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भोजपुरिका अबले ओही राह पर चलत आइल जवन अँजोरिया देखवले रहुवे. भोजपुरी के बढ़ावा देबे का मकसद से एहिजा हर प्रचार सामग्री के प्रकाशित कर देबे के परंपरा रहुवे. कई बेर एह जानकारी का बावजूद कि फिलिम पिटा गइल बिया ओकर प्रचार सामग्री प्रकाशित करत रहल बानी. बाकिर खस्सी के माई कब ले खरजिउतिया मनाई? एक ना ए दिन त बतावहीं के पड़ी कि राजा दिव्य वस्त्र नइखन पहिरले, असल में उ लँगटे बाड़न.

साँच कहीं त भोजपुरी के हाल खराब बा. कुछेक साहित्यकारन आ प्रकाशकन के छोड़ दीं त अधिका लोग बस खानापूर्ति करे में लागल बा. भोजपुरी से जुड़ल वेबसाइट होखऽ सँ, भा संस्था सम्मेलन. सभकर हाले ना चालो खराब बा. कवनो भोजपुरी संस्था भा सम्मेलन में अतना बेंवत नइखे कि उ भोजपुरी में आपन सगरी कार्यक्रम चला पाओ, भोजपुरी में आपन विज्ञप्ति जारी कर पाओ. भोजपुरी का नाम पर सगरी धंधा हिन्दी आ अंगरेजी में होखत बा.

हम चूंकि नेट पर बानी एहसे नेट के थोड़ बहुत जानकारी जे हमरा बा ओहसे इहे पता चलेला कि :

  • अधिकतर लोग भोजपुरी के फूहड़ गाना भा वीडियो ‘सर्च’ से खोजत रहेलें.
  • स्तरीय रचना में बहुते कम लोग के रुझान बा.
  • अधिकतर वेबसाइट अंगरेजी भा हिन्दी में चलत बाड़ी सँ आ हर जगहा एह फूहड़ सामग्री के भरमार बा.
  • भोजपुरिया लोग केहू के बड़ाई करे में सकुचाला आ हर आदमी के कमजोरी बतावे में सबले आगा रहेला.
  • भोजपुरी के साहित्यकार नेट पर ना आवसु. अधिका लोग के एकरा जानकारी नइखे भा कंप्यूटर के इस्तेमाल ना कर पावसु.
  • अइसना लोग के बेहद कमी बा जे अपना पैसन का चलते भोजपुरी खातिर समय भा धन दे सके. आ भोजपुरी प्रकाशन के अइसन हालत नइखे कि उ केहू के धन दे सको.

हम कई बेर चहनी कि एगो गोल बनावल जाव जे भोजपुरी खातिर कुछ करे के चाहत होखे. बाकिर अधिकतर लोग के आपने गाल बजावे से फुरसत नइखे जे ‘दोसरा’ खातिर कुछ कर सके.

एहसे हम तय कइनी ह कि भोजपुरी सिनेमा के प्रचार से जुड़ल अनर्गल सामग्री के प्रकाशन अब ना होखल करी. फिलिम, फिलिमकारन, फिलिम तकनीशियन, आ फिलिमी कलाकारन के प्रचार से जुड़ल सामग्री तबे प्रकाशित करब जब उ लोग एह बात के अनुबन्ध करे ला तइयार हो जाई. एहसे जवन धन मिली तवना के इस्तेमाल भोजपुरिका के बढ़ावे में कइल जाई. ना मिली तबो कवनो बाति नइखे. जइसे पहिले चलत रहुवे वइसहीं आगहूं चलत रही भोजपुरिका.

भोजपुरी सिनेमा से जुड़ल हर आदमी के चुनौती देत बानी जे हमरा के बता देव कि कवना साइट पर भोजपुरी में भोजपुरिका ले बढ़िया काम होखत बा. अगर अइसन कवनो साइट बा त भोजपुरिका के कवन जरूरत, आ नइखे त एकरा जिए खाए के इंतजाम त करहीं के पड़ी. हिन्दी से भोजपुरी अनुवाद करे में लागे वाला समय तब हम दोसरा काम में लगा पाएब जइसे कि भोजपुरी शब्दकोश के काम, भोजपुरी के एगो मानक रूप बनवावे के काम, भोजपुरी के अनलाइन अखबार ‘टटका खबर’ के मजगर बनावे के काम.

काम बहुते बा. बाकिर कुछ भामाशाहो के जरूरत बा भोजपुरी के. बा केहू त आगा आवे!
रउरा सभे के,
ओमप्रकाश

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