भोजपुरिका पढ़े अइनी राउर स्वागत बा. बाकिर…

भोजपुरिहा लोग अइसे चाहे जतना बतकुच्चन कर लेव बाकिर वेबसाइट पर लिखल सामग्री का बारे में कवनो तरह के टिप्पणी करे से बहुते सकुचालें. कुछ लोग त एह से महटिया देला कि के आपन नाम आ ई मेल लिखो-बताओ. एह सकुचाहट का चलते पता ना चले कि रउरा भोजपुरिका के सामग्री लागत कइसन बा.

एह चलते एगो आसान तरीका अब दे दिहल गइल बा रउरा सभे के हथियार में. बिना केहू के आपन नाम बतवले रउरा हर सामग्री के मूल्यांकन कर सकीलें आ हर सामग्री के एक सितारा से लिहले पाँच सितारा के रेटिंग दे सकीलें. सबसे घटिया सामग्री के एक सितारा, मध्यम के तीन सितारा आ सबले बढ़िया के पाँच सितारा दे सकीलें. घटिया से मध्यम के बीच खातिर दू सितारा आ मध्यम से बढ़िया के बीच खातिर चार सितारा देवहूं के इंतजाम बा. फेर सोचे के का बा. सबले पहिले त एही सामग्री के मूल्यांकन क के आजमा लीं. राउर रायो जान जाएब आ राउऱ भेदो ना खुली. असल में अपना करीबी आदमी के बाउर बतावल बहुते कठिन काम होला. आ खराब सामग्री के प्रशंसो कइल नीक ना बुझाव. एहसे ई रेटिंग सिस्टम हमरा बहुते ठीक लागल.

एक बेर क्लिक करे के बा, बस! सामग्री के सबसे उपर दिहल खाली पाँच गो सितारा में से अपना हिसाब से नंबर दे दीं.

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3 Comments on "भोजपुरिका पढ़े अइनी राउर स्वागत बा. बाकिर…"

  1. डा. प्रकाश सिंह यादव | April 19, 2016 at 10:03 pm | Reply

    भइया हम हम बहुते खुश बानी ए वेबसाइट पर आ के
    बहुत बहुत धन्यवाद रउआ सबन के जे ए वेबसाइट के चला रहल बानी

    हमरा आपना भाषा भोजपुरी से बहुते प्रेम ह , हम चाहत बानी की भोजपुरी के भी एगो दर्जा मिलो
    जइसे बंगाली गुजराती अउर मराठी के मिलल बा

    बहुत ही आच्छा लागल हमके इ वेबसाइट जवन आपन भाषा आपन पहचान के बरकरार कर रहल बाडन

    • भाई जी,
      अउरी नीक लागी जब रउरो आपन लिखल रचना एहिजा प्रकाशित कइल करीं.
      राउर,
      – ओम

  2. महेंद्र तिवारी | June 29, 2015 at 9:03 pm | Reply

    ए भाय भोजपुरिका एह गुजरात में पढिके एइसन लगता हम लोग अपने माटी के भाषा से जुड़ जाई ला धन्यवाद भाय एकरा के चालू रखिहा इ विनती बाय नमस्कार जयराम

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