दि हिन्दू अखबार में आपन राय लिखत स्वपन दासगुप्ता लिखले बाड़न कि कांग्रेस आलाकमान से आपन संबंध भँजावत राबर्ट वाड्रा जवना तरह से कानून आ तरीका के फायदा उठावत आपन साम्राज्य खड़ा कइलन ऊ चिंता के बात बा. कांग्रेसियन के डर बा कि कहीं एहसे भाजपा आ खास कर के नरेन्द्र मोदी के फायदा मत हो जाव. ऊ लोग चाहत बा कि भठिरपन आ करिया कमाई से लड़े के समय फेरू मिल सकेला अबहीं नरेन्द्र मोदी के तानाशाही रवैया से लड़ल जरूरी बा.

भाजपो के कुछ लोग नरेन्द्र मोदी के बढ़त रुतबा से परेशान बा आ नइखे चाहत कि ऊ आगे बढ़सु. एह फेर में कांग्रेस के चाल में पड़ल उनुका फायदेमंद लागत बा. एही से गडकरी का खिलाफ भंडाफोड़ भइला का बादो एह मामिला के छोट बतावल जात बा आ राजनीति आ व्यापार के अलगा बतावे के कोशिश होखत बा. स्वपन दासगुप्ता आगे लिखले बाड़न कि ई बात ध्यान देबे जोग बा कि गडकरी के समर्थन में लालकृष्ण आडवाणी आ सुषमा स्वराज का अलावा कवनो दोसर बड़का नेता भा कवनो राज्य के मुख्यमंत्री सामने नइखन आइल.

दासगु्प्ता पूछत बाड़ें कि आम आदमी का फैसला करी ? कहीं कवनो खिसियाइल वोट त नइखे पड़े वाला अगिला लोकसभा चुनाव में ? शायद राजनीति करे के कवनो दोसरा तरीका के पक्ष में ? ओह हालत में साँपनाथ आ नागनाथ के फैसला कइसे होई.
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