल जाउ जब कम्प्यूटर आ अइसने सामान में आदमी के बहुते जानकारी मौजूच रहे के बा. एह सगरी जानकारी के ताला में बन्द राखही के पड़ी कि दोसर केहू एह जानकारी के चोरा भा गलत इस्तेमाल मत कर लेउ. बाकिर अगर राउर पासवर्ड लकीर से हट के अलगा तरह के नइखे त राउर डाटा सुरक्षित नइखे. कमजोर पासवर्ड राखल ओही तरह के बात होला जइसे दरवाजा पर ताला मार के चाभी उपर खूंटी पर लटका दिहल जाव. अगर राउर पासवर्ड कमजोर बा त रउरा संसाधनन के दोसरो लोग गलत इस्तेमाल कर सकेलें आ इहो हो सकेला कि कवनो अपराधी अपराध क जाव आ दोस रउरा कपारे लगा दिहल जाउ.

रउआ अपना चारो ओरि नजर उठाके देखी त पाइब कि हर काम हर ऑफिस में कम्प्यूटर प हो रहल बा आ ओकरा साथे ओकर पासवर्डो जुड़ल बा. जइसे कम्प्यूटर के पासवर्ड, ई मेल एकाउंट के पासवर्ड, ए.टी.एम. कम डेबिट कार्ड के पासवर्ड, जतना तरह के क्रेडिट कार्ड बा उनकर पासवर्ड, फोन बैंकिग के पासवर्ड, रेल टिकट बुकिंग के पासवर्ड आदि कतने तरह के पासवर्ड बा. जइसे-जइसे समाज आगे बढत बा पासवर्डो के तदादो बढ़ल जात बा. रउरा सभे खातिर सलाह बा कि आपन सभ पासवर्ड ईयाद राखीं. कतहीं लिख के रखला से उ लीक हो सकेला. रउरा से इहो आशा बा कि आपन पासवर्ड पेचिदा बनाइब. मतलब कि पासवर्ड में कम से कम एगो कैपिटल अक्षर, स्माल अक्षर, आ अंक जरूर होखे आ पासवर्ड जतना बड़ होखे ओतने बढ़िया. कुछेक जगहा पासवर्ड में विशेषो अक्षर डाले के सुविधा मिलेला आ तब ओकर इस्तेमाल जरूर होखे के चाहीं. बीच बीच में आपन पासवर्ड बदलतो रहीं. कई जगहा त नियम बा कि 90 दिन बाद पासवर्ड बदलहीं के पड़ी.

अब सवाल ई बा कि अतना ढेरि पासवर्ड ईयाद कईसे राखल जाउ? एह प रउरा सभे नियम कानून के एक ओरि ढकेलल शुरू कर देनी आ पासवर्ड खातिर कवनो आसान शब्द चुन लिहिलें. कुछ लोग लिख के राख लेला. जानकार लोग बतावत बा कि बहुते सारा लोग ई गड़बडी कके शार्टकट अपनावेला. लीक भइल पासवर्डन के एगो विश्लेषण में देखे के मिलल कि लगभग 10 प्रतिशत लोग पासवर्ड में ‘1234‘ के उपयोग करत रहले. वइसहीं ‘पासवर्ड‘, ‘वेलकम‘, ‘123456‘ जइसन पासवर्डनो के उपयोग रउरा सोचत होखब ओकरा से बेसी कइल जाला. ई लापारवाही खाली आमे आदमी ना करेले, बड़का जानकार आ रक्षा विशेषज्ञो कर लेलें. कहल जाला कि जब पूंजीवादी आ साम्यवादी देशन के बीच युद्व चरम प रहे तब अमेरिकी परमाणु मिसाइलन के सक्रिय करे वाला कोड ‘000000000‘ रहल!

ओही तरह बेर बेर नया पासवर्ड बनावे आ ईयाद करेके झंझट से बाचे खातिर लोग आसाने पासवर्ड बनावल पसंद करेलें काहे कि ओकरा के ईयाद राखल आसान होला. जानकार बतावत बाड़े कि पासवर्ड चोरी भा लीक होखे के खतरा हर समय बनल रहेला. एहसे जरूरी बा कि हमनी का आपन पासवर्ड बहुते सोच समुझ के बनाईं. देखल गइल बा कि जतना लमहर पासवर्ड होखे ओकर हैक होखे के खतरा ओतने कम होला. बढिया पासवर्ड बनावे ला कवनो अजीबोगरीब घटना के, कवनो मुहावरा के, कवनो कहाउत के इस्तेमाल कइल जा सकेला. कबो ओह शब्दन के इस्तेमाल ना होखे के चाहीं जवन कवनो शब्दकोश में मौजूद होखे. आपन टेलीफोन नंबर, गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर, जनम के तारीख वगैरह के इस्तेमाल ना होखे के चाहीं. मुहावरा कहाउतन के इस्तेमाल सहज होखे का साथही हैकरन खातिर मुश्किलो होला. अलग बाति बा कि रोज रोज हैकरो नया नया तरीका इजाद करत जात बाड़े.

हो सकेला कि एक दिन अइसन हो जाव कि पासवर्ड सुरक्षित राखल नामुमकिन बन जाउ. एहसे वैज्ञानिक आ कम्प्यूटर विषेषज्ञ अइसन तकनीक खोजे में लागल बाड़न जहाँ पासवर्ड निहन कवनो झंझटे ना होखे आ उ अधिका सुरक्षितो होखे. हो सकत बा कि भविष्य में कम्प्यूटर पासवर्ड ना पढे़. ओकरा जगहा ‘की पैड‘ प रउरा अंगुरी के दबाव, अंगुरियन के बीच के दूरी वगैरह जाँचल करे. एगो अंगूठी जइसन जंत्रो बनावे के कोशिश होखत बा जवना से कम्प्यूटर उपयोग करे वाला आदमी के शरीर से सूक्ष्म विद्युत तरंग छोडेल जाउ आ कम्प्यूटर के ‘की‘ के संदेश जाउ आ आदमी के पहिचान हो सके. अंगुरी के निशान चिह्ने वाला लैपटॉप त बनिए गइल बा. बाकि एह तकनीकन के विकसित होखे में समय लागी. जबले अइसन नइखे होत तब ले पासवर्डन से छुटकारा नइखे.


बढ़िया पासवर्ड बनावे के एगो नमूना –
एगो दोहा लीं ‘होइहें वही जो राम रचि राखा, को करि तरक बढ़ावही शाखा’. अब एकरा हर शब्द के पहिला अक्षर ले लीं.
hwjrrrkktbs
एहमें एगारह गो अक्षर मिल गइल. तीन बेर आर बा त दू बेर के. अब राम शब्द के आर के कैपिटल क दीं. दुसरका बेर वाल अक्षर खातिर 2 लिख लीं. तिसरका बेर वाला के स्माले रहे दीं. आखिरी अक्षर ओकरा हिसाब से बना लीं जहाँ एकर इस्तेमाल होखे के बा. बस तइयार हो गइल राउर पासवर्ड –
hwjR2rK2tbs#
भा
HWJr2Rk2TBS3
अइसने बहुते पासवर्ड बनावल जा सकेला जवन रउरा हिसाब से होखे. भोजपुरी में कहाउतन के कमी नइखे. रामचरितमानस के दोहा, चौपाई, कबीर, रहीम, सूरदास, तुलसीदास के कवनो कविता के कवनो उदाहरण पसन्द क लीं आ बना लीं आपन पासवर्ड.


UmeshOjha
लेखक परिचय :
वाणिज्य में स्नातकोत्तर, बी॰एच॰एम॰एस॰, आ पत्रकारिता मे डिप्लोमा लिहले उमेश जी ओझा साल 1990 से लिखत बानी. झारखण्ड सरकार में कार्यरत उमेश जी के लेख आ कहानी अनेके पत्र पत्रिकन मे प्रकाशित होत रहेला.
ई कहानी एगो साच घटना प आधारित बा. एकर सचाई के देखत एकरा मे स्थान आ पात्रन के नाम बदल दिहल गइल बा.

संपर्क सूत्र :
डॉ॰ उमेश जी ओझा,
39, डिमना बस्ती, डिमना रोड, मानगो, जिला – पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)
पिन – 831018
मोबाइल – 09431347437
email – kishenjiumesh@gmail.com

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