भारत सरकार के हालत अतना बेचारा वाला कबहू ना भइल रहे, तबहियो ना जब कुछ आतंकवादी एयरइण्डिया के जहाज अपहृत कर के कान्धार ले के चल गइल रहले सँ. तब जनता के दबाव में जहाज में सवार लोग के छोड़ावे खातिर सरकार के ऊ काम करे के पड़ल रहे जवना खातिर आजु ले लोग राजग सरकार के दोषी ठहरावेला.

आजु ओहू ले दयनीय हालत में नजर आइल बिया केन्द्र सरकार. पहिले त अन्ना के गिरफ्तार कर लिहल गइल आ कहल गइल कि एहमें सरकार के कवनो हाथ नइखे आ सगरी फैसला दिल्ली पुलिस के बा. बाद में गृहमंत्री पत्रकारन से कहलन कि ई फैसला बहुते मजबूरी मे लेबे के पड़ल रहे. अम्बिका सोनी कहली कि केहू कतनो बड़ आदमी होखो ओकरो पर उहे नियम लागू होला जवन कवनो आम आदमी पर.

अन्ना के गिरफ्तारी का बाद जब पूरा देश में अन्ना खातिर जयकारा लागे लागल आ लोग प्रदर्शन करे लागल त कहल गइल कि राहुल गाँधी आ मनमोहन सिंह के बातचीत का बाद अन्ना के बिना शर्त रिहा कर देबे के फैसला लिहल गइल. बाकिर अबकी फेर तुरुप के इक्का अन्ना के हाथ में रहल. ऊ जेल से बाहर आवे खातिर शर्त राख दिहलन कि उनुका के सरकार आ पुलिस लिखित में देव कि उनुका के जेपीपार्क में अनशन करे दिहल जाई.

एह नया शह पर सरकार के माथा घूम गइल बा. मात मान ना सके आ शह का खिलाफ किलाबन्दी करे के सुविधा बाचल नइखे. अब करो त का करो. अबही जब हम ई लिख रहल बानी तब सरकार के कहना बा कि ऊ कड़ाईयो से पेश आ सकेले. अरे भाई त के रोकले बा ? भोरे से करत का बाड़ऽ ? गिरफ्तार कइल कड़ाई से पेश आवल ना होला का ?

दोसरे अगर अन्ना का खिलाफ कड़ा कार्रवाई का पहिले राहुल गाँधी, मनमोहन सिंह आ अहमद पटेल के बईठका भइल रहे त तब काहे ना दोष राहुल पर लगावल गइल जवन अब राहुल के सफलता बतावे मे हो रहल बा कि उनुके कहना पर सरकार अन्ना के बिना शर्त रिहा करे के फैसला कइले बिया.

गलती भइल त दोष दिल्ली पुलिस का कपारे कुछ निमन हो जाव त वाहवाही राहुल का माथे ! कटहर के कोवा तू खइलऽ त ई मोटकी मुगरिया के खाई ?

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