राउर अँजोरिया अब आउर अँजोर हो गइल

नया साल के छुट्टी के हम कुछ बढ़िया इस्तेमाल कर लिहनी आ अँजोरिया के बिखरल परिवार के एक जुट कर दिहनी. गाँव समाज में संयुक्त परिवार के हमेशा से बढ़िया मानल गइल बा. एकल परिवार आजादी जरुर देला बाकिर सुरक्षा देबे में कमजोर पड़ जाले.संयु्क्त परिवार में कमजोरो सँवाग के गुजर बसर बढ़िया से हो जाले. परम्परा से चलत आ रहल एह प्रबन्ध के तुलना कवनो सामाजिक सुरक्षा योजना ना दे सके. अँजोरिया परिवार के सवाँग अलग बिलग डेरा जमवले रहलें हँ आ एकरा खातिर परिवार के मुखिया के कमजोरी एगो बड़हन कारण रहल ह. अब ओह कमजोरी के दूर कर के सभके एके छत के नीचे ले आइल बानी. बाकिर जवन बेटा पतोहू अतना दिन से आजादी के आनन्द लिहलें उनका के अचके में कवनो सीमा में बान्हलो ना जा सके. एह सच्चाई के सकारत हर सवाँग अपना में आजाद बा, बाकिर परिवार का सीमारेखा का भीतर.

हमार एगो मित्र कुछ साल पहिले अइसने करे के सुझाव दिहले रहलें. तब हमरा लगे अतना योग्यता ना रहुवे कि एकरा के फलीभूत कर सकतीं. बाकिर सलाह दिमाग में नाचत रहुवे. अब जा के ओकरा के हकीकत में बदल सकल बानी. ओह मित्र के लाख लाख धन्यवाद !

अब अँजोरिया का सबडोमेन का रुप में टटका खबर, भोजपुरी डिक्शनरी, आ सिने भोजपुरी के ले आइल बानी. अँजोरिया के मूल रुप से साहित्यिक आ सामाजिक सरोकार वाली साइट बना के रखल जाई. आशा बा कि ई परिवर्तन अँजोरिया के महत्व बनावे बढ़ावे में सफल रही काहे कि इन्टरनेट पर कवनो साइट के महत्व ओकर पाठक आ पढ़ल पन्ना के गुणनफल पर निर्भर करेला.

नया साल के इहो एगो योजना रहल ह जवन आजु पूरा हो गइल.

रउरा सभे के धन्यवाद देत,
राउर,
संपादक, अँजोरिया

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1 Comment

  1. संपादक जी प्रणाम !
    अँजोरिया परिवार में हम जइसन दुबर-पातर सवाँग के सुरक्षा देबे वाला बरियार मुखिया मिल गइल आउर का चाहीं .निक लागल राउर
    साहित्यिक विचार . बहुत -बहुत धन्यवाद !
    राउर
    ओ.पी .अमृतांशु

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