सत्ता के सटहा सट्टा के सटाकी साट दिहलसि पोसुआ मीडिया पर. एगो भोजपुरी कहाउत ह कि बड़ बड़ भूत कदम तर रोअसु मुआ माँगे पुआ. बाकिर बड़का भूतन पर से धेयान हटावे खातिर कवनो ना कवनो मुआ के खोज निकाले के पड़िए जाला. पिछला कई दिन से चौबीस घंटा चले वाला न्यूज चैनलन पर एके चरचा चलत बा क्रिकेटरन के सट्टाबाजी के. हालांकि सभे इहो जानत बा कि जवन मुर्गा पकड़ाइल बाड़न स तवन बस छोटका मुर्गा हउवन सँ. बाँग देत धरा गइल बाड़े सँ. बाकिर आगे चले से पहिले सट्टा के बात कर लिहल जाव. सट्टा एक तरह के अनुबंध होला जवना में दू आदमी का बीच में एगो समझौता होला. एक आदमी कुछ करेला आ दोसरका ओह कइला खातिर भुगतान देबेला. बाकिर तनी रूक जाईं. देबेला आ देबे ला में का फरक बा ? देबेला मतलब देला जबकि देबे ला मतलब भइल दिहला खातिर. भोजपुरी में ला के एह इस्तेमाल पर सावधानी से धेयान दिहला के जरुरत होला. ना त कहेला आ कहे ला के फरके खतम हो जाई. ओही तरह खातिर का साथे कई बेर हमनी का कह लिख देनी कि के खातिर. खातिर में के पहिलही से समाहित बा आ ओकरा के अलग से कहला के जरूरत ना होखे के चाहीं. खैर वापिस लवटल जाव सट्टा का तरफ. आजुकाल लगन के सीजन, मतलब कि शादी बियाह के दौर चलत बा आ एहमें साटा लिखे आ लिखवावे के बहुते जरुरत पड़ेला. बाजा वाला से, नाच वाला से, शामियाना वाला से, भोजन बनावे परोसे वाला से वगैरह वगैरह से साटा लिखवावल जाला कि फलां फलाँ दिने फलां फलां काम करी जवना का एवज में फलां फलां के एतना रुपिया दीहें. ई साटा मुँहजबानीओ हो सकेला आ कागजो पर बाकायदा लिखा पढ़ीओ में. कागज के फायदा ई होला कि ओकरा के पंचन का सोझा राखल जा सकेला. मुंह जबानी के कवन सुबूत. अब सुबूत आ साबूत के बात कइल जाव त एगो प्रमाण ह दोसरका साक्षात. आज पता ना काहे बात बेर बेर बहकि के लूप लाइन में चल जाता. से वापिस लवटत बानी आ अबकी सटहा से सटत बानी. हँ त सट्टा करे का आरोप में धराइल क्रिकेटरन के चरचा लगातार चलवला के एगो खास मकसद बा. ओहु पर धेयान दिआवल जरूरी बा. सत्ता के भठियरपन के अतना चरचा चलल कि सत्ता बेचैन हो गइल आ खोजे लागल कवनो अइसन मुद्दा जवना से लोग के धेयान सत्ता के सटाकी से हटावल जा सके. सटाकी स्लैक्स भा बहुते चुस्त कपड़ा के कहल जाला जवन देह से सटल रहो. त भठियरपन के चरचा सत्ता से अइसन सटल कि ओकर सटाकी बन गइल. सटाकी पहिरल उतारल आसान ना होले. बाकिर अपना कमजोरी से धेयान हटावे खातिर दोसरा के कमजोरी के, गलती के, पाप के चरचा बहुते कामे आ जाला. आजुकाल्हु इहे होखत बा आ लाखो करोड़ के घोटाला पर से धेयान हटावे ला सत्ता के सटहा के डर से पोसुआ मीडिया सट्टा का खबर से अइसन सटा गइल बाड़न कि छोड़वले नइखन छूटत जा. बात खतम करे के पहिले सटहा का बारे में जान लिहल जाव. सटहा छड़ी होले आ नाहियो होले. काहे कि छड़ी सूखल लकड़ी के होला आ सटहा हरियर कांच लकड़ी के. सटहा जब सटासट पड़े लागेला त टूटे ना जबकि छड़ी टूट सकेले. अलग बात बा कि चोट दुनु से ओतने लागेला. आ फेर सोचीं कि बा कि, बाकी, आ बाकि में का फरक होला ? कुछ कुछ रउरो सभे सोचल करीं. बतकुच्चन कला ह केहु कर सकेला.

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