greetingsfromNarendraModi
प्रिय मीत लोग,
आजु हमरा सरकार के एक महीना पूरा हो गइल. एह दौरान देश जन से अपार नेह छोह मिलल जवना से अउरी कड़ा मेहनत करे के बढ़ावा मिलल हमनी के.

पिछला सरकारन के सड़सठ बरीस का सोझा ई एक महीना के कवनो तुलना नइखे, बाकिर हम बतावल चाहब कि पिछला एक महीना का दौरान हमनी के गोल आपन हर पल जनता के भलाई ला काम करे में लगवलसि. हमनी के हर फैसला देश हित के धेयान में राखत कइल गइल.

एक महीना पहिले जब हमनी के सरकार बनवनी जा, हमार सोच रहल कि हम एह जगहा ला नया बानी आ कुछ अउर लोग के सोच रहल कि केन्द्र सरकार के काम करे के तरीका जाने सीखे में हमरा नाहियो त साल दू साल लागे के बा.

बाकिर हमहन के सौभाग्य कि, एक महीना बाद उ सोच हमरा दिमाग में नइखे रहि गइल. हमार आत्मविश्वास आ इरादा एह बीच तेजी से बढ़ल आ एकरा में हमहन के सामूहिक अनुभव आ हमरा मंत्रिमण्डलीय सहयोगियन के बुद्धिमानी का साथ ही चार बेर मुख्यमंत्री रहला के अनुभव के बड़हन हाथ बा. लोग के नेह छोह आ अधिकारियन से मिलत सहयोगो बहुत हद ले सहभागी बा एह आत्मविश्वास ला.

पिछला कुछ दिन से हम मंत्रियन आ विभिन्न विभागीय अधिकारियन संगे बइठक करत बानी जवना में उ लोग आपन विचार हमरा सोझा पेश करत गइल. ई बाति जरूरे बतावेजोग बा कि एह विचार प्रस्तुतियन से नया नया विचारन के बढ़िया से आदानप्रदान भइल आ हमनी का सोझा अलग अलग मंत्रालयन आ विभागन ला आगा के शानदार रोडमैप बनावे में सफलता मिलल बा.

अनेके राज्यन के मुख्यमंत्री लोगन से एह बीच भेंट भइल आ ऊ लोग आन शुभकामना दिहला का साथे अपना अपना राज्य के समस्यो का बारे में बतावल. एह लोग का साथे आवे वाला समय में मिल के काम करे के मौका तिकवत बानी हम.

हम सोचतानी कि बहुते अइसन विषय बा जवना में सुधार के भरपूर गुंजाइश बा. हमरा सोझा दिल्ली में बड़हन चुनौती बा एगो चुनिन्दा समूह के अपना इरादा आ देश के हालात में सकारात्मक बदलाव ले आवे के आपन विश्वास का बारे में सहमत करावल. एह समूह में प्रशासनिक व्यवस्था का साथही प्रशासन से बाहरो के लोग शामिल बा. एह बीच बहुते कुछ अइसनो भइल जवना प हमहन के सरकार के कवनो वश ना रहल, तबहियो ई लोग विवाद उठावत रहऽता. हम केहु पर अछरंग नइखीं लगावत बाकिर ई जरूर महसूस करे लागल बानी कि अइसन व्यवस्था बनावल जरूरी बा जवना से सही लोग के सही समय प सही जानकारी चहुँपावल जा सके. शायद एह से हालात में बढ़िया सुधार हो पाई.

हर नया सरकार के एगो समय मिलत आइल बा जवना के मीडिया के बंधु लोग ‘हनीमून पीरियड’ कहेला. पिछला सरकारन के त एह ‘हनीमून काल’ के सौ सौ दिन ले आ कई बेर ओहू ले बेसी दिन ले लमरावे के मौका मिलत आइल बा. कवनो अचरज ना कि हमरा के ई मौका तनिको ना मिलल. सौ दिन त भुलाइए जाईं, तरह तरह के आरोप लगावल सौ दिन भितरे शुरु क दिहल गइल बा. बाकिर जब केहू देश सेवा के अकेला लक्ष्य ले के चलल बा त ओकरा ला एह बातन के कवनो महत्व ना होखे. एही से हमहू काम कइले जात बानी आ एकरे से बहुत संतोष मिलत बा.

26 जून हमरा ला बहुते खास तारीख बा. एह दिन देशजन के अभिलाषा पूरा करे का दिशाईं हमरा सरकार के पहिला महीना पूरा भइल बा. एह तारीख के एगो अउर महत्व बा जब साल 1975 में हम ओह दौर के देखनी जवन हमरा के सिखवलसि कि जियतार लोकतंत्र के खासियत का होले. एही दिन देश में आपातकाल के शुरूआत भइल रहे जब एकरा पिछले साॅझ देश में आपातकाल लगा दिहल रहुवे. ओह बिपतवाला दिन के बहुते यादगार बा हमरा नवही मन में.

हमनी के इतिहास में बहुते अन्हारपक्ष का रूप में आपातकाल दर्ज बा आ ई एगो तकलीफदेह तरीका से याद करावेला कि बोले के आजादी, प्रेस, अभिव्यक्ति, आ विपक्ष के दबावला के खतरा का होला. अगर हमनी का बोले आ अभिव्यक्ति के आजादी ना दे सकीं त हमहन के लोकतंत्र जिन्दा ना रहि पाई. आज उहो दिन ह जहिया एह मूल्यन में हमनी के निष्ठा दरसावे के जरूरत बा साथही बढ़िया सरकार का जरिए एह तरह के मजबूत संस्थान बनवला के जरूरत जेहसे आपातकाल जइसन दौर दुबारा ना आ पावे.

एक बेर फेरू हम भारत के जनता के प्रणाम करत बानी जे एह बीच हमनी के आपन पूरा समर्थन दिहलसि आ शुभकामना जतवलसि. हम भरोसा देत बानी जे आवे वाला बरीसन में हमनी का समर्पित बानी जा भारत के अउरी उँचाई ले चहुँपावे के.

रउरे सभे के,
नरेन्द्र मोदी


(भारत सरकार में मोदी मंत्रिमंडल के एक महीना बितला पर मोदी के ब्लाॅग से अनूदित)

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