सेवा में
प्रधान मंत्री,
भारत सरकार
द्वारा – भोजपुरिका डाॅटकाॅम

महाशय,

हम रास बिहारी गिरी (रवि) आ भोजपुरीका वेबसाइट के जरिए रउआ से आपन दुखड़ा सुनावे के चाहत बानी. खराब लागी त ई समझ के माफ़ कर देम की ई एगो पीड़िता के अनदेखी से निकलल ब्यथा ह.

हमारा संगे पहिलहीं धोखा भइल राज्य के बँटवारा के नाम पर. हमके वोह समय यूपी, बिहार, अउर एमपइ में बाँट दिआइल आ अब त अउरी छितरा दीहल बा हमरा के, झारखण्ड, उत्तरांचल, अउर छत्तीसगढ़ बना के.

रउआ सभ के कहना बा कि हम राज्यभासा के अधिकारी नइखीं. राउर बात सही बा. हम राज्यभासा के लायक हइये नइखीं, हम त राष्ट्रभासा लायक बानी,

रउए देखीं, जवन भासा हिन्दुस्तान में हिंदी का बाद सबले अधिका जगहा बोलल जाला ऊ राज्यभासा कइसे हो सकेला, ऊ त राष्ट्रभासा बने के जोग बा आ हम चाहत बानी कि रउरा हमरा के हमार अधिकार दिआईं. जेहसे कि हम हिन्दुस्ताने ना हिन्दुस्तान के बहरो हिन्दुस्तान के गरिमा बढ़ाईं.

एमे राउर दोस नइखे. हमर संतान तनिको कमा लेलें त हमसे सौतेली माई लेखन बेवहार करे लागेलन. बाकिर हमरा नाम पर आपन दुकान जरूर चमकावेलन. ऊ सब कपूतन से हमर इहे निवेदन बा कि हमारा खातिर सोचऽ सन. हम मर जाएब त केकरा नाम पर तोहनी के दुकान चली?

जय हिन्द! जय भोजपुरी!

रउरा जबाब के इंतजार में
रउरा देश के एगो अभागिन भासा
भोजपुरी
मार्फत, रास बिहारी गिरी (रवि)


(सभकर राय वाला पन्ना पर दीहल एगो राय के संशोधित प्रस्तुति. सभकर राय पन्ना पर आपन राय देत रहीं, जवन नीमन लागी तवना के एही तरह खास बना के एहिजो परोस दीहल जाई.)

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